Swine Flu Cases Delhi: दिल्ली में H1N1 के 1,777 केस आने के बाद हेल्थ मिनिस्ट्री ने लोगों को अलर्ट किया है। जानें स्वाइन फ्लू क्या है, शुरुआती लक्षण और बचने के उपाय।
Swine Flu Prevention Guidelines: दिल्ली में स्वाइन फ्लू (H1N1) के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, जिसने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय (MoHFW) ने शनिवार को लोगों को अलर्ट करते हुए अपील की है कि वे इसके शुरुआती लक्षणों को पहचानें और स्थिति गंभीर होने से पहले तुरंत डॉक्टरी सलाह लें। मंत्रालय के मुताबिक बुखार, खांसी, गले में खराश, सिरदर्द, नाक बहना, शरीर में दर्द और थकान जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। आइए जानते हैं H1N1 क्या है, कैसे फैलता है, इसके शुरुआती लक्षण कैसे होते हैं और हेल्थ मिनिस्ट्री ने क्या एडवाइजरी जारी की है...
दिल्ली में तेजी से बढ़ रहा है H1N1
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने शुक्रवार को दिल्ली में इन्फ्लूएंजा और वेक्टर जनित बीमारियों से निपटने की तैयारियों का विस्तृत जायजा लिया। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा ताजा आंकड़ों से लगाया जा सकता है। इस साल अब तक दिल्ली में इन्फ्लूएंजा-A के 2,392 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें से 1,777 मामले अकेले H1N1 (स्वाइन फ्लू) के हैं।
H1N1 क्या है और इसे लेकर क्यों बढ़ रही टेंशन?
H1N1 इन्फ्लूएंजा A वायरस का एक प्रकार है, जिसे आम बोलचाल में स्वाइन फ्लू कहा जाता है। यह श्वसन तंत्र (Respiratory System) को प्रभावित करता है और संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से निकलने वाली बूंदों के जरिए दूसरे व्यक्ति तक पहुंच सकता है। मेडिकल एक्सपर्ट्स के मुताबिक संक्रमित व्यक्ति के बेहद करीब रहने या उसके साथ लंबे समय तक संपर्क में रहने से भी संक्रमण फैलने का खतरा हो सकता है। इसलिए घर, ऑफिस, स्कूल या किसी भी भीड़भाड़ वाली जगह पर सांस से जुड़ी बीमारी के लक्षण होने पर सावधानी बरतना जरूरी है। NCDC (National Centre for Disease Control) की ऑफिशियल वेबसाइट पर सीजनल इन्फ्लूएंजा (H1N1) के लिए आम लोगों की जानकारी के साथ-साथ तकनीकी गाइडलाइंस,मरीजों की कैटेगरी, होम केयर और मास्क के इस्तेमाल से जुड़ी गाइडलाइंस उपलब्ध हैं।
H1N1 के शुरुआती लक्षण कौन-कौन से हैं?
स्वास्थ्य मंत्रालय ने H1N1 से जुड़े कई ऐसे लक्षण बताए हैं, जो शुरुआत में दिखाई दे सकते हैं। ऐसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
- तेज बुखार, लगातार खांसी और गले में खराश।
- सिरदर्द, बहती नाक और गंभीर बदन दर्द।
- बहुत ज्यादा थकान, सुस्ती और अचानक भूख कम हो जाना।
- कुछ मामलों में मतली, उल्टी, दस्त और जोड़ों व मांसपेशियों में दर्द।
तेज बुखार और बदन दर्द हो तो रहें अलर्ट
H1N1 में तेज बुखार, शरीर में दर्द और कमजोरी जैसे लक्षण परेशान कर सकते हैं। ENT और स्लीप एक्सपर्ट डॉ. (मेजर) राजेश भारद्वाज के अनुसार, 'H1N1 संक्रमण या स्वाइन फ्लू थोड़ा अधिक खतरनाक और गंभीर हो सकता है। यह खांसने या छींकने पर निकलने वाली रेस्पिरेटरी ड्रॉपलेट्स और संक्रमित व्यक्ति के निकट संपर्क से तेजी से फैलता है।'
सांस लेने में परेशानी को बिल्कुल न करें नजरअंदाज
अगर फ्लू जैसे लक्षणों के साथ सांस लेने में परेशानी होने लगे तो इसे सामान्य सर्दी-जुकाम मानकर घर पर इंतजार करना सही नहीं है। ऐसी स्थिति में डॉक्टर से जल्द मेडिकल सलाह लेना जरूरी है। खासतौर पर अगर लक्षण लगातार बने हुए हैं या तेजी से बढ़ रहे हैं, तो नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करना चाहिए। स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी लगातार बने रहने वाले लक्षणों को नजरअंदाज न करने और मेडिकल सलाह लेने की अपील की है।
H1N1 कैसे फैलता है?
H1N1 मुख्य रूप से संक्रमित व्यक्ति के सांस से निकलने वाली बूंदों के जरिए फैल सकता है। जब संक्रमित व्यक्ति खांसता या छींकता है तो आसपास मौजूद लोगों के संक्रमित होने का जोखिम बढ़ सकता है। इसके अलावा संक्रमित व्यक्ति के साथ नजदीकी संपर्क भी संक्रमण फैलने का कारण बन सकता है। यही वजह है कि बीमारी के लक्षण होने पर घर पर रहना, खांसते-छींकते समय मुंह और नाक ढंकना और हाथों की सफाई का ध्यान रखना जरूरी है।
H1N1 से बचने के लिए क्या करें?
दिल्ली सरकार और हेल्थ एक्सपर्ट्स ने संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए सावधानियां बरतने की सख्त सलाह दी है।
- अगर आप बीमार हैं तो संभव हो तो घर पर रहें और दूसरों के संपर्क में आने से बचें।
- खांसते या छींकते समय हमेशा अपनी नाक और मुंह को टिश्यू या रूमाल से कवर करें।
- हाथों की स्वच्छता बनाए रखें और उन्हें नियमित रूप से धोते रहें।
- भीड़भाड़ वाले और बंद (इनडोर) इलाकों में जाते समय मास्क का इस्तेमाल जरूर करें।
- लक्षण दिखने पर घर पर ही रहें और बिना डॉक्टरी सलाह के खुद से कोई भी दवा (Self-medication) न लें।
स्वाइन फ्लू में कब डॉक्टर के पास जाना चाहिए?
- स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, अगर बुखार, खांसी, गले में खराश, बदन दर्द या थकान जैसे लक्षण बने रहते हैं, तो मेडिकल सलाह लें।
- सांस लेने में परेशानी, बहुत ज्यादा कमजोरी, लगातार बिगड़ते लक्षण या गंभीर असहजता महसूस होने पर देरी नहीं करनी चाहिए।
- बच्चों, बुजुर्गों और पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों में फ्लू जैसे संक्रमण को लेकर अतिरिक्त सावधानी जरूरी हो सकती है।
- फ्लू जैसे लक्षण आने पर खुद से दवाईयां न लें, तुरंत डॉक्टर के पास जाएं।


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