मिर्जापुर रेलवे स्टेशन पर ब्रह्मपुत्र मेल से 23 वर्षीय संदिग्ध बांग्लादेशी युवक पकड़ा गया। पुलिस के मुताबिक उसके पास पासपोर्ट, वीजा या भारत में प्रवेश-निवास से जुड़े वैध दस्तावेज नहीं मिले। ATS, IB और LIU को सूचना दी गई है।
मिर्जापुर। ट्रेन में सफर कर रहे एक युवक की पहचान और दस्तावेजों की जांच ने शनिवार रात मिर्जापुर रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा एजेंसियों को सक्रिय कर दिया। गाड़ी संख्या 15658 ब्रह्मपुत्र मेल में जांच के दौरान RPF और GRP की संयुक्त टीम ने एक संदिग्ध विदेशी नागरिक को पकड़ा। पूछताछ में उसने खुद को बांग्लादेश का निवासी बताया।
पुलिस के मुताबिक, युवक की पहचान 23 वर्षीय मोहम्मद रियाज अहमद, निवासी हाबीगंज, बांग्लादेश के रूप में हुई है। जांच के दौरान उसके पास भारत में प्रवेश या यहां रहने से संबंधित वैध पासपोर्ट, वीजा या अन्य दस्तावेज नहीं मिले। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए LIU, ATS और IB को भी जानकारी दी गई है। फिलहाल युवक को GRP मीरजापुर के सुपुर्द किया गया है और मामले में मु.अ.सं. 155/2026 के तहत मुकदमा दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
ब्रह्मपुत्र मेल में चेकिंग के दौरान पकड़ा गया युवक
जानकारी के मुताबिक, शनिवार रात मीरजापुर रेलवे स्टेशन पर RPF और GRP की टीम सतर्कता के तहत चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान ब्रह्मपुत्र मेल में एक संदिग्ध विदेशी नागरिक को पकड़ा गया। पूछताछ के दौरान उसकी पहचान मोहम्मद रियाज अहमद के रूप में सामने आई।
सुरक्षा टीम ने उसके भारत में प्रवेश और निवास से जुड़े दस्तावेजों की जांच की, लेकिन उसके पास वैध पासपोर्ट, वीजा या अन्य संबंधित कागजात नहीं मिले। अधिकारियों के मुताबिक, युवक भारत में किस उद्देश्य से आया था और उसकी यात्रा का मकसद क्या था, इन बिंदुओं पर जांच की जा रही है।
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ATS और IB समेत सुरक्षा एजेंसियों को दी गई सूचना
मामले को संवेदनशील मानते हुए स्थानीय पुलिस और रेलवे सुरक्षा एजेंसियों ने इसकी जानकारी लोकल इंटेलिजेंस यूनिट (LIU), एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) और इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) को भी दी है। सुरक्षा एजेंसियां युवक से पूछताछ के जरिए उसके भारत आने, मीरजापुर पहुंचने और यात्रा से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही हैं। उसके संपर्कों और पृष्ठभूमि से संबंधित जानकारी की भी जांच किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, अभी तक उपलब्ध जानकारी के आधार पर युवक के किसी आतंकी संगठन या आपराधिक गतिविधि से जुड़े होने की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए जांच पूरी होने से पहले उसके बारे में किसी तरह का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
GRP मीरजापुर में दर्ज हुआ मुकदमा
आवश्यक पूछताछ और प्रारंभिक जांच के बाद संदिग्ध विदेशी नागरिक को GRP मीरजापुर के सुपुर्द किया गया। पुलिस ने मामले में मु.अ.सं. 155/2026 दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। अब जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि युवक भारत में कब और किस रास्ते से आया, उसके पास यात्रा से जुड़े दस्तावेज क्यों नहीं थे और मीरजापुर आने के पीछे उसका क्या उद्देश्य था। इन सवालों के जवाब जांच और उपलब्ध दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर सामने आएंगे।
मिर्जापुर में पहले भी सामने आ चुका है ऐसा मामला
पुलिस और स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, इससे पहले मिर्जापुर के डगमगपुर क्षेत्र स्थित एक क्रशर प्लांट से भी कुछ बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़े जाने की कार्रवाई सामने आ चुकी है। आरोप था कि संबंधित लोग बिना वैध दस्तावेजों के वहां काम कर रहे थे। हाल की इस घटना के बाद जिले में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान और दस्तावेजों की जांच को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पर चर्चा फिर तेज हो गई है। हालांकि, अलग-अलग मामलों के आधार पर यह निष्कर्ष निकालना कि मीरजापुर विदेशी नागरिकों के लिए कोई संगठित ठिकाना बन रहा है, फिलहाल जांच के बिना सही नहीं होगा। इस संबंध में यदि सुरक्षा एजेंसियों की जांच में कोई ठोस तथ्य सामने आता है, तभी तस्वीर स्पष्ट होगी।
मिर्जापुर में सुरक्षा एजेंसियों की बढ़ी सतर्कता
मिर्जापुर की भौगोलिक और धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थिति को देखते हुए रेलवे स्टेशन जैसे प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा जांच अहम हो जाती है। RPF और GRP की संयुक्त चेकिंग के दौरान संदिग्ध व्यक्ति की पहचान होना इसी सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा है। इस मामले में भी सुरक्षा एजेंसियों की आगे की जांच महत्वपूर्ण होगी। खासकर युवक के दस्तावेज, भारत में प्रवेश का तरीका, यात्रा का उद्देश्य और उसके संभावित संपर्कों से जुड़े सवालों के जवाब जांच के बाद ही सामने आएंगे।
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