Wrestler Deepak Doping Case: एशियन गेम्स 2026 से पहले भारतीय कुश्ती को बड़ा झटका लगा है। ग्रीको-रोमन पहलवान दीपक के डोप टेस्ट में बैन क्लोमीफीन मिलने के बाद उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया है।
Indian Wrestler Fails Dope Test: एशियन गेम्स 2026 की शुरुआत जल्द होने वाली है और भारतीय खिलाड़ी इसके लिए जोर-शोर से तैयारी कर रहे हैं। लेकिन खेलों के शुरू होने से पहले भारतीय कुश्ती के लिए एक और बुरी खबर सामने आई है। ग्रीको-रोमन पहलवान दीपक डोप टेस्ट में फेल हो गए हैं। उनके यूरिन सैंपल में प्रतिबंधित पदार्थ क्लोमीफीन पाया गया है। इसके बाद भारतीय कुश्ती महासंघ यानी WFI ने दीपक को एशियन गेम्स की टीम से बाहर करने का फैसला किया है। यह भारतीय कुश्ती के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि भारत पहले ही डोपिंग मामलों के कारण दो स्थान गंवा चुका है। आइए जानते हैं पूरा मामला।
शानदार प्रदर्शन के बाद बनाई थी भारतीय टीम में जगह
दिल्ली के 25 वर्षीय पहलवान दीपक ने इस साल 31 मई 2026 को लखनऊ में हुए सिलेक्शन ट्रायल में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारतीय टीम में जगह बनाई थी। इससे पहले उन्होंने फेडरेशन कप में भी पदक जीतकर सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा था। खास बात यह थी कि दीपक भारतीय डाक सेवा से एशियन गेम्स के लिए भारतीय टीम में जगह बनाने वाले पहले पहलवान बने थे। लेकिन टीम में सिलेक्शन के कुछ समय बाद ही उनका नाम डोपिंग मामले में सामने आ गया।
यूरिन सैंपल में मिला प्रतिबंधित पदार्थ
राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी यानी NADA की ओर से जारी नोटिस के अनुसार, सिलेक्शन ट्रायल के दौरान लिए गए दीपक के यूरिन सैंपल में क्लोमीफीन पाया गया है। क्लोमीफीन विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी यानी WADA की 2026 की प्रतिबंधित लिस्ट में शामिल है। इसे हार्मोन और मेटाबोलिक मॉड्यूलेटर्स की S4 लिस्ट में रखा गया है। नाडा के अनुसार, दीपक के सैंपल में 23 जुलाई को असामान्य नतीजे सामने आए थे। इसके बाद मामले की जांच की गई और 17 अगस्त को पहलवान के साथ बातचीत के बाद इसे आगे बढ़ाने का फैसला किया गया।
दीपक पर फिलहाल नहीं लगा अस्थायी बैन
नाडा की अधिसूचना में फिलहाल दीपक पर अस्थायी निलंबन लगाए जाने की बात नहीं कही गई है। इसका मतलब है कि जब तक उन पर आगे कोई निलंबन नहीं लगाया जाता, तब तक वह प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले सकते हैं। दीपक को बी सैंपल की जांच कराने का अधिकार भी मिला है। उन्हें नोटिस मिलने के सात दिनों के अंदर इसके लिए अनुरोध करना होगा। अगर बी सैंपल में भी क्लोमीफीन की पुष्टि होती है या वह बी सैंपल की जांच कराने से इनकार करते हैं, तो डोपिंग नियमों के उल्लंघन की पुष्टि हो सकती है।
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भारत पहले ही गंवा चुका है दो स्थान
यह एशियन गेम्स से पहले भारतीय कुश्ती टीम में डोपिंग का पहला मामला नहीं है। इससे पहले पुरुष फ्रीस्टाइल 86 किलोग्राम वर्ग के मुकुल दहिया और ग्रीको-रोमन 130 किलोग्राम वर्ग के दीपांशु भी डोपिंग मामलों में फंस चुके हैं। WFI के एक अधिकारी के अनुसार, अगर इन खिलाड़ियों के डोप टेस्ट के नतीजे समय पर मिल जाते, तो उनकी जगह दूसरे पहलवानों को एशियन गेम्स के लिए भेजा जा सकता था। लेकिन नतीजे देर से मिलने के कारण भारत अब तक इन स्थानों को गंवा चुका है। दीपक के मामले ने एशियन गेम्स से पहले भारतीय कुश्ती की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
एशियन गेम्स 2026 को लेकर पूछे जाने वाले सवाल
1. पहलवान दीपक के डोप टेस्ट में कौन सा पदार्थ मिला?
दीपक के यूरिन सैंपल में प्रतिबंधित पदार्थ क्लोमीफीन पाया गया है।
2. क्या दीपक एशियन गेम्स 2026 में खेलेंगे?
WFI ने डोपिंग मामले के बाद उन्हें एशियन गेम्स टीम से बाहर करने का फैसला किया है।
3. क्या दीपक पर अभी बैन लग गया है?
फिलहाल नाडा ने अस्थायी निलंबन की घोषणा नहीं की है। दीपक बी सैंपल की जांच का अनुरोध भी कर सकते हैं।
