Patna Bank Manager Death: ICICI मैनेजर अभिषेक वरुण का शव पटना में एक कुएं से बरामद हुआ। परिवार ने हत्या का आरोप लगाया है, जबकि पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है।

Patna Crime News: ICICI लोम्बार्ड के मैनेजर अभिषेक वरुण का शव सोमवार को पटना के बेउर थाना क्षेत्र स्थित एक खेत के कुएं से बरामद हुआ। घटनास्थल से उसकी स्कूटी, चप्पल और रूमाल भी बरामद किया गया। अभिषेक पिछले रविवार से लापता था और 14 जुलाई को कंकड़बाग थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।

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आखिरी बार एक पार्टी में देखा गया

परिवार के सदस्यों के अनुसार, अभिषेक रविवार रात रामकृष्ण नगर इलाके में एक पारिवारिक पार्टी में शामिल हुआ था। उसकी पत्नी और बच्चे रात करीब 10 बजे घर लौट आए, लेकिन अभिषेक वहीं रुक गया। रात करीब 1 बजे अभिषेक ने अपनी पत्नी को फोन किया और कहा, 'मेरा एक्सीडेंट हो गया है।' इसके बाद उसका मोबाइल फोन बंद हो गया और वह घर नहीं लौटा।

पुलिस क्या कहती है?

फुलवारी शरीफ के डीएसपी सुशील कुमार के अनुसार, 'अभिषेक रात 10 बजे गणपति उत्सव हॉल से निकला और सुबह 3 बजे तक परिवार से बात करता रहा।' जब वह घर नहीं पहुंचा, तो 14 जुलाई को गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। आज उसका शव मिला है। जांच के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट होगा।

एएसपी सदर अभिनव ने कहा, 'सीसीटीवी फुटेज में अभिषेक रात 10:48 बजे अकेले स्कूटी चलाते हुए दिखाई दे रहा है, हो सकता है कि उसने शराब पी हो और दुर्घटना हुई हो। लेकिन हम दुर्घटना, आत्महत्या या हत्या, सभी पहलुओं सें जांच कर रहे हैं।'

परिवार ने लगाया हत्या का आरोप

अभिषेक की सास संजू देवी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, 'मेरे बेटे को एक पार्टी में बुलाकर उसे कुछ पिलाया गया और फिर यहां लाकर फेंक दिया गया। जिसने उसे पार्टी में बुलाया था, वही ज़िम्मेदार है। कंकड़बाग में कोई उसे छू न सके, इसलिए उसे बाहर लाकर साजिश रची गई।

मृतक के साले ने भी हत्या का शक जताया है। उन्होंने कहा, 'अभिषेक का पैसों को लेकर एक दोस्त से पुराना विवाद था। वह दोस्त भी उस रात पार्टी में मौजूद था। हमें शक है कि इस हत्या में उसका हाथ हो सकता है।' अभिषेक के पिता वरुण मोहन झा ने भी अपने बेटे की मौत को एक सुनियोजित साजिश बताया और निष्पक्ष जांच की मांग की।

फिलहाल, पटना पुलिस ने घटनास्थल से मिले सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल और सबूतों के आधार पर जांच तेज कर दी है। पुलिस की प्राथमिकता यह पता लगाना है कि यह मामला दुर्घटना है, आत्महत्या है या सुनियोजित हत्या।