आशीष सूद ने GGSIPU छात्रों से करियर से आगे सोचने और नागरिक चुनौतियों के समाधान में योगदान देने की अपील की। PG नीति और स्टार्टअप पर भी बड़ा अपडेट।

नई दिल्ली। दिल्ली के उच्च शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के नए छात्रों से अपील की है कि वे केवल पारंपरिक करियर लक्ष्यों तक खुद को सीमित न रखें। उन्होंने छात्रों से कहा कि वे समाज और शहर के सामने मौजूद चुनौतियों को समझें और उनके समाधान में अपनी भूमिका निभाने के लिए आगे आएं। सूद बुधवार को विश्वविद्यालय में आयोजित ‘स्टूडेंट्स इंडक्शन प्रोग्राम 2026’ को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने नए बैच के छात्रों को ‘अमृत पीढ़ी’ बताते हुए कहा कि आने वाले समय में देश को विकसित बनाने में युवाओं की भूमिका बेहद अहम होगी।

GGSIPU Students: अधिकारों के साथ जिम्मेदारियों को भी समझें

उच्च शिक्षा मंत्री ने छात्रों से कहा कि विश्वविद्यालय में दाखिला केवल डिग्री हासिल करने या नौकरी पाने तक सीमित नहीं होना चाहिए। युवाओं को अपने अधिकारों और उपलब्ध अवसरों की जानकारी के साथ-साथ एक नागरिक के तौर पर अपनी जिम्मेदारियों को भी समझना होगा। उन्होंने छात्रों को समाज की वास्तविक समस्याओं से जुड़ने और उनके समाधान के लिए अपनी शिक्षा, कौशल और सोच का इस्तेमाल करने की सलाह दी। उनके मुताबिक, देश के विकास में युवाओं की भागीदारी सिर्फ रोजगार तक सीमित नहीं रह सकती।

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Delhi Higher Education: कैंपस सुविधाओं और PG व्यवस्था पर सरकार का फोकस

आशीष सूद ने कहा कि दिल्ली सरकार गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा के विस्तार, विश्वविद्यालयों में कैंपस सुविधाओं को बेहतर बनाने और छात्रों के लिए सुरक्षित व सहयोगी माहौल तैयार करने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों से जुड़ी PG सुविधाओं के नियामक ढांचे को मजबूत करने पर सरकार काम कर रही है। इसका उद्देश्य छात्रों को पढ़ाई के साथ रहने के लिए बेहतर और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है।

Startup Ecosystem: छात्रों के आइडिया को मिलेगा संस्थागत सपोर्ट

मंत्री आशीष सूद ने दिल्ली के स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने की सरकार की योजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित ‘इंक्यूबेशन पॉलिसी’ के जरिए छात्रों के नए और उपयोगी आइडिया को आगे बढ़ाने में मदद की जाएगी। इस नीति के तहत विद्यार्थियों को मेंटरशिप के साथ संस्थागत सहयोग उपलब्ध कराने की योजना है। इससे विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले युवाओं को अपने आइडिया को केवल प्रोजेक्ट तक सीमित रखने के बजाय उसे वास्तविक उद्यम में बदलने का अवसर मिल सकता है।

Social Media Content पर भी आशीष सूद ने छात्रों को किया अलर्ट

आशीष सूद ने छात्रों को सोशल मीडिया पर मिलने वाली जानकारी को लेकर भी सावधान किया। उन्होंने कहा कि इंटरनेट पर मौजूद हर कंटेंट को बिना सोचे-समझे स्वीकार करना सही नहीं है। छात्रों को किसी भी जानकारी को समझने, परखने और उसके प्रभाव पर विचार करने की आदत विकसित करनी चाहिए। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि पेशेवर जीवन में सफलता केवल डिग्री, तकनीकी कौशल या पद से तय नहीं होती। नैतिकता और अच्छे मूल्यों की भूमिका भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।

GGSIPU VC ने गुरु गोबिंद सिंह जी के मूल्यों से प्रेरणा लेने को कहा

कार्यक्रम में GGSIPU के वाइस चांसलर प्रोफेसर महेश वर्मा ने भी नए छात्रों को संबोधित किया। उन्होंने विद्यार्थियों से गुरु गोबिंद सिंह जी के साहस, विपरीत परिस्थितियों में डटे रहने की क्षमता, ज्ञान और मानवता की सेवा जैसे मूल्यों से प्रेरणा लेने की अपील की। उन्होंने छात्रों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत उपलब्ध इंटर-डिसिप्लिनरी अवसरों का लाभ उठाने के लिए भी प्रोत्साहित किया। उनका कहना था कि आज के दौर में अलग-अलग विषयों की समझ छात्रों को व्यापक दृष्टिकोण विकसित करने में मदद कर सकती है।

Student Induction Programme 2026: 9, 10 और 14 सितंबर को कार्यक्रम

GGSIPU का स्टूडेंट्स इंडक्शन प्रोग्राम 2026 9, 10 और 14 सितंबर को आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य नए विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की पढ़ाई से आगे मौजूद विभिन्न अवसरों से परिचित कराना है। कार्यक्रम के दौरान छात्रों को विश्वविद्यालय के एकेडमिक, रिसर्च, इनोवेशन, वेलफेयर और को-करिकुलर अवसरों की जानकारी दी जा रही है। इससे नए विद्यार्थियों को कैंपस में उपलब्ध सुविधाओं और गतिविधियों को समझने में मदद मिलेगी।

Delhi PG Policy: 1-2 महीने में आ सकती है व्यापक नीति

GGSIPU के छात्रों से जुड़े इस कार्यक्रम से एक दिन पहले आशीष सूद ने दिल्ली में PG आवासों को रेगुलेट करने वाली व्यापक नीति को लेकर भी बड़ा बयान दिया था। सत्य निकेतन में हाल ही में हुई इमारत गिरने की घटना के बाद उन्होंने कहा था कि सरकार अगले एक से दो महीने के भीतर PG आवासों के नियमन के लिए व्यापक नीति लाने की दिशा में काम कर रही है। सूद ने यह घोषणा दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में PG और किराए के मकानों में रहने वाले विश्वविद्यालय के छात्रों से बातचीत के बाद की। इस बातचीत में NSS स्वयंसेवक भी शामिल थे।

छात्रों ने मनमाने बिजली शुल्क और महंगे किराए की बताई समस्या

छात्रों ने बातचीत के दौरान PG और किराए के आवासों से जुड़ी कई समस्याएं मंत्री के सामने रखीं। इनमें मनमाने बिजली शुल्क, मकान मालिकों द्वारा रेंटल एग्रीमेंट की शर्तों का पालन नहीं करना और बढ़ता किराया प्रमुख मुद्दे रहे। छात्रों ने PG में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चिंता जताई। उनका कहना था कि कई जगह पर्याप्त सिक्योरिटी चेक और वेरिफिकेशन की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में प्रस्तावित PG नीति से छात्रों की सुरक्षा, किराये और आवास से जुड़े नियमों को अधिक स्पष्ट और व्यवस्थित किए जाने की उम्मीद है।