MP News: क्या इंदौर बनेगा देश का नया IT हब? क्या 557 करोड़ रुपये का IT Park बदल देगा मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था? UIMR से कितनी तेजी मिलेगी विकास को? क्या GCC कंपनियों का नया ठिकाना बनेगा इंदौर? मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने IT Park-3 का निरीक्षण कर प्रदेश को डिजिटल अर्थव्यवस्था की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का बड़ा रोडमैप पेश किया।

भोपाल/इंदौर। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार, 18 जून को इंदौर में निर्माणाधीन आईटी पार्क-3 का निरीक्षण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य मध्यप्रदेश को देश के प्रमुख आईटी और सेवा क्षेत्र केंद्रों में शामिल करना है। उन्होंने बताया कि उज्जैन-इंदौर मेट्रोपॉलिटन रीजन (UIMR) इस परिवर्तन की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और प्रदेश के विकास का प्रमुख ग्रोथ इंजन बनेगा।

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UIMR और नए आईटी पार्क बदलेंगे मध्यप्रदेश की डिजिटल तस्वीर

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आईटी पार्क-3, प्रस्तावित आईटी पार्क-4, उज्जैन आईटी पार्क, इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर तथा निजी क्षेत्र की विभिन्न परियोजनाएं मिलकर एक आधुनिक और मजबूत औद्योगिक एवं डिजिटल इकोसिस्टम तैयार करेंगी। इन पहलों के जरिए मध्यप्रदेश को डिजिटल अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

इंदौर बनेगा मध्यप्रदेश की आईटी और सर्विस सेक्टर राजधानी

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदौर को प्रदेश की आईटी और सेवा क्षेत्र की विकास राजधानी के रूप में विकसित किया जा रहा है। आने वाले वर्षों में यहां विकसित होने वाले आईटी पार्कों का व्यापक नेटवर्क प्रदेश की आर्थिक प्रगति को नई गति देगा। उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएं आईटी उद्योग, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) और सेवा क्षेत्र के निवेश को आकर्षित करने में अहम भूमिका निभाएंगी।

GCC और डिजिटल इकोनॉमी को मिलेगा बड़ा बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए मजबूत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर रही है। आईटी पार्कों और संबंधित परियोजनाओं के माध्यम से मध्यप्रदेश में एक ऐसी डिजिटल अर्थव्यवस्था विकसित की जा रही है, जो रोजगार, निवेश और तकनीकी विकास के नए अवसर पैदा करेगी।

557 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा मध्य भारत का सबसे आधुनिक आईटी पार्क

डॉ. मोहन यादव ने बताया कि निर्माणाधीन आईटी पार्क-3 को लगभग 557 करोड़ रुपये की लागत से ग्रीन बिल्डिंग के रूप में विकसित किया जा रहा है। यह विश्वस्तरीय परियोजना 22 मंजिला भवन के रूप में तैयार हो रही है, जिसका कुल निर्मित क्षेत्रफल करीब 11.25 लाख वर्गफुट होगा। उन्होंने कहा कि पूरा होने के बाद यह मध्य भारत के सबसे आधुनिक और श्रेष्ठ आईटी पार्कों में शामिल होगा।