मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बालाघाट के पूर्व नक्सल प्रभावित गांव बोंदारी में संवाद किया और जिले में 225 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की घोषणा की।

बालाघाट। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को बालाघाट जिले के पूर्व में नक्सल प्रभावित रहे ग्राम बोंदारी का दौरा किया। यहां उन्होंने ग्रामीणों से सीधे संवाद किया और क्षेत्र की जरूरतों, विकास की स्थिति और रोजगार के अवसरों को लेकर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब इन क्षेत्रों में सुरक्षा के साथ विकास और विकास के साथ रोजगार को प्राथमिकता दी जा रही है। इस दौरान प्रभारी मंत्री राव उदय प्रताप सिंह, मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल, सांसद भारती पारधी, मंत्री संपतिया उइके, स्थानीय विधायक संजय उइके और मधु भगत, सरपंच समेत कई जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

CM मोहन यादव ने ग्रामीणों से जानी गांव की जरूरतें

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्रामीणों से बातचीत के दौरान पशुपालन को बढ़ावा देने, आवास की सुविधा, पोषण आहार के प्रति जागरूकता बढ़ाने और वन विभाग के सहयोग से स्थानीय स्तर पर आजीविका के साधन विकसित करने जैसे मुद्दों पर चर्चा की। ग्रामीणों ने चिकित्सा और शिक्षा सुविधाओं के साथ रोजगार के अवसर बढ़ाने से जुड़ी जरूरतें भी मुख्यमंत्री के सामने रखीं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन सुविधाओं को क्षेत्र में बेहतर तरीके से उपलब्ध कराया जाए। साथ ही शासन की योजनाओं का लाभ हर पात्र परिवार तक पहुंचाने पर विशेष ध्यान दिया जाए।

बालाघाट के लिए 225 करोड़ के विकास कार्यों की घोषणा

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बालाघाट जिले के सर्वांगीण विकास के लिए विभिन्न विभागों के माध्यम से 225 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की घोषणा की। इन परियोजनाओं के जरिए क्षेत्र में सामाजिक और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने की योजना है। घोषित विकास कार्यों में सड़क, बिजली, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य और आवास जैसी मूलभूत सुविधाओं के विस्तार के साथ कृषि और उससे जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा देने पर भी जोर रहेगा। इसके अलावा रोजगार और आजीविका के नए अवसर विकसित करने की दिशा में भी काम किया जाएगा।

नक्सल प्रभावित गांवों में रोजगार और आजीविका पर फोकस

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि पूर्व में नक्सल प्रभावित रहे गांवों में विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने स्थानीय संसाधनों और क्षेत्र की संभावनाओं के हिसाब से रोजगारपरक गतिविधियां बढ़ाने पर जोर दिया। इनमें पशुपालन, कृषि, उद्यानिकी, मत्स्य पालन और वन आधारित आजीविका के साथ दूसरे स्थानीय रोजगार के विकल्प विकसित करने की बात कही गई। सरकार का उद्देश्य ग्रामीणों को उनके गांव और आसपास ही आय के बेहतर साधन उपलब्ध कराना है, ताकि युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ा जा सके।

'नक्सल से विकास की ओर बढ़ रहा बालाघाट'

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बालाघाट अब नक्सल से विकास की ओर आगे बढ़ रहा है। सरकार की प्राथमिकता सिर्फ सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना नहीं है, बल्कि इसके साथ क्षेत्र में सामाजिक और आर्थिक विकास को भी गति देना है। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर आजीविका के अवसर बढ़ाकर ग्रामीणों की आय में इजाफा किया जाएगा। युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के रास्ते तैयार किए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य है कि पूर्व में नक्सल प्रभावित रहे इलाकों में स्थायी शांति कायम हो और हर गांव तथा हर परिवार विकास की मुख्यधारा से जुड़े।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि क्षेत्र में चल रही और प्रस्तावित योजनाओं का प्रभाव जमीन पर दिखाई देना चाहिए। विकास कार्यों के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, कृषि और रोजगार जैसी जरूरतों को भी प्राथमिकता दी जाए, ताकि बालाघाट के ग्रामीण क्षेत्रों का समग्र विकास सुनिश्चित हो सके।