ग्वालियर-चंबल को बड़ी रेलवे सौगात मिली। कैलारस-सबलगढ़-वीरपुर रेलखंड शुरू हुआ और मेमू ट्रेन वीरपुर तक पहुंची। श्योपुर तक विस्तार जल्द होगा।
भोपाल। ग्वालियर-चंबल अंचल में रेलवे कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में मंगलवार को एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। कैलारस-सबलगढ़-वीरपुर रेलखंड का उद्घाटन किया गया। साथ ही ग्वालियर-कैलारस मेमू ट्रेन का विस्तार वीरपुर स्टेशन तक कर दिया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्रियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए रेलखंड का शुभारंभ किया और ट्रेन को हरी झंडी दिखाई।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि रेलवे और ग्वालियर का रिश्ता काफी पुराना और गहरा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय रेलवे में तेजी से बदलाव हुए हैं। देश में वंदे भारत और अमृत भारत जैसी आधुनिक ट्रेनें शुरू हुई हैं। अब भारत में हाइड्रोजन से चलने वाली रेलगाड़ी भी दौड़ रही है और आने वाले समय में बुलेट ट्रेन चलाने की दिशा में भी काम हो रहा है।
उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश को केंद्र सरकार की ओर से लगातार रेलवे और दूसरी विकास परियोजनाओं की सौगात मिल रही है। करीब 18 हजार करोड़ रुपये की लागत वाली इंदौर-मनमाड रेल लाइन प्रदेश के लिए बेहद महत्वपूर्ण परियोजना है। यह गुना और मालवा होते हुए मुंबई तक पहुंचने के लिए एक नया रेल मार्ग तैयार करेगी।
इंदौर-मनमाड रेल लाइन से मालवा और चंबल को बड़ा फायदा
मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदौर-मनमाड रेल परियोजना से मालवा और चंबल क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इस रेल लाइन का लाभ औद्योगिक कॉरिडोर के साथ-साथ डिफेंस कॉरिडोर और टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन को भी मिलेगा। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में एक लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की रेलवे परियोजनाओं पर काम चल रहा है। बेहतर रेल कनेक्टिविटी औद्योगिक विकास के लिए जरूरी है और इससे रोजगार के नए अवसर भी तैयार होंगे।
ग्वालियर अंचल में बैट्री स्टोरेज परियोजना, फुटवियर क्लस्टर और हाइड्रोजन निर्माण इकाई जैसी परियोजनाओं का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इनसे युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि देश में आवागमन के लिए रेलवे आज भी सबसे सुलभ और किफायती साधनों में शामिल है।
ग्वालियर-कैलारस-वीरपुर रेल सेवा से सैकड़ों गांवों को फायदा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्वालियर अंचल में रेलखंड का विस्तार स्थानीय लोगों के लिए बड़ी सुविधा लेकर आया है। उन्होंने रेलवे के विद्युतीकरण की रफ्तार का भी उल्लेख किया। उनके मुताबिक वर्ष 2014 तक देश में रेलवे का करीब 30 प्रतिशत हिस्सा ही विद्युतीकृत था, जबकि प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल के एक दशक में यह आंकड़ा करीब 70 प्रतिशत तक पहुंच गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय देश में एक साथ तीन या चार रेल लाइन की कल्पना भी मुश्किल मानी जाती थी। अब मध्यप्रदेश में ऐसी कई परियोजनाओं पर काम हो रहा है। सिंहस्थ-2028 की तैयारियों में भी केंद्र सरकार और रेलवे की ओर से प्रदेश को पूरा सहयोग मिल रहा है।
56 किलोमीटर लंबे कैलारस-सबलगढ़-वीरपुर रेलखंड का उद्घाटन
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि सभी के सहयोग और विश्वास से 56 किलोमीटर लंबे कैलारस-सबलगढ़-वीरपुर रेलखंड का शुभारंभ संभव हुआ है। इस रेल लाइन से ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के सैकड़ों गांवों के लोगों को सीधे लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि भविष्य में इस रेल लाइन को श्योपुरकलां से कोटा तक ले जाने की योजना है। इससे शिक्षा के बड़े केंद्र के रूप में विकसित हो चुके कोटा तक पहुंच आसान होगी। साथ ही जयपुर तक औद्योगिक कॉरिडोर को भी गति मिल सकती है।
रेल मंत्री के मुताबिक यह परियोजना वर्ष 2011 में मंजूर हुई थी और 2016 में इसका काम शुरू किया गया। अब तक 117 किलोमीटर लंबी रेलवे लाइन पर ट्रेनों का संचालन शुरू हो चुका है। वीरपुर से सिरौली रोड के बीच 37 किलोमीटर और सिरौली रोड से श्योपुरकलां के बीच 33 किलोमीटर रेलखंड का करीब 95 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा कि आने वाले कुछ महीनों में ग्वालियर से श्योपुरकलां तक ट्रेन का संचालन शुरू होने की उम्मीद है। इस रेल रूट में ग्वालियर, बिरला नगर, बामौरगांव, अंबिकेश्वर, सुमावली, भटपुरा, कैलारस, पीपलवाली चौकी, सबलगढ़ और वीरपुर स्टेशन शामिल हैं।
मध्यप्रदेश का रेलवे बजट 24 गुना बढ़ा: अश्विनी वैष्णव
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि पहले मध्यप्रदेश में रेलवे के विकास के लिए करीब 632 करोड़ रुपये का बजट मिलता था। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश को रेलवे के लिए 15,188 करोड़ रुपये का बजट दिया गया है। यानी रेलवे बजट में करीब 24 गुना तक बढ़ोतरी हुई है।
उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में रेलवे क्षेत्र में फिलहाल करीब 1.55 लाख करोड़ रुपये का निवेश है। प्रदेश में 80 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है। इसके अलावा मध्यप्रदेश को पांच वंदे भारत ट्रेनों की सौगात मिल चुकी है, जबकि सात अमृत भारत एक्सप्रेस भी प्रदेश में संचालित हो रही हैं।
रेल मंत्री ने इंदौर-मनमाड रेल लाइन को भी महत्वपूर्ण परियोजना बताया। उन्होंने प्रदेश में चल रही कई बड़ी रेल परियोजनाओं का जिक्र किया। इनमें भुसावल-खंडवा तीसरी और चौथी लाइन, प्रयागराज-मानिकपुर तीसरी लाइन, रतलाम-नागदा तीसरी और चौथी लाइन, इटारसी-नागपुर चौथी लाइन, इटारसी-भोपाल-बीना चौथी लाइन, बड़ौदा-रतलाम तीसरी और चौथी लाइन, गोंदिया-जबलपुर दोहरीकरण तथा नागदा-मथुरा तीसरी और चौथी लाइन जैसी परियोजनाएं शामिल हैं।
रेलवे में 5.54 लाख युवाओं को रोजगार देने का दावा
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में भारतीय रेलवे में अब तक 5 लाख 54 हजार युवाओं को रोजगार मिला है। वर्तमान रेलवे स्टाफ में करीब आधे कर्मचारी वर्ष 2014 के बाद भर्ती हुए हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 में रेलवे ने भर्ती प्रक्रिया में बदलाव करते हुए लेवल-1 से लेवल-10 तक हर वर्ष भर्ती के लिए कैलेंडर तैयार किया। पिछले 12 से 14 महीनों में रेलवे की अलग-अलग भर्ती परीक्षाओं में करीब तीन करोड़ युवाओं ने हिस्सा लिया है। रेल मंत्री के मुताबिक इन परीक्षाओं को पारदर्शी तरीके से आयोजित किया गया।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में चल रही भर्ती प्रक्रियाओं के जरिए रेलवे में करीब 1 लाख 40 हजार पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। रेल मंत्री ने रेलवे विद्युतीकरण के फायदे भी गिनाए। उन्होंने कहा कि बिजली से चलने वाली ट्रेनों के बढ़ने से पेट्रोल और डीजल पर निर्भरता कम हो रही है। इससे देशवासियों का ईंधन खर्च भी बच रहा है। उनके अनुसार करीब 704 करोड़ यात्री रेलवे से सफर कर रहे हैं।
ग्वालियर-चंबल में विकास का नया सूर्योदय: ज्योतिरादित्य सिंधिया
केंद्रीय दूरसंचार एवं पूर्वोत्तर विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में विकास का नया सूर्योदय हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के अलग-अलग हिस्सों में रेलवे कनेक्टिविटी का विस्तार हो रहा है। उन्होंने कहा कि ग्वालियर-कैलारस ट्रेन का वीरपुर तक विस्तार इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अक्टूबर 2024 में ग्वालियर से कैलारस तक रेल सेवा शुरू की गई थी और अब इसे वीरपुर तक बढ़ाया गया है। सिंधिया ने कहा कि इसी वर्ष दिसंबर तक रेलवे लाइन को श्योपुर तक पहुंचाने का लक्ष्य है।
उन्होंने कहा कि रेलवे कनेक्टिविटी का असर केवल यात्रियों की सुविधा तक सीमित नहीं रहता। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और रोजगार के अवसर भी बढ़ते हैं। इस रेल लाइन से फिलहाल 15 से 20 लाख लोगों को लाभ मिलने की बात कही गई है। भविष्य में यात्रियों की संख्या बढ़ने की संभावना है।
सिंधिया ने रक्षाबंधन से पहले इसे क्षेत्र के लोगों के लिए बड़ी सौगात बताया। उन्होंने ग्वालियर में रेलवे के पुराने इतिहास का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार महाराज जयाजी राव सिंधिया ने करीब 150 वर्ष पहले ग्वालियर से आगरा के बीच रेलवे के विकास के लिए 75 लाख रुपये की राशि दिलवाई थी। इसके बाद स्वर्गीय माधव महाराज प्रथम ने ग्वालियर लाइट रेलवे लाइन की शुरुआत की थी।
ग्वालियर से आगरा सुपर एक्सप्रेस-वे और टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन पर भी जोर
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने गुना-इटावा रेलवे लाइन और नैरोगेज से ब्रॉडगेज में बदलाव का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2012 से नैरोगेज लाइन को ब्रॉडगेज में बदलने का काम शुरू हुआ था। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में रेलवे के साथ-साथ हवाई कनेक्टिविटी का भी विस्तार हुआ है। उन्होंने कहा कि रेलवे कोच निर्माण के क्षेत्र में भारत अब दुनिया के लिए निर्यातक बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के विकास के लिए कई अन्य परियोजनाओं पर भी काम हो रहा है।
सिंधिया ने बताया कि ग्वालियर से आगरा तक सुपर एक्सप्रेस-वे को मंजूरी मिल चुकी है। ग्वालियर में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन यानी TMZ का भूमि-पूजन भी जल्द किए जाने की तैयारी है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश के विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
रेलवे विस्तार से ग्वालियर से श्योपुर तक व्यापार को भी मिलेगा बढ़ावा
विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि रेलवे की इस नई सुविधा से ग्वालियर से श्योपुर तक रहने वाली बड़ी आबादी को फायदा मिलेगा। यह केवल यात्रियों के लिए रेल सेवा का विस्तार नहीं है, बल्कि इससे व्यापार और व्यवसाय के नए रास्ते भी खुलेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय रेलवे ने नई गति हासिल की है। देश के उन क्षेत्रों तक भी रेलवे की योजनाएं पहुंचाई जा रही हैं, जिन्हें पहले अपेक्षाकृत कम प्राथमिकता मिली थी।
तोमर ने आधुनिक रेल कोच, विकसित हो रहे रेलवे स्टेशन और वंदे भारत जैसी ट्रेनों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय रेलवे में हो रहे बदलावों ने दुनिया का ध्यान खींचा है। कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।


