MP News: क्या वजह है कि मध्यप्रदेश में प्राथमिक स्तर पर ड्रॉपआउट दर शून्य हो गई? इंदौर के स्कूल में छात्राओं से मिलकर CM मोहन यादव ने क्या कहा? नामांकन में 19.6% बढ़ोतरी कैसे दर्ज हुई? सरकारी स्कूलों में 32.4% वृद्धि के पीछे क्या कारण हैं? क्या 369 सांदीपनि विद्यालय बदल देंगे प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था?
भोपाल/इंदौर। मध्यप्रदेश में नए शैक्षणिक सत्र के साथ स्कूलों में एक बार फिर रौनक लौट आई है। 18 जून को प्रदेशभर के सरकारी स्कूलों में प्रवेशोत्सव कार्यक्रम के दूसरे चरण का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इंदौर स्थित शासकीय शारदा कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पहुंचे और छात्राओं के साथ समय बिताया। मुख्यमंत्री ने विद्यालय परिसर का निरीक्षण किया, प्रयोगशाला का अवलोकन किया और स्कूल में संचालित शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की। उनके आगमन से छात्राओं और शिक्षकों में उत्साह का माहौल देखने को मिला।

छात्राओं से संवाद कर जाना शिक्षा का हाल
विद्यालय भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने छात्राओं से सीधे संवाद किया। उन्होंने पढ़ाई, विज्ञान और अन्य विषयों से जुड़े सवाल पूछे, जिनका छात्राओं ने आत्मविश्वास के साथ उत्तर दिया। छात्राओं की जानकारी और प्रस्तुति से मुख्यमंत्री संतुष्ट नजर आए। इस दौरान छात्राओं ने भी मुख्यमंत्री से विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछे। बातचीत के बीच मुख्यमंत्री ने छात्राओं को प्रोत्साहित किया और उनके सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद भी दिया। विद्यालय का वातावरण आत्मीयता और उत्साह से भरा दिखाई दिया।
विज्ञान शिक्षा और प्रयोगशाला गतिविधियों में दिखाई रुचि
मुख्यमंत्री ने विद्यालय की विज्ञान प्रयोगशाला का विशेष रूप से निरीक्षण किया। छात्राओं ने उन्हें विभिन्न प्रयोगों और उपकरणों के बारे में जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने विज्ञान शिक्षा के महत्व पर चर्चा करते हुए छात्राओं को नवाचार और अनुसंधान की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
ड्रॉपआउट दर शून्य होना प्रदेश के लिए बड़ी उपलब्धि
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ बड़ी संख्या में विद्यार्थी स्कूलों में पहुंच रहे हैं। उन्होंने बताया कि बीते तीन वर्षों में प्राथमिक शिक्षा स्तर पर ड्रॉपआउट दर को शून्य तक लाना प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के प्रभावी क्रियान्वयन के मामले में मध्यप्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में अपनी पहचान बना रहा है।
प्रवेश प्रक्रिया आसान होने से बढ़ा नामांकन
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रवेशोत्सव कार्यक्रम का पहला चरण 1 से 4 अप्रैल के बीच आयोजित किया गया था। उस समय भी उन्होंने स्कूल शिक्षा विभाग को सरकारी स्कूलों में ड्रॉपआउट दर समाप्त करने के लिए बधाई दी थी। राज्य सरकार द्वारा कक्षा 1, 6 और 9 में प्रवेश प्रक्रिया को पहले की तुलना में अधिक सरल बनाया गया है। इसी का परिणाम है कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 में विद्यार्थियों के नामांकन में 19.6 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
सरकारी विद्यालयों में भी बढ़ी छात्रों की संख्या
प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में नामांकन वृद्धि का असर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। आंकड़ों के अनुसार सरकारी स्कूलों में 32.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। राज्य सरकार ने चालू शैक्षणिक सत्र में कुल 1 करोड़ 45 लाख विद्यार्थियों का नामांकन सुनिश्चित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
सांदीपनि विद्यालयों से मजबूत होगी शिक्षा व्यवस्था
मध्यप्रदेश सरकार शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी दिशा में प्रदेश में 369 भव्य सांदीपनि विद्यालयों की शुरुआत की गई है। सरकार का मानना है कि इन विद्यालयों से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा और विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।


