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देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को कहा कि राज्य सरकार महिलाओं की सुरक्षा और उन्हें सशक्त बनाने के लिए पूरी तरह से काम कर रही है। उन्होंने कहा,
हमने हमेशा यह पक्का करने की कोशिश की है कि महिलाओं की सुरक्षा हो और वे सशक्त भी बनें। हमारे सभी कानून इसी दिशा में काम कर रहे हैं। राज्य सरकार के उठाए गए कदमों का मकसद महिलाओं की सुरक्षा को मजबूत करना और उनके सशक्तिकरण के लिए एक अच्छा माहौल बनाना है।
उत्तराखंड में अग्निवीरों के लिए बना डेडिकेटेड अग्निवीर सेल
CM पुष्कर सिंह धामी ने सरकार के "डेडिकेटेड अग्निवीर सेल" के बारे में भी बात की। यह सेल राज्य में उन सैनिकों की मदद के लिए बनाया गया है जो सेना से नागरिक जीवन में लौटेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा,
हमने एक डेडिकेटेड अग्निवीर सेल बनाया है। अग्निवीरों का जो पहला बैच आएगा, हमारी कोशिश होगी कि उन्हें जिस भी तरह की मदद की जरूरत हो, या जिस भी तरह का काम मिल सकता हो, वह उन्हें मुहैया कराया जाएगा।
अग्निपथ योजना के तहत 4 साल के लिए होती है अग्निवीरों की भर्ती
बता दें कि केंद्र सरकार ने युवाओं को चार साल की अवधि के लिए 'अग्निवीर' के तौर पर सशस्त्र बलों में भर्ती करने के लिए अग्निपथ योजना शुरू की थी। इस योजना के तहत, एक बैच के 25 प्रतिशत तक अग्निवीरों को नियमित सेवा के लिए रखा जा सकता है, जबकि बाकी अग्निवीर अपना कार्यकाल पूरा करने के बाद नागरिक जीवन में लौट जाते हैं।
उत्तराखंड में मजबूत सैन्य परंपरा, बड़ी संख्या में परिवारों का सेना से जुड़ाव
उत्तराखंड की एक मजबूत सैन्य परंपरा रही है, और यहां के बड़ी संख्या में परिवारों का सशस्त्र बलों में सेवा करने का इतिहास रहा है। उम्मीद है कि राज्य सरकार का यह अग्निवीर सेल सेना से बाहर आने वाले जवानों को सही रोजगार और दूसरे मौके दिलाने में मदद करेगा।
महिला सुरक्षा से लेकर अग्निवीरों के भविष्य तक सरकार का फोकस
सीएम धामी की इन बातों से साफ है कि राज्य सरकार का ध्यान अग्निवीरों को उनके सैन्य कार्यकाल के बाद सपोर्ट करने के साथ-साथ उत्तराखंड में महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण के प्रयासों को जारी रखने पर भी है।


