उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पिथौरागढ़ के मशहूर हिलजात्रा महोत्सव को वर्चुअली संबोधित किया। उन्होंने कहा कि हिलजात्रा सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि हमारी लोक परंपराओं और पुरखों की दी हुई विरासत का अहम हिस्सा है।

देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पिथौरागढ़ के मशहूर हिलजात्रा महोत्सव के मौके पर कुमाऊंनी में लोगों को वर्चुअली संबोधित किया। उन्होंने इस त्योहार के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व पर जोर दिया। सीएम धामी ने कहा कि हिलजात्रा सिर्फ एक त्योहार नहीं है, बल्कि यह हमारी समृद्ध लोक परंपराओं, संस्कृति और पुरखों से मिली विरासत का एक अटूट हिस्सा है।

पिथौरागढ़ की हिलजात्रा और खेती-किसानी से जुड़ी परंपराएं

सीएम धामी देहरादून में मुख्यमंत्री कैंप ऑफिस से इस कार्यक्रम में जुड़े। एक रिलीज के मुताबिक, यह पारंपरिक लोक त्योहार इस इलाके की समृद्ध संस्कृति, खेती-किसानी से जुड़ी परंपराओं और स्थानीय जीवनशैली से गहराई से जुड़ा हुआ है।

प्रधानमंत्री मोदी का उत्तराखंड से खास लगाव, आदि कैलाश दौरे का जिक्र

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड से एक खास लगाव है और उन्होंने खुद आदि कैलाश और गुंजी इलाके का दौरा किया है। सीएम ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री के आदि कैलाश दौरे से उत्तराखंड के सीमांत इलाकों और उनकी आध्यात्मिक-सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान मिली है।

मानसखंड मंदिर माला मिशन से धार्मिक स्थलों का विकास

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार 'मानसखंड मंदिर माला मिशन' पर काम कर रही है। इस मिशन के जरिए कुमाऊं और गढ़वाल क्षेत्रों के प्राचीन और धार्मिक स्थलों को विकसित किया जा रहा है। साथ ही, इन जगहों के बीच कनेक्टिविटी और सुविधाओं को भी बेहतर बनाया जा रहा है।

मानसखंड की धार्मिक विरासत और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसखंड क्षेत्र की धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत बेहद समृद्ध है। सरकार इस विरासत को सहेजने, धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर बनाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।

हिलजात्रा महोत्सव से युवा पीढ़ी को संस्कृति और जड़ों से जोड़ने की कोशिश

उन्होंने कहा कि हिलजात्रा जैसे पारंपरिक आयोजन राज्य की लोक संस्कृति की एक अहम झलक दिखाते हैं। इनके संरक्षण और प्रचार-प्रसार से युवा पीढ़ी अपनी जड़ों, संस्कृति और पुरखों की शानदार परंपराओं से जुड़ रही है। उत्तराखंड की इस समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को देश और दुनिया भर के लोगों तक पहुंचाना सरकार की मुख्य प्राथमिकताओं में से एक है।