उत्तराखंड में पर्वतमाला योजना के 50 रोपवे प्रोजेक्ट्स को रफ्तार देने की तैयारी है। CM धामी ने लंबित प्रक्रियाएं पूरी करने और नई समयसीमा तय करने के निर्देश दिए।
उत्तराखंड में रोपवे परियोजनाओं को तेजी से जमीन पर उतारने की तैयारी शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पर्वतमाला योजना के तहत प्रस्तावित रोपवे प्रोजेक्ट्स की प्रगति को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में उन्होंने लंबित प्रक्रियाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने और जिन परियोजनाओं में देरी हो रही है, उनके कारणों की समीक्षा कर नई समयसीमा तय करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री धामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसकी जानकारी साझा करते हुए कहा कि राज्य में प्रस्तावित 50 रोपवे परियोजनाओं से जुड़ी लंबित प्रक्रियाओं को जल्द पूरा किया जाना चाहिए। उनका जोर परियोजनाओं को सिर्फ कागजों तक सीमित रखने के बजाय तेजी से धरातल पर उतारने पर रहा।
पर्वतमाला योजना की 50 रोपवे परियोजनाओं पर फोकस
बैठक में अधिकारियों को पर्वतमाला योजना के तहत प्रस्तावित 50 रोपवे परियोजनाओं से जुड़े लंबित कामों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए और लंबित मामलों को तय समय में आगे बढ़ाया जाए।
इसके साथ ही उन रोपवे परियोजनाओं की भी समीक्षा करने को कहा गया, जिन्हें सैद्धांतिक रूप से मंजूरी मिल चुकी है, लेकिन अभी तक आगे की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। अधिकारियों को ऐसी परियोजनाओं में देरी की वजह पता करने और उसके आधार पर नई समयसीमा तय करने के निर्देश दिए गए।
Sonprayag-Kedarnath से Dehradun-Mussoorie तक प्रोजेक्ट्स की समीक्षा
मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड की प्रमुख रोपवे परियोजनाओं की प्रगति की भी जानकारी ली। बैठक में Sonprayag-Kedarnath, Tanakpur-Purnagiri, Kathgodam-Nainital, Govindghat-Hemkund Sahib, Kanakchauri-Kartik Swami, Dehradun-Mussoorie और Janki Chatti रोपवे परियोजनाओं को लेकर स्थिति की समीक्षा की गई। इन परियोजनाओं की प्रगति के साथ-साथ आगे की प्रक्रिया और उन्हें जमीन पर उतारने की दिशा में किए जा रहे काम की जानकारी भी अधिकारियों से ली गई।
हरिद्वार-ऋषिकेश रोपवे परियोजनाओं पर भी तैयारी तेज
बैठक में हरिद्वार-ऋषिकेश क्षेत्र में प्रस्तावित रोपवे परियोजनाओं को लेकर भी अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने इस क्षेत्र की संभावित परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक प्रक्रियाओं पर तेजी से काम करने को कहा। इसके अलावा Uttarakhand Ropeway Development Limited के कामकाज और भविष्य में प्रस्तावित रोपवे परियोजनाओं को जमीन पर उतारने की तैयारियों की भी समीक्षा की गई।
हर रोपवे प्रोजेक्ट में पार्किंग की सुविधा जरूरी
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि किसी भी रोपवे परियोजना की योजना सिर्फ रोपवे निर्माण तक सीमित नहीं होनी चाहिए। हर परियोजना के व्यापक प्लान में पर्याप्त पार्किंग सुविधा को भी शामिल किया जाए। इसका मकसद यह है कि रोपवे शुरू होने के बाद पर्यटकों और स्थानीय लोगों को वाहनों की पार्किंग को लेकर परेशानी न हो। परियोजनाओं की योजना बनाते समय इससे जुड़ी जरूरतों को पहले से ध्यान में रखने के निर्देश दिए गए हैं।
लाइसेंस और मंजूरी प्रक्रिया को सरल बनाने के निर्देश
बैठक में निजी निवेश को बढ़ावा देने के लिए रोपवे परियोजनाओं से जुड़ी लाइसेंस और मंजूरी प्रक्रियाओं को सरल और पारदर्शी बनाने पर भी जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निजी निवेशकों के लिए प्रक्रियाएं स्पष्ट और आसान हों, ताकि परियोजनाओं में निवेश को प्रोत्साहित किया जा सके। अलग-अलग स्तरों पर अनावश्यक देरी को कम करने के लिए प्रक्रिया को ज्यादा प्रभावी बनाने की जरूरत पर भी जोर दिया गया।
PPP मॉडल से ज्यादा से ज्यादा रोपवे प्रोजेक्ट जमीन पर उतारने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने निवेशकों के साथ प्रभावी समन्वय स्थापित करने और ठोस एक्शन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए। लक्ष्य यह है कि सार्वजनिक-निजी भागीदारी यानी PPP मॉडल के जरिए ज्यादा से ज्यादा रोपवे परियोजनाओं को जल्द से जल्द धरातल पर लाया जा सके। बैठक में अधिकारियों को परियोजनाओं की प्रक्रिया, निवेशकों के साथ समन्वय और भविष्य की योजनाओं को लेकर स्पष्ट कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया, ताकि उत्तराखंड में प्रस्तावित रोपवे परियोजनाओं को गति दी जा सके।


