काशी: यहां माता पार्वती ने प्राप्त किया था ज्ञान नाम पड़ा'ज्ञानवापी'... दावा- यहां है स्वयंभू ज्योतिर्लिंग

वीडियो डेस्क। इन दिनों महादेव की नगरी काशी पर सबकी नजर है वजह है ज्ञानवापी का मुद्दा बनारस सिविल कोर्ट में एक फैसले के बाद बीते कुछ दिनों से ज्ञानवापी को लेकर हंगामा मचा हुआ है। हंगामा कोर्ट के अंदर से लेकर बाहर तक मचा हुआ है। वादी और प्रतिवादी पक्ष दोनों को कोर्ट के अंदर जमकर बहस कर रहे हैं लेकिन कोर्ट के बाहर भी कुछ ऐसे तथ्य है जिस पर संग्राम छिड़ा हुआ है। 

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वीडियो डेस्क। इन दिनों महादेव की नगरी काशी पर सबकी नजर है वजह है ज्ञानवापी का मुद्दा बनारस सिविल कोर्ट में एक फैसले के बाद बीते कुछ दिनों से ज्ञानवापी को लेकर हंगामा मचा हुआ है। हंगामा कोर्ट के अंदर से लेकर बाहर तक मचा हुआ है । वादी और प्रतिवादी पक्ष दोनों को कोर्ट के अंदर जमकर बहस कर रहे हैं लेकिन कोर्ट के बाहर भी कुछ ऐसे तथ्य है जिस पर संग्राम छिड़ा हुआ है। ज्ञानवापी को लेकर हिंदू और मुस्लिम पक्ष अपने-अपने तथ्यों को सामने रख रहे हैं जिसको लेकर कोर्ट में लड़ाई कुछ दिनों से जारी है। यह लड़ाई ज्ञानवापी को लेकर है। ज्ञानवापी वह जगह है जहां भगवान विशेश्वर का स्वयंभू ज्योतिर्लिंग है और खुद इस स्वयंभू ज्योतिर्लिंग का भगवान शंकर ने यह जलाभिषेक किया था। हिंदू पक्ष के वादी हरिहर पाण्डेय ने दावा किया है कि पृथ्वी पर गंगा अवतरण से पहले भगवान शिव ने अपने त्रिशूल से इस जगह पर कूप का निर्माण किया था। स्वयंभू ज्योतिर्लिंग का अभिषेक उन्होंने यहीं पर किया था उसके बाद भगवान शंकर ने इसी कूप के करीब बैठकर मां पार्वती को ज्ञान दिया था इसलिए इस जगह का नाम ज्ञानवापी पड़ा। हिंदू पक्ष के वादी हरिहर पांडे ने एशियानेट टीम से खास बातचीत में कई तत्वों को बताया सुनिए क्या कहा हरिहर पाण्डेय ने?

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