Asianet News HindiAsianet News Hindi

Chhath Puja 2021: पंचदेवों में से एक हैं सूर्यदेव, छठ पर की जाती हैं इनकी पूजा, शनि और यमराज हैं इनकी संतान

हर साल कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि पर छठ पूजा (Chhath Puja 2021) उत्सव मनाया जाता है। इस तिथि पर सूर्य को विशेष अर्घ्य दिया जाता है। इस पर्व की शुरूआत 8 नवंबर से होगी, जो 10 नवंबर तक मनाया जाएगा। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के मुताबिक सूर्य पंचदेवों में से एक हैं।

Chhath Puja 2021 festival Bihar Jharkhand Uttar Pradesh, Surya Puja Sun facts about Surya Dev MMA
Author
Ujjain, First Published Nov 8, 2021, 5:45 AM IST
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp

उज्जैन. ज्योतिष में सूर्य को ग्रहों का राजा माना जाता है। विज्ञान के अनुसार सभी नौ ग्रह सूर्य की परिक्रमा करते हैं। सूर्य की वजह से ही पृथ्वी पर जीवन संभव है। ग्रंथों में शिवजी, गणेशजी, विष्णुजी, देवी दुर्गा और सूर्य ये पंचदेव बताए गए हैं। इन पांचों की पूजा रोज करने की परंपरा है। सूर्य एक मात्र साक्षात दिखाई देने वाले देवता हैं। छठ पर्व पर पहले अस्त होते सूर्य की और अगले दिन उदय होते सूर्य की पूजा की जाती है। आगे जानिए सूर्यदेव से जुड़ी कुछ खास बातें...

सूर्य की संतान हैं यमराज, यमुना और शनिदेव

सूर्यदेव का विवाह संज्ञा नाम की देव कन्या से हुआ था। यमराज और यमुना सूर्य-संज्ञा की संतान हैं। मान्यता है कि संज्ञा सूर्य का तेज सहन नहीं कर पा रही थीं, तब संज्ञा ने अपनी छाया को सूर्यदेव की सेवा में लगा दिया। शनिदेव सूर्य-छाया की संतान हैं। छाया की संतान होने की वजह से शनि का रंग काला है।

हनुमान जी के गुरु हैं सूर्यदेव
हनुमान जब शिक्षा ग्रहण करने के योग्य हुए तो वे सूर्यदेव के पास पहुंचे और कहा कि मैं आपसे ज्ञान हासिल करना चाहता हूं। मुझे अपना शिष्य बना लीजिए। हनुमान जी की बात सुनकर सूर्यदेव ने कहा कि मैं किसी एक जगह पर रुक नहीं सकता, यहां तक कि मैं रथ से भी नहीं उतर सकता हूं। सूर्यदेव की बात सुनकर हनुमान जी ने कहा कि मैं आपके साथ चलते-चलते ज्ञान हासिल कर लूंगा। आप बस मुझे अपना शिष्य बना लें। सूर्यदेव इस बात के लिए मान गए। इसके बाद सूर्यदेव ने हनुमान को सभी वेदों का ज्ञान दिया और हनुमान जी ने उनके साथ चलते-चलते ज्ञान हासिल किया था।

ऐसे दें सूर्य को अर्घ्य
- रोज सुबह जल्दी उठकर स्नान के बाद सूर्य को अर्घ्य देना चाहिए। सूर्य को जल चढ़ाने के लिए तांबे के लोटे का उपयोग करें, क्योंकि तांबा सूर्य की धातु है।
- जल में चावल, रोली, फूल पत्तियां भी डाल लेना चाहिए, इसके बाद सूर्य को अर्घ्य दें।जल चढ़ाते समय गायत्री मंत्र का जाप करें।
गायत्री मंत्र - ऊँ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्।
- सूर्य को अर्घ्य देते समय इस मंत्र का जाप करने से मन शांत होता है और एकाग्रता बढ़ती है। मंत्र जाप कम से कम 108 बार करना चाहिए।

छठ पूजा के बारे में ये भी पढ़ें

Chhath Puja 2021: गुजरात के मोढेरा में है प्रसिद्ध सूर्य मंदिर, 11वी सदी में राजा भीमदेव ने करवाया था निर्माण

Chhath Puja 2021: छठ व्रत में छिपे हैं लाइफ मैनेजमेंट के कई सूत्र, ये हमें सिखाते हैं जीवन जीने की कला

Chhath Puja 2021: 8 नवंबर को नहाए खाए से शुरू होगा छठ व्रत, 11 को दिया जाएगा उगते हुए सूर्य को अर्ध्य

Chhath Puja 2021: 10 नवंबर को छठ पर्व पर करें ये आसान उपाय, दूर होगा सूर्य दोष और मिलेंगे शुभ फल

Chhath Puja 2021: 8 से 10 नवंबर तक की जाएगी छठ पूजा, ये है सूर्य पूजा का महापर्व

Chhath Puja 2021: इस साल कब है छठ पूजा? जानिए नहाय-खाय, खरना की तारीखें और पूजा विधि

Chhath Puja 2021: बिहार में विशेष तैयारियां, 1400 नदी घाट, 3 हजार तालाबों की सफाई, पटना में इस बार कम जगह

Chhath Puja 2021: दिल्ली में सार्वजनिक रूप से छठ पूजा की अनुमति, ऐहतियात के साथ होगी सख्ती, जानिए गाइडलाइन

दीवाली-छठ पर बिहार जाना है तो पढ़ लीजिए CM नीतीश की गाइडलाइन, जिसके बिना नहीं दी जाएगी एंट्री..

Follow Us:
Download App:
  • android
  • ios