Tigmanshu Dhulia Target Dhurandhar Story Plot: फिल्ममेकर तिग्मांशु धूलिया ने सफल फिल्म 'धुरंधर' की कहानी पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने प्रेजेंटेशन की तारीफ की, पर पूछा कि असली कहानी क्या है?

रणवीर सिंह की ‘धुरंधर’ फ्रेंचाइजी ने बॉक्स ऑफिस पर भले ही जबरदस्त सफलता हासिल की हो, लेकिन फिल्म को लेकर सवाल उठाने वालों की कमी नहीं है। अब फेमस फिल्ममेकर तिग्मांशु धूलिया ने ‘धुरंधर’ की स्टोरीटेलिंग पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने फिल्म के फर्स्ट पार्ट को पसंद करने की बात भी कही, लेकिन साथ ही यह सवाल पूछा कि आखिर फिल्म की असली कहानी क्या है?

‘धुरंधर’ की कहानी पर क्या बोले तिग्मांशु धूलिया?

तिग्मांशु धूलिया हाल ही में द वायर के एक इवेंट में ‘द स्टेट ऑफ मीडिया एंड फिल्म इंडस्ट्री’ विषय पर बात कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने आज की बॉलीवुड फिल्मों में स्टोरीटेलिंग को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। ‘धुरंधर’ का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि अगर किसी से फिल्म की कहानी बताने के लिए कहा जाए तो शायद वह ठीक से कहानी नहीं बता पाएगा। उनके मुताबिक फिल्म में एक अंडरकवर आदमी पाकिस्तान जाता है और वहां तबाही मचा देता है। टिग्मांशु ने सवाल किया कि ‘क्या ये कोई स्टोरी है?’

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फिल्म पसंद आई, लेकिन कहानी नहीं!

दिलचस्प बात यह है कि तिग्मांशु धूलिया ने ‘धुरंधर’ को पूरी तरह खारिज नहीं किया। उन्होंने साफ कहा कि उन्हें फिल्म का फर्स्ट पार्ट पसंद आया था। उन्होंने फिल्म की प्रेजेंटेशन, एंगेजिंग नेचर और म्यूजिक की तारीफ की। यानी उनकी समस्या फिल्म के मेकिंग या एंटरटेनमेंट वैल्यू से ज्यादा उसकी कहानी और स्टोरीटेलिंग को लेकर है।

‘आज फिल्मों में स्टोरीज खत्म हो गई हैं’

टिग्मांशु ने अपनी बात को सिर्फ ‘धुरंधर’ तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने कहा कि आज की फिल्मों में ओरिजिनल स्टोरीज कम होती जा रही हैं। उनके मुताबिक जो लोग अच्छी कहानियां सुनाना चाहते हैं, उन्हें मौका नहीं मिल रहा है, क्योंकि मेकर्स को डर रहता है कि ऐसी फिल्में काम नहीं करेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि इंडस्ट्री में एक ही तरह के पैटर्न को बार-बार फॉलो किया जा रहा है।

कॉरपोरेट कल्चर को बताया बड़ी वजह

तिग्मांशु धूलिया ने फिल्मों में स्टोरीटेलिंग की कमी को कॉरपोरेट कल्चर और एक्सट्रीम कैपिटलिज्म से भी जोड़ा। उनका कहना था कि जब हर चीज को एक तय कमर्शियल पैटर्न के हिसाब से देखा जाता है तो लोगों की यूनिकनेस और क्रिएटिविटी खत्म होने लगती है। उन्होंने फिल्मों के साथ-साथ फैशन और शहरों का उदाहरण देते हुए कहा कि आज हर जगह एक जैसी चीजें देखने को मिलती हैं और अलग पहचान धीरे-धीरे खत्म हो रही है।

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‘धुरंधर’ ने बॉक्स ऑफिस पर रचा इतिहास

टिग्मांशु की इस आलोचना के बीच ‘धुरंधर’ की बॉक्स ऑफिस सफलता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। रणवीर सिंह स्टारर इस फ्रेंचाइजी की दोनों फिल्मों ने मिलकर 3,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई की है। फिल्म में रणवीर सिंह ने एक अंडरकवर इंडियन इंटेलिजेंस एजेंट का रोल निभाया है, जो पाकिस्तान में जाकर वहां के क्रिमिनल सिंडिकेट और पॉलिटिकल सिस्टम में घुसपैठ करता है। फ्रेंचाइजी को आदित्य धर ने लिखा और डायरेक्ट किया है।

तिग्मांशु धूलिया खुद भी बना चुके हैं कंटेंट बेस्ड फिल्में

तिग्मांशु धूलिया बॉलीवुड के उन फिल्ममेकर्स में गिने जाते हैं जिनकी पहचान कंटेंट और स्ट्रॉन्ग कैरेक्टर्स वाली फिल्मों से बनी है। ‘हासिल’, ‘पान सिंह तोमर’ और ‘साहेब बीवी और गैंगस्टर’ जैसी फिल्मों के लिए उन्हें खास तौर पर जाना जाता है। ऐसे में ‘धुरंधर’ जैसी बड़ी कमर्शियल फिल्म की स्टोरी पर उनका सवाल उठाना बॉलीवुड में कमर्शियल सिनेमा बनाम कंटेंट-ड्रिवन सिनेमा की बहस को एक बार फिर सामने ले आया है।

सोशल मीडिया पर भी शुरू हुई बहस

टिग्मांशु के बयान के बाद सोशल मीडिया पर भी लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ लोगों ने उनकी बात से सहमति जताई, जबकि कुछ यूजर्स ने फिल्म की आलोचना को लेकर उन्हें ट्रोल किया और उनकी टिप्पणी को ‘सॉर ग्रेप्स’ तक कह दिया। यानी एक तरफ ‘धुरंधर’ की रिकॉर्डतोड़ बॉक्स ऑफिस सक्सेस है, वहीं दूसरी तरफ फिल्म की स्टोरी और स्टोरीटेलिंग को लेकर तिग्मांशु धूलिया जैसे फिल्ममेकर की आलोचना। यही कॉन्ट्रास्ट फिलहाल इस फिल्म को लेकर नई बहस की वजह बन गया है।