दिल्ली के किलोकरी गांव में शोर कम कराने गए 55 साल के मणिपुरी संगीतकार चोंगथाम विक्रम सिंह की कथित हमले में मौत हो गई। पुलिस ने आठ लोगों को पकड़ा है। जानिए चोंगथाम विक्रम सिंह कौन थे?
दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के किलोकरी गांव में रविवार देर रात 55 वर्षीय मणिपुरी संगीतकार चोंगथाम विक्रम सिंह की मौत का मामला सामने आया है। आरोप है कि घर के बाहर तेज शोर की शिकायत करने पहुंचे सिंह के साथ कुछ लोगों ने मारपीट की। गंभीर रूप से घायल होने के बाद उन्हें होली फैमिली अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, आश्रम इलाके में रहने वाले सिंह अपने घर के बाहर धाबे से जुड़े कर्मचारियों और डिलीवरी कर्मियों के शोर से परेशान थे। वह आवाज कम करने के लिए नीचे गए थे। इसी दौरान कहासुनी हुई और आरोप है कि कई लोग उन पर टूट पड़े। पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की कड़ी जोड़ रही है।
CCTV में दिखा चोंगथाम विक्रम सिंह पर हमले के बाद का मंजर
घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज को जांच में अहम माना जा रहा है। फुटेज में घायल सिंह को एक व्यक्ति के कंधे पर सीढ़ियों से नीचे ले जाते हुए देखा गया है। इसके कुछ देर बाद कथित आरोपी भी सीढ़ियों से बाहर आते नजर आते हैं। जांच एजेंसियां फुटेज के जरिए हर व्यक्ति की भूमिका और घटना का क्रम समझने की कोशिश कर रही हैं। पुलिस ने मामले में आठ लोगों को हिरासत में लिया है, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है। अधिकारियों के अनुसार, पकड़े गए लोगों में अलग-अलग भोजनालयों में पैकेजिंग या फूड डिलीवरी का काम करने वाले लोग शामिल हैं। मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(2), हत्या और 3(5), समान मंशा के तहत केस दर्ज किया गया है।
कौन थे चोंगथाम विक्रम सिंह?

चोंगथाम विक्रम सिंह मणिपुर के जाने-माने संगीतकारों में शामिल थे और राज्य के लोकप्रिय म्यूजिक बैंड्स से जुड़े रहे थे। वह मशहूर शास्त्रीय गायिका चोंगथाम ओंगबी कमला देवी के बेटे और भारत की पहली बाफ्टा अवॉर्ड जीतने वाली फिल्म की निर्देशक लक्ष्मीप्रिया देवी के चचेरे भाई थे। दिल्ली में वह अपना म्यूजिक स्कूल भी चलाते थे। सिंह की मौत के बाद मणिपुरी समुदाय में चिंता बढ़ गई है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने उनके परिवार और समुदाय के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर जल्द कार्रवाई का भरोसा दिया है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ के साथ सीसीटीवी और दूसरे उपलब्ध सबूतों की जांच कर रही है। फिलहाल जांच जारी है और पुलिस का मकसद हमले की पूरी परिस्थितियों तथा प्रत्येक आरोपी की भूमिका स्पष्ट करना है।
