22 साल से भारत आ रहे ऑस्ट्रियाई नागरिक वोल्फगैंग बर्गथेलर ने बदलावों पर लिखा। उनके अनुसार, लोग अमीर तो हुए, पर खान-पान बिगड़ा और रिश्ते लेन-देन पर आधारित हो गए हैं। इस पोस्ट पर लोगों ने मिली-जुली प्रतिक्रिया दी है।

पिछले 22 साल से लगातार भारत का दौरा कर रहे ऑस्ट्रिया के नागरिक वोल्फगैंग बर्गथेलर की एक सोशल मीडिया पोस्ट खूब चर्चा में है। उन्होंने लिंक्डइन पर एक नोट शेयर कर बताया है कि इतने सालों में भारत में क्या-क्या बदला है। उन्होंने कुछ ऐसी बातों पर उंगली उठाई है, जो उन्हें बेहतर होती नहीं दिखीं। बर्गथेलर ने माना कि भारत में बिजनेस के मौके बढ़े हैं और अमीर बनने की संभावनाएं भी ज्यादा हैं, लेकिन उन्होंने कुछ तीखी आलोचनाएं भी की हैं।

अमीर हुए, लेकिन…

वोल्फगैंग ने लिखा कि लोगों को साफ हवा, पानी, ऑर्गेनिक खाना और प्राइवेसी जैसी बुनियादी जरूरतों पर उतना ध्यान नहीं दिया जा रहा। उनका एक कमेंट बहुत वायरल हो रहा है - “लोग अमीर तो हो गए, लेकिन उनके खाने-पीने का तरीका बिगड़ गया है”। उन्होंने जंक फूड और फास्ट फूड के बढ़ते चलन, अनहेल्दी लाइफस्टाइल और खेल-कूद से घटती दिलचस्पी की तरफ भी इशारा किया।

अब नफा-नुकसान देखकर बनते हैं रिश्ते

बर्गथेलर ने यह भी कहा कि अब ज्यादातर रिश्ते नफा-नुकसान देखकर बनाए जा रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अब भी ऐसे रिश्ते बचे हैं, जो बिना किसी उम्मीद के टिके हों? उन्होंने सोशल मीडिया के ज्यादा इस्तेमाल पर भी बात की, जिससे लोगों का ध्यान भटकने लगा है। उन्होंने कहा कि घंटों तक चलने वाली बातचीत अब रील्स की तरह एक टॉपिक से दूसरे टॉपिक पर कूदने लगी है। यह विरोधाभास सिर्फ खाने-पीने में ही नहीं, बल्कि काम की जगहों पर भी दिखता है। भारत ग्लोबल लेवल पर तो बढ़ रहा है, लेकिन कंपनियों में बॉस और कर्मचारी वाला पुराना सिस्टम अब भी वैसा ही है।

लोगों ने दिया मिला-जुला कॉमेन्ट्स…

वोल्फगैंग बर्गथेलर की इस पोस्ट पर लोगों ने मिली-जुली प्रतिक्रिया दी है। कुछ लोगों ने उनकी बातों से सहमति जताई, तो वहीं कुछ ने कहा कि सिर्फ बड़े शहरों को देखकर पूरे भारत के बारे में राय नहीं बनानी चाहिए। कुछ यूजर्स का यह भी कहना था कि उन्होंने भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी और एंटरप्रेन्योरशिप जैसे क्षेत्रों में हुई तरक्की को नजरअंदाज कर सिर्फ निगेटिव तस्वीर पेश की है।