Satya Niketan Building Collapse :दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में 5 मंजिला बिल्डिंग गिरने से हाहाकार मचा हुआ है। जिस इमारत में यह हादसा हुआ वहां पीजी हॉस्टल चलती थी। जिसमें कई छात्र अंदर थे। एक स्टूडेंट की मरने की खबर भी आई है। वहीं बिल्डिंग के मालिक के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है।
दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को एक 5 मंजिला छात्रों से भरी इमारत ढहने के बाद हाहाकार मचा है। हादसे की वजह क्या रही, अभी क्लियर नहीं है, लेकिन विपक्ष और आप के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इस घटना के पीछे दिल्ली सरकार की लापरवाही को सबसे बड़ा कारण बताया है। इसी बीच पुलिस ने बिल्डिंग के मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर करते हुए जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
बिल्डिंग में रहते थे 50 स्टू़डेंट
बता दें कि यह बिल्डिंग कई कॉलेजो के पास है। इस इलाक में बड़ी संख्या में छात्र रहते हैं। बताया जा रहा है कि बिल्डिंग में 20-25 कमरे थे और हर कमरे में 2 स्टूडेंट्स रहते थे। हादसे के वक्त अंदर 50 से ज्यादा छात्र थे। अभी कितने लोग मलबे में दबे हैं, यह पता नहीं है। इसी बीच एक युवक ने मलबे के अंदर से अपने दोस्त को कॉल करके कहा-उसको बचा लो वह मर जाएगा।
कौन है सत्य निकेतन बिल्डिंग का मालिक?
- बता दें कि दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में जो 5 मंजिला इमारत भरभराकर गिरी है वह पीजी बिल्डिंग आनंद बंसल है के नाम रजिस्ट्रर है। यानि साफ तौर पर आनंद बंसल ही इसका मालिक है। पुलिस ने बिल्डिंग मालिक के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है। जो कि गुरुग्राम में रहते हैं। पुलिस जल्द ही पूछताछ करने वाली है।
- बताया जाता है कि इस बिल्डिंग में 75 की पीजी चलती थी। एक बेड का किराया करीब 50 हजार रुपए तय था। यानि इस बिल्डिंग के मालिक को लाखों रुपए महीने की कमाई होती थी। अब सवाल यह है कि इसमें सुरक्षा को लेकर कितने इंतजाम थे।
मलबे में दबे कई और लोग
दिल्ली की बीजेपी सरकार ने कहा कि “अगर जांच में कोई भी विभाग दोषी या लापरवाह पाया गया, तो हर संबंधित अधिकारी और इंजीनियर के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।”इससे पहले, दिल्ली पुलिस ने रविवार को बताया कि दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन के पास गिरी इमारत के मलबे से अब तक छह लोगों को बचाया जा चुका है। बताया जा रहा है कि हादसे के वक्त इमारत में कई लोग मौजूद थे। अभी भी कई लोग मलबे में दबे होने की आशंका है।
क्या इस वजह से गिरी सत्य निकेतन में इमारत
दिल्ली पुलिस ने कहा, “स्थानीय पूछताछ में पता चला है कि यह 40-50 साल पुरानी इमारत थी, जिसमें एक बेसमेंट और पांच ऊपरी मंजिलें थीं। इसे पीजी हॉस्टल के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा था। जिस वक्त यह हादसा हुआ, उस समय बेसमेंट में मरम्मत का काम चल रहा था। अब तक छह लोगों को बचाकर अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। खोज और बचाव अभियान अभी भी जारी है।”
बिल्डिंग का मंजर देखने पहुंची सीएम रेखा गुप्ता
घटना के बाद दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सत्य निकेतन में इमारत गिरने वाली जगह का दौरा किया। गुप्ता ने कहा कि बचाव दल युद्ध स्तर पर काम कर रहे हैं और फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए हर संभव कोशिश की जा रही है। "सत्य निकेतन, आरके पुरम में इमारत गिरने की घटना से बहुत चिंतित हूं।


