लखनऊ ट्रिपल मर्डर केस में मृतक दिव्या मिश्रा की बहन ने दावा किया कि आरोपी पति दो रिवॉल्वर लेकर उनकी रेकी कर रहा था। बैंक के गेट पर गोली चलाकर दिव्या की हत्या की गई।
Lucknow Triple Murder: लखनऊ के गोमती नगर में ICICI बैंक की डिप्टी मैनेजर दिव्या मिश्रा की गोली मारकर हत्या के बाद उनकी बहन ने घटना को लेकर कई गंभीर बातें बताई हैं। दिव्या की बहन और यूट्यूबर प्रज्ञा मिश्रा के मुताबिक, दिव्या अपने पति के कथित सनकी व्यवहार और उसकी बहन शीबा की मानसिक बीमारी से जुड़े हालातों के कारण अलग रह रही थी।
पति पर दो रिवॉल्वर लेकर रेकी करने का आरोप
- प्रज्ञा मिश्रा के मुताबिक, दिव्या रोज की तरह सुबह करीब 9 बजे गोमती नगर स्थित ICICI बैंक के ऑफिस पहुंची थी। ऑफिस पहुंचने के बाद उन्होंने अपना काम पूरा किया।
- इसके बाद वह बैंक के एक साथी के साथ किसी से चेक लेने के लिए बाहर गई थीं। इसी दौरान पति मानस उसका पीछा कर रहा था।
- दिव्या की बहन का दावा है कि पति मानस दो रिवॉल्वर लेकर ऑटो में उसकी रेकी कर रहा था। जब दिव्या बैंक वापस पहुंचीं और बैंक के गेट पर थी, तभी उसने पहली रिवॉल्वर से उस पर गोली चला दी।
- बहन प्रज्ञा मिश्रा के मुताबिक, इसके बाद आरोपी ने रिवॉल्वर के बट से दिव्या के चेहरे और सिर पर कई बार वार किया।

बैंक के गेट पर दोबारा चलाई गोली
दिव्या की बहन के अनुसार, घटना के दौरान आसपास मौजूद लोग अपनी जान बचाने के लिए वहां से भाग गए। इसके बाद आरोपी ने दूसरी रिवॉल्वर निकाली और उससे भी गोली चला दी। गोली लगने से दिव्या के माथे पर गंभीर चोटें आईं।
मुझमें मां को बताने की हिम्मत नहीं: दिव्या की बहन
दिव्या की मौत के बाद उनकी बहन प्रज्ञा मिश्रा ने बेहद भावुक शब्दों में उन्हें याद करते हुए कहा, यकीन करना मुश्किल है कि दिव्या अब हमारे बीच नहीं हैं। उन्होंने कहा कि मां का फोन लगातार बज रहा है। लेकिन उनमें अपनी मां को यह बताने की हिम्मत नहीं है कि दिव्या अब इस दुनिया में नहीं रही।
काश तुम इतनी भोली न होतीं..
दिव्या को याद करते हुए उनकी बहन प्रज्ञा मिश्रा ने कहा कि काश दिव्या इतनी भोली नहीं होतीं। उन्होंने यह भी कहा कि काश वे उस दिन पूर्णागिरि घूमने चले जाते। बहन की इन बातों में दिव्या को खोने का दर्द और परिवार पर टूटे इस दुख की गहरी झलक दिखाई देती है। बता दें कि सभी जानकारी दिव्या मिश्रा की बहन के कथित बयान पर आधारित है। उनके द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।


