
बिश्केक में अनोखा सांस्कृतिक संगम
बिश्केक में भारत और किर्गिस्तान के बीच एक खूबसूरत सांस्कृतिक आदान-प्रदान देखने को मिला। मानसची श्री रिसबाई इसाकोव ने किर्गिस्तान के प्रसिद्ध और अत्यंत सम्मानित ‘मानस’ महाकाव्य की कुछ पंक्तियों का पारंपरिक अंदाज़ में पाठ किया।यह पल दोनों देशों की साझा सांस्कृतिक विरासत, परंपराओं और आपसी सम्मान की एक खूबसूरत झलक पेश करता है।