मुंबई बारिश का कहर या कोई बड़ा खतरा? रेड अलर्ट, भूस्खलन, 10 मौतें, मुंबई-पुणे रेल बंद, मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे ठप, हेल्पलाइन जारी-और SDMA ने वर्क फ्रॉम होम की सलाह दी। क्या हालात और बिगड़ेंगे?

मुंबई: जब आसमानी आफत हदें पार कर जाए, तो आलीशान महानगर भी बेबस नजर आने लगते हैं। मुंबई और उसके आस-पास के इलाकों में पिछले तीन दिनों से जारी मूसलाधार बारिश ने अब एक बेहद खौफनाक रूप अख्तियार कर लिया है। महज़ कुछ दिनों के भीतर ही अलग-अलग हादसों में कम से कम 10 मासूम जिंदगियां काल के गाल में समा चुकी हैं। पहाड़ों से खिसकते मलबे ने मुंबई और पुणे जैसी दो बड़ी लाइफलाइंस को आपस में पूरी तरह काट दिया है, तो वहीं शहर के भीतर जर्जर इमारतें ताश के पत्तों की तरह ढह रही हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी किए गए ताज़ा 'रेड अलर्ट' ने आने वाले कुछ घंटों के लिए दहशत को और बढ़ा दिया है।

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जनता नगर का वो चीत्कार: जब तीन मंजिला चॉल के मलबे में दफन हो गए 5 बच्चे

इस पूरी मानसूनी त्रासदी का सबसे दर्दनाक और रोंगटे खड़े कर देने वाला मंजर रविवार की रात मानखुर्द के जनता नगर इलाके में देखने को मिला। रात के अंधेरे में लगातार हो रही भारी बारिश के दबाव के कारण एक तीन मंजिला चॉल का बड़ा हिस्सा अचानक ढह गया। यह हादसा इतना अप्रत्याशित था कि किसी को संभलने तक का मौका नहीं मिला।

अस्पताल से आई दर्दनाक रिपोर्ट: नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF), मुंबई फायर ब्रिगेड और स्थानीय प्रशासन ने मलबे के पहाड़ों को चीरकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। इस मलबे से अब तक 6 शव निकाले जा चुके हैं, जिनमें एक बेबस महिला और पांच मासूम बच्चे शामिल हैं। गोवंडी के शताब्दी अस्पताल और घाटकोपर के राजावाड़ी अस्पताल के डॉक्टरों ने इन्हें मृत घोषित कर दिया। हादसे की गंभीरता को देखते हुए मुंबई की मेयर रितु तावड़े, विधायक अबू आसिम आज़मी और रुख़साना सिद्दीकी ने तुरंत अस्पताल पहुंचकर पीड़ित परिवारों को ढांढस बंधाया। इसके अलावा, पिछले दो दिनों में पेड़ गिरने से दो लोगों की मौत हुई, जबकि एक शख्स खुले मैनहोल में समा गया और चेंबूर में भारी बारिश के चलते एक और बच्चे की जान चली गई।

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भोर घाट में महासंकट: 16 ट्रेनें रद्द और एक्सप्रेसवे पर लगा 'परम सन्नाटा'

मुंबई की तबाही सिर्फ शहर की सीमाओं तक महदूद नहीं है। कर्जत और लोनावाला के बीच ठाकुरवाड़ी और मंकी हिल लूप केबिन के पास, जिसे साउथ-ईस्ट घाट सेक्शन कहा जाता है, अचानक भारी भूस्खलन (लैंडस्लाइड) हो गया। पहाड़ों से गिरे मलबे और विशालकाय चट्टानों ने सेंट्रल रेलवे के पूरे ट्रैफिक को पटरी से उतार दिया।

इस वजह से सोमवार के लिए तय की गईं 16 महत्वपूर्ण ट्रेनों को पूरी तरह रद्द करना पड़ा, जिनमें मुंबई की शान कही जाने वाली 'पुणे-CSMT डेक्कन क्वीन' और 'सिंहगढ़ एक्सप्रेस' शामिल हैं। वहीं, 9 अन्य ट्रेनों का रास्ता बदलकर उन्हें दौंड-मनमाड-इगतपुरी-कल्याण के लंबे रास्तों से भेजा जा रहा है। दूसरी तरफ, महाराष्ट्र स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (MSRDC) ने सुरक्षा कारणों से पुणे-मुंबई एक्सप्रेसवे और पुराने मुंबई-पुणे हाईवे, दोनों को अगले आदेश तक दोनों तरफ से पूरी तरह बंद कर दिया है।

इस त्रासदी से जुड़ी 10 सबसे अहम बातें: जानिए हर वो डिटेल जो आपके लिए है ज़रूरी

1. मानखुर्द में मलबे का तांडव: एक ही इलाके में छह मौतें

मुंबई में एक हफ़्ते के भीतर बारिश से जुड़ी घटनाओं में कम से कम 10 लोगों ने जान गंवाई है। सबसे बड़ी त्रासदी रविवार रात मानखुर्द के जनता नगर इलाके में हुई, जहाँ एक तीन मंजिला चॉल का हिस्सा ढहने से छह लोगों की मौत हो गई। मृतकों में पांच बच्चे और एक महिला शामिल हैं। इस हादसे में एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल भी हुआ है, जिसका अस्पताल में इलाज चल रहा है।

2. अस्पतालों में पसरा मातम: डॉक्टरों ने किया मृत घोषित

हादसे के बाद पीड़ितों को तुरंत गोवंडी के पंडित मदन मोहन मालवीय शताब्दी अस्पताल और घाटकोपर के राजावाड़ी अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों के मुताबिक, शताब्दी अस्पताल में एक महिला, तीन लड़कियों और एक लड़के को मृत अवस्था में लाया गया था, जबकि राजावाड़ी अस्पताल में एक और लड़के को मृत घोषित किया गया।

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3. सांत्वना देने पहुंचे जनप्रतिनिधि: मेयर ने किया दौरा

इस भयावह हादसे की खबर मिलते ही मुंबई की मेयर रितु तावड़े ने शताब्दी अस्पताल का दौरा किया। उन्होंने वहां पहुंचकर शोकाकुल परिवारों से मुलाकात की और उन्हें ढांढस बंधाया। इस दौरान उनके साथ विधायक अबू आसिम आज़मी और रुख़साना सिद्दीकी भी मौजूद थीं, जिन्होंने स्थिति का जायजा लिया।

4. आधी रात को महाऑपरेशन: मौके पर डटी रहीं रेस्क्यू टीमें

चॉल गिरने की सूचना मिलते ही रेस्क्यू ऑपरेशन युद्धस्तर पर शुरू किया गया। नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF), मुंबई फायर ब्रिगेड, स्थानीय पुलिस और बीएमसी (BMC) के कर्मचारी बिना वक्त गंवाए मौके पर पहुंचे और मलबे को हटाकर लोगों को बाहर निकालने के काम में जुट गए।

5. मौसम विभाग की सबसे बड़ी चेतावनी: जारी हुआ 'रेड अलर्ट'

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मुंबई मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र के लिए खतरनाक 'रेड अलर्ट' जारी किया है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि सोमवार को मुंबई और आस-पास के इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश के साथ-साथ तेज हवाएं चलेंगी, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है।

6. चार जिलों में तालाबंदी: एहतियातन स्कूल-कॉलेज बंद

मौसम की भयावह स्थिति और रेड अलर्ट को देखते हुए प्रशासन ने छात्रों की सुरक्षा के लिए कड़ा कदम उठाया है। मुंबई, ठाणे, नवी मुंबई और पालघर जिलों में सोमवार को सभी स्कूल और कॉलेजों को पूरी तरह बंद रखने का आदेश दिया गया है। ठाणे में सीनियर सेकेंडरी स्कूल और जूनियर कॉलेज भी इस बंद के दायरे में शामिल हैं।

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7. पहाड़ों का खिसकना: मुंबई-पुणे रेल रूट पर भूस्खलन

भारी और लगातार हो रही बारिश के कारण कर्जत और लोनावाला के बीच ठाकुरवाड़ी और मंकी हिल लूप केबिन के पास साउथ-ईस्ट घाट सेक्शन में भयानक भूस्खलन हुआ। पटरियों पर भारी मलबा और चट्टानें गिरने के बाद सेंट्रल रेलवे को इस रूट पर ट्रेनों का परिचालन पूरी तरह रोकना पड़ा।

8. यात्रियों पर दोहरी मार: 16 ट्रेनें रद्द, 9 का बदला रास्ता

रेलवे ट्रैक बाधित होने के कारण सेंट्रल रेलवे ने सोमवार को चलने वाली 16 महत्वपूर्ण ट्रेनों को पूरी तरह रद्द कर दिया। रद्द होने वाली प्रमुख ट्रेनों में पुणे-CSMT डेक्कन क्वीन और सिंहगढ़ एक्सप्रेस शामिल हैं। इसके अलावा, यात्रियों की सुविधा के लिए 9 ट्रेनों का रूट बदलकर उन्हें दौंड-मनमाड-इगतपुरी-कल्याण के रास्ते रवाना किया गया।

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9. हाईवे पर लगा पहरा: एक्सप्रेसवे को दोनों तरफ से किया गया बंद

सड़क मार्ग से यात्रा करने वालों के लिए भी मुश्किलें बढ़ गईं क्योंकि लगातार बारिश और भूस्खलन के खतरे को देखते हुए MSRDC ने पुणे-मुंबई एक्सप्रेसवे और पुराने मुंबई-पुणे हाईवे पर ट्रैफिक को पूरी तरह रोक दिया। अधिकारियों ने दोनों तरफ से रास्ते बंद कर दिए हैं और बचाव कार्य पूरा होने तक लोगों से इस रूट पर न जाने की अपील की है।

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10. मुसीबत में फंसे मुसाफिर: रेलवे ने जारी किए इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर

स्टेशनों पर फंसे और परेशान यात्रियों को रियल-टाइम अपडेट देने के लिए सेंट्रल रेलवे ने तुरंत चार विशेष हेल्पलाइन नंबर एक्टिवेट कर दिए हैं। इन नंबरों के ज़रिए यात्री ट्रेनों की देरी, रद्दीकरण और यात्रा के वैकल्पिक इंतजामों की सटीक जानकारी पा सकते हैं:

  • CSMT: 022-22694040
  • ठाणे: 9321336747
  • लोनावाला: 8356854238
  • दादर: 9136452387

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प्राइवेट कंपनियों को कड़ा निर्देश: 'वर्क फ्रॉम होम' देने की आधिकारिक सलाह

इस अभूतपूर्व संकट को देखते हुए स्टेट डिज़ास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (SDMA) ने मुंबई के लिए विशेष और बेहद सख्त निर्देश जारी किए हैं। सड़कों पर भारी जलभराव और सार्वजनिक परिवहन के ठप होने के चलते SDMA ने सभी निजी (Private) दफ्तरों को सलाह दी है कि जहां भी संभव हो, वे अपने कर्मचारियों को तुरंत 'वर्क फ्रॉम होम' (घर से काम करने) की इजाज़त दें ताकि सड़कों पर भीड़भाड़ और हादसों से बचा जा सके। इसके साथ ही, सरकारी विभागों के लिए भी नियम बदलते हुए यह आदेश दिया गया है कि सभी गैर-ज़रूरी सरकारी ऑफ़िस सोमवार को सिर्फ आधे दिन के लिए ही खोले जाएंगे। प्रशासन इस वक्त पूरी तरह मुस्तैद है और लोगों से केवल यही अपील कर रहा है कि वे अपने घरों के भीतर सुरक्षित रहें।