चीन-नेपाल सीमा पर गियिरोंग पोर्ट में भूस्खलन से भारी तबाही हुई। सड़कें और इमारतें मलबे में दबीं, कई लोग लापता और सीमा व्यापार प्रभावित हुआ।
Nepal Flash Floods Video: बुधवार को तिब्बत के गियिरोंग काउंटी में चीन-नेपाल सीमा पर बड़ा भूस्खलन हुआ। इस हादसे में भारी नुकसान हुआ है और गियिरोंग पोर्ट पर कई लोगों के लापता होने की खबर है। जानकारी के मुताबिक, भूस्खलन स्थानीय समय के अनुसार सुबह करीब 10:30 बजे हुआ। घटना के भयावह वीडियो और फुटेज सामने आ रहे हैं, जिनमें लोग अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों की ओर भागते दिखाई दिए।
कीचड़, पानी और मलबे की विशाल दीवार ने सबकुछ किया तबाह
एक वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे पलक झपकते कीचड़, पानी और मलबे की एक विशाल दीवार गियिरोंग पोर्ट की बिल्डिंग को अपनी आगोश में ले लेती है। चंद सेकंड में पूरी इमारत पानी और मलबे की चपेट में तबाह हो जाती है। तेज बहाव के साथ आए बाढ़ के पानी और मलबे ने बॉर्डर एरिया के पास कुछ हिस्सों को बुरी तरह नुकसान पहुंचाया।
7 दिनों के लिए बंद की गई चेकपॉइंट की सड़कें
बचाव अभियान जारी रहने के कारण अधिकारियों ने चेकपॉइंट तक जाने वाली सड़कों को सात दिनों के लिए बंद कर दिया है। इस आपदा में पोर्ट तक पहुंचने वाली कई सड़कें कट गईं। चीनी सीमा की तरफ बिजली और संचार व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। अधिकारियों ने भारी नुकसान होने और कई लोगों के लापता होने की चेतावनी दी है। नुकसान का सही आंकलन करने का काम जारी है।
नेपाल की तरफ भी बाढ़ से भारी तबाही
सीमा के दूसरी ओर नेपाल में अचानक आई बाढ़ ने गांवों, सड़कों, पुलों और जलविद्युत से जुड़े बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाया है। नेपाल पर्यटन बोर्ड के अनुसार, शुरुआत में 384 यात्रियों के लापता होने की सूचना मिली थी। इनमें 291 विदेशी नागरिक शामिल थे। लापता लोगों में कम से कम 105 भारतीय नागरिक भी बताए गए हैं।
करीब 200 बचावकर्मी और आधुनिक उपकरण मौके पर पहुंचे
चीन ने भूवैज्ञानिकों और इंजीनियरों के साथ करीब 200 बचाव कर्मियों को घटनास्थल पर भेजा है। इसके अलावा अतिरिक्त कर्मचारियों को भी स्टैंडबाय पर रखा गया है। शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, बचाव दल अपने साथ भारी मशीनरी, टोही ड्रोन, 3D लेजर स्कैनर और जीवन का पता लगाने वाले उपकरण लेकर पहुंचे हैं। इन उपकरणों की मदद से मलबे में फंसे या लापता लोगों की तलाश की जा रही है।
दिनभर बदलती रही स्थिति, नुकसान का आकलन जारी
यह आपदा ऐसी स्थिति में बदल गई, जिसमें दिनभर हालात लगातार बदलते रहे और मृतकों की संख्या बढ़ने की जानकारी सामने आती रही। अधिकारियों ने कहा कि इस तबाही और नुकसान के पूरे पैमाने का आकलन अभी किया जा रहा है। बचाव अभियान जारी है और प्रभावित इलाकों में लोगों की तलाश के साथ-साथ नुकसान का विस्तृत आकलन भी किया जा रहा है।
चीन-नेपाल के अहम व्यापारिक रास्ते पर पड़ा असर
गियिरोंग पोर्ट तिब्बत का एक प्रमुख विदेशी व्यापार पोर्ट है और नेपाल के साथ चीन के बड़े हिस्से के व्यापार को संभालता है। कोविड-19 महामारी के बाद साल 2022 में यहां माल और यात्रियों की आवाजाही फिर से शुरू हुई थी। इसके बाद से यह पोर्ट नेपाल को होने वाले चीनी निर्यात, खासकर इलेक्ट्रिक वाहनों समेत अन्य सामान के लिए एक प्रमुख रास्ता बन गया। इस भूस्खलन ने चीन और नेपाल के बीच रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण व्यापार गलियारे को भी प्रभावित कर दिया है।


