श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने पहली बार CEO नियुक्त किया है। सूत्रों के मुताबिक भारतीय वायुसेना में 38 साल सेवा दे चुके एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। नियुक्ति से ट्रस्ट के प्रशासनिक और वित्तीय प्रबंधन को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

अयोध्या के राम मंदिर से जुड़े प्रशासनिक ढांचे में एक बड़ा बदलाव हुआ है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने पहली बार मुख्य कार्यकारी अधिकारी यानी CEO की नियुक्ति की है। सूत्रों के मुताबिक, भारतीय वायुसेना के पूर्व वरिष्ठ अधिकारी एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को ट्रस्ट का पहला CEO बनाया गया है। यह नियुक्ति ऐसे समय हुई है, जब ट्रस्ट अपने प्रशासनिक और वित्तीय प्रबंधन को और मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है।

38 साल भारतीय वायुसेना में किया काम

एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा भारतीय वायुसेना में करीब 38 वर्षों तक सेवा दे चुके हैं। अपने लंबे सैन्य करियर के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। सूत्रों के अनुसार, वह एक फाइटर पायलट, कॉम्बैट इंस्ट्रक्टर और टेस्ट पायलट के रूप में भी काम कर चुके हैं। वायुसेना में विभिन्न अहम भूमिकाओं का अनुभव रखने वाले मिश्रा अब राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के प्रशासनिक कार्यों से जुड़ी नई जिम्मेदारी संभालेंगे।

Scroll to load tweet…

यह भी पढ़ें: 5 सितंबर तक इन राज्यों में संभलकर रहें! कम बारिश के अनुमान के बीच भारी वर्षा की चेतावनी

ट्रस्ट में पहली बार CEO की नियुक्ति क्यों अहम?

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट देश के सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक संस्थानों में से एक, अयोध्या के राम मंदिर के प्रबंधन से जुड़ी जिम्मेदारियां संभालता है। पहली बार CEO की नियुक्ति को ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे को अधिक व्यवस्थित और पेशेवर बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, ट्रस्ट प्रशासनिक व्यवस्था और वित्तीय निगरानी को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दे रहा है।

प्रशासन और वित्तीय निगरानी होगी मजबूत

CEO की नियुक्ति के बाद ट्रस्ट के रोजमर्रा के प्रशासनिक कार्यों, प्रबंधन व्यवस्था और वित्तीय निगरानी को बेहतर ढंग से संचालित करने की संभावना है। हालांकि नियुक्ति और CEO की जिम्मेदारियों से जुड़े विस्तृत आधिकारिक विवरण का इंतजार किया जा रहा है। लेकिन 38 वर्षों के सैन्य अनुभव वाले एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति राम मंदिर ट्रस्ट के प्रशासनिक प्रबंधन में एक महत्वपूर्ण बदलाव के तौर पर देखी जा रही है। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि ट्रस्ट के पहले CEO के रूप में वह राम मंदिर से जुड़े प्रशासनिक और प्रबंधन कार्यों को किस तरह आगे बढ़ाते हैं।

यह भी पढ़ें: 7 साल की बच्ची की मौत और 47 बच्चे अस्पताल में... पोलावरम की घटना ने खड़े किए गंभीर सवाल