Yogi Adityanath Raksha Bandhan 2026: यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में स्कूली बच्चियों के साथ रक्षाबंधन मनाया। देश के दूसरे हिस्सों में भी त्योहार की धूम रही। हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी, ओडिशा के नवीन पटनायक और भारतीय सेना ने भी इस पर्व को खास अंदाज में मनाया।
Yogi Adityanath Rakhi: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को लखनऊ में 'स्नेहबंधन' कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस मौके पर उन्होंने स्कूली बच्चियों के साथ रक्षाबंधन का त्योहार मनाया। बच्चियों ने सीएम को राखी बांधी और इस कार्यक्रम का हिस्सा बनकर अपनी खुशी जाहिर की।
इस कार्यक्रम के दौरान, स्कूली बच्चियों ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए मुख्यमंत्री से बात की और उन्हें रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं। स्टूडेंट्स ने सीएम से जुड़ने और इस खास मौके का हिस्सा बनने पर खुशी जताई। इस बातचीत से कार्यक्रम में एक अपनापन आ गया। बच्चियों ने सीएम को त्योहार की बधाई दी और योगी आदित्यनाथ ने भी उनसे खूब बातें कीं।
देशभर में मनाया गया त्योहार
भाई-बहन के प्यार, भरोसे और सुरक्षा के प्रतीक रक्षाबंधन के मौके पर यह 'स्नेहबंधन' कार्यक्रम आयोजित किया गया था। लखनऊ के अलावा देश के कई हिस्सों में रक्षाबंधन के कार्यक्रम हुए।
चंडीगढ़ में, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने संत कबीर कुटीर में रक्षाबंधन मनाया, जहां स्कूली छात्राओं ने उन्हें राखी बांधी। इस मौके पर त्योहार का उत्साह साफ दिखा और सार्वजनिक समारोहों में छोटे-छोटे बच्चों की भागीदारी भी देखने को मिली।
भुवनेश्वर में भी रक्षाबंधन मनाया गया। यहां ब्रह्माकुमारी बहनों, छात्राओं और बीजेडी नेताओं ने ओडिशा के नेता प्रतिपक्ष नवीन पटनायक के साथ नवीन निवास में यह त्योहार मनाया।
भारतीय सेना का 'भारत रक्षा पर्व'
भारतीय सेना ने भी 'भारत रक्षा पर्व' पहल के तहत इस मौके को खास बनाया। स्कूली बच्चों ने थल सेनाध्यक्ष जनरल धीरज सेठ को राखियां बांधीं। यह कार्यक्रम आम नागरिकों और सशस्त्र बलों के बीच के रिश्ते को दिखाता है।
सेना ने कहा कि बच्चों के इस प्यार भरे अंदाज में देश के लोगों का जवानों के लिए प्यार और आभार झलकता है। इससे सेना और आम नागरिकों के बीच भरोसे और अपनेपन का रिश्ता और मजबूत होता है।
पूरे देश में रक्षाबंधन का त्योहार पारिवारिक कार्यक्रमों, सामुदायिक समारोहों और सार्वजनिक आयोजनों के जरिए मनाया गया। इन समारोहों में प्यार, सामाजिक सद्भाव और त्योहार की पारंपरिक भावना पर जोर दिया गया।
