दिल्ली विधानसभा के स्पीकर विजेंदर गुप्ता ने लक्ष्मीबाई कॉलेज की छात्राओं से कहा कि 'विकसित भारत' के निर्माण के लिए देश की युवा महिलाओं की लीडरशिप और नए आइडिया बेहद ज़रूरी हैं. उन्होंने छात्राओं को देश के भविष्य को आकार देने में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित किया.
नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा के स्पीकर विजेंदर गुप्ता ने बुधवार को देश की युवा महिलाओं से देश का भविष्य बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की. उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि 'विकसित भारत' का सपना पूरा करने के लिए उनकी लीडरशिप और नए आइडियाज़ बहुत ज़रूरी हैं.
उन्होंने कहा, "आज की युवा महिलाओं को सिर्फ सार्वजनिक जीवन में हिस्सा लेने का सपना नहीं देखना चाहिए, बल्कि उनमें नेतृत्व करने, सवाल पूछने, कुछ नया करने और राष्ट्र-निर्माण में योगदान देने का आत्मविश्वास भी होना चाहिए. 'विकसित भारत' बनाने में उनकी आवाज़, उनके विचार और उनकी लीडरशिप की भूमिका अहम होगी."
यूथ आउटरीच प्रोग्राम के तहत दिल्ली विधानसभा देखने आईं दिल्ली यूनिवर्सिटी के लक्ष्मीबाई कॉलेज की छात्राओं से बातचीत करते हुए गुप्ता ने कहा कि भारत की युवा पीढ़ी में जागरूकता, भागीदारी और एक ज़िम्मेदार नागरिक बनकर लोकतांत्रिक संस्थाओं को मज़बूत करने की अपार क्षमता है.
उन्होंने कहा कि यूथ आउटरीच प्रोग्राम जैसे कार्यक्रम छात्रों को किताबी ज्ञान से आगे बढ़कर यह समझने का सीधा मौका देते हैं कि लोकतांत्रिक संस्थाएं कैसे काम करती हैं और जनता से जुड़ी नीतियां कैसे बनती हैं.
स्पीकर ने खासकर विधानसभा आईं युवा महिलाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि वे खुद को सार्वजनिक जीवन के हर क्षेत्र में भविष्य की लीडर के तौर पर देखें. उन्होंने छात्राओं से अपनी बात रखने का आत्मविश्वास पैदा करने, शासन और सार्वजनिक मामलों के बारे में जिज्ञासु बने रहने और अपनी शिक्षा को समाज में सार्थक योगदान देने का आधार बनाने की अपील की. गुप्ता ने कहा कि महिलाएं अपने विचारों, दृढ़ संकल्प और नेतृत्व से एक प्रगतिशील और आत्मनिर्भर भारत को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं.
इस प्रोग्राम के हिस्से के तौर पर, लक्ष्मीबाई कॉलेज की छात्राओं ने ऐतिहासिक विधानसभा परिसर का दौरा किया और 1912 से जुड़ी इसकी समृद्ध विधायी विरासत को समझा. उन्हें सेंट्रल लेजिस्लेटिव असेंबली के दौर से लेकर, जिसमें श्री विट्ठलभाई पटेल जैसे नेताओं की विरासत शामिल है, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली की विधानसभा के रूप में इसकी आज की भूमिका तक के सफर के बारे में बताया गया.
दौरे पर आईं छात्राओं को विधानसभा के इतिहास पर लिखी किताब 'एक शताब्दी यात्रा' भी भेंट की गई, जिससे उन्हें विधानसभा के शानदार सफर और दिल्ली के लोकतांत्रिक इतिहास में इसके योगदान को जानने का मौका मिला. कार्यक्रम का समापन मुख्य असेंबली हाउस चैंबर के दौरे के साथ हुआ, जहां छात्राओं ने उसी जगह पर विधानमंडल की कार्यवाही देखी, जहां दिल्ली के लोगों से जुड़े मुद्दों पर बहस होती है.
स्पीकर ने ज़ोर देकर कहा कि लोकतंत्र तब और मज़बूत होता है, जब उसके युवा नागरिक जागरूक हों, सक्रिय हों और सार्वजनिक मामलों में रचनात्मक रूप से हिस्सा लेने को तैयार हों. उन्होंने कहा कि युवाओं, खासकर युवा महिलाओं को लोकतांत्रिक संस्थाओं की जानकारी देकर सशक्त बनाना, भविष्य के नेतृत्व और शासन में एक निवेश है.


