Gujrat : 11 साल, 29 परिवार और 300 लोग... महिला IPS सुमन नाला बनी आदिवासियों के लिए मसीहा

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आईपीएस सुमन नाला के घर काम करने वाली अल्का ने एक सामान्य बातचीत में बताया कि वह आज तक अपने पति के पुश्तैनी गाँव नहीं जा पाई। गुजरात के बनासकांठा ज़िले में 11 साल पहले हत्या की एक घटना के बाद ‘चढ़ोतरू’ प्रथा के चलते डाबी समुदाय से दुश्मनी झेल रहे कोदरवी आदिवासी परिवारों को मोता पिपोदरा गाँव छोड़ना पड़ा था। लंबे समय तक पलायन का दर्द झेलते इन परिवारों की तक़दीर तब बदली, जब एएसपी सुमन नाला ने इस पीड़ा को सुना और इसे अपना मिशन बना लिया। पुलिस ने न केवल केस दर्ज किया बल्कि मध्यस्थता कर दोनों पक्षों के बीच शांति स्थापित की। नतीजा यह हुआ कि 29 परिवारों के करीब 300 लोग आखिरकार अपने पुश्तैनी गाँव लौट पाए। यह सिर्फ़ घर वापसी नहीं, बल्कि इंसाफ़ और विश्वास की मिसाल बन गई।

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