मध्य प्रदेश को देश का बड़ा औद्योगिक और निवेश केंद्र बनाने की तैयारी है। BHAVYA योजना के तहत 9,047 एकड़ में 11 औद्योगिक पार्क प्रस्तावित हैं। 8,144 करोड़ रुपये की DPR लागत वाली परियोजनाओं से निवेश और रोजगार बढ़ने की उम्मीद है।
मध्य प्रदेश अब सिर्फ कृषि और प्राकृतिक संसाधनों के लिए नहीं, बल्कि देश के बड़े औद्योगिक और निवेश केंद्र के तौर पर अपनी पहचान बनाने की तैयारी में है। नई दिल्ली में हुई एक अहम बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य के औद्योगिक विस्तार का विजन रखा। सबसे बड़ा फोकस आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश के लिए तैयार जमीन और नए रोजगार पर रहा।
मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय औद्योगिक कॉरिडोर विकास एवं कार्यान्वयन ट्रस्ट (NICDIT) की एपेक्स मॉनिटरिंग अथॉरिटी की तीसरी बैठक में मध्य प्रदेश की औद्योगिक संभावनाओं और प्रस्तावित परियोजनाओं का खाका सामने रखा। खास बात यह है कि BHAVYA योजना के तहत राज्य ने 9,047.08 एकड़ क्षेत्र में 11 औद्योगिक पार्क विकसित करने के प्रस्ताव पेश किए हैं।
11 इंडस्ट्रियल पार्क, 8,144 करोड़ रुपये की DPR लागत
BHAVYA यानी भारत औद्योगिक विकास योजना के तहत मध्य प्रदेश ने फेज-I, राउंड-I में 11 औद्योगिक पार्कों के प्रस्ताव रखे हैं। इन परियोजनाओं की कुल प्रस्तावित DPR लागत 8,144.35 करोड़ रुपये है। इन पार्कों को निवेश-तैयार यानी Plug-and-Play मॉडल पर विकसित करने का लक्ष्य है। इसका मतलब है कि उद्योगों को जमीन के साथ जरूरी बुनियादी सुविधाएं पहले से उपलब्ध कराने पर जोर होगा, ताकि कंपनियों के लिए परियोजनाएं शुरू करना आसान हो।
प्रस्तावित औद्योगिक पार्कों में अवंतिका इंडस्ट्रियल सेंटर (उज्जैन), भेंसोला (धार), पिपलरावांन-पालीकालन (देवास-शाजापुर), IR रतलाम-पलसोड़ी, आष्टा इंडस्ट्रियल क्लस्टर (सीहोर), मसवासी ग्रांट (सागर), चैनपुरा (गुना), मोहना (ग्वालियर), धरमपुरा (जबलपुर), सिमरा (कटनी) और शिवसागर (रीवा) शामिल हैं।इन परियोजनाओं का उद्देश्य राज्य के अलग-अलग हिस्सों में औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार करना है, ताकि निवेश का फायदा केवल चुनिंदा क्षेत्रों तक सीमित न रहे।
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Textile से Semiconductor तक, किन सेक्टरों पर फोकस?
मध्य प्रदेश के प्रस्तावित औद्योगिक पार्कों में कई अलग-अलग उद्योगों को जगह देने की योजना है। इनमें फार्मा, ऑटोमोबाइल, रिन्यूएबल एनर्जी इक्विपमेंट, सेमीकंडक्टर, IT और ITeS जैसे सेक्टर शामिल हैं।
धार के भेंसोला औद्योगिक पार्क को टेक्सटाइल पार्क के तौर पर विकसित करने का प्रस्ताव है। इसे धार में स्थित PM MITRA पार्क के विस्तार के रूप में देखा जा रहा है। इसका लक्ष्य टेक्सटाइल सेक्टर की पूरी वैल्यू चेन को एक जगह मजबूत करना है। सरकार का मानना है कि इन पार्कों के जरिए नए निवेश को आकर्षित करने के साथ प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी पैदा किए जा सकते हैं।
महिला कर्मचारियों के लिए भी खास इंतजाम
औद्योगिक विकास के साथ राज्य सरकार ने महिला कर्मचारियों के लिए सुविधाओं को भी अपनी योजना का हिस्सा बनाया है। प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्रों में डे-केयर सेंटर, CCTV आधारित सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं, कैंटीन और हॉस्टल जैसी व्यवस्थाओं पर जोर दिया जा रहा है। इसका मकसद महिलाओं के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक कार्यस्थल तैयार करना है। सरकार के अनुसार, बेहतर सुविधाओं से औद्योगिक क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
Industrial Corridor से बदल सकता है निवेश का नक्शा
मध्य प्रदेश में विकसित किए जा रहे औद्योगिक कॉरिडोर और अलग-अलग क्षेत्रों में बनाए जा रहे इंडस्ट्रियल नोड्स भी इस रणनीति का अहम हिस्सा हैं। केंद्र और राज्य सरकार की परियोजनाओं के बीच बेहतर तालमेल से निवेश प्रस्तावों को जमीन पर उतारने की कोशिश की जा रही है। नई दिल्ली में हुई बैठक में केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण, केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल, केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल और नीति आयोग के उपाध्यक्ष अशोक कुमार लाहिड़ी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी और राज्यों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
क्या है BHAVYA योजना?
BHAVYA यानी भारत औद्योगिक विकास योजना केंद्र सरकार की एक प्रमुख केंद्रीय क्षेत्र योजना है। इसके लिए कुल 33,660 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। योजना के तहत वित्त वर्ष 2026-27 से 2031-32 तक छह वित्त वर्षों में देशभर में 100 Plug-and-Play औद्योगिक पार्क विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।
इन पार्कों के जरिए घरेलू और विदेशी निवेश आकर्षित करने तथा औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की कोशिश की जा रही है। मध्य प्रदेश के 11 प्रस्तावित पार्क इसी बड़े राष्ट्रीय औद्योगिक विस्तार का हिस्सा हैं। अब देखना होगा कि इन प्रस्तावों को मंजूरी मिलने के बाद परियोजनाएं कितनी तेजी से जमीन पर उतरती हैं और राज्य को निवेश व रोजगार के मोर्चे पर कितना फायदा मिलता है।
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