आखिर UP चुनाव में क्यों खास बना कैराना पलायन का मुद्दा? जानिए

बीजेपी के कद्दावर नेता रहे स्वर्गीय बाबू हुकुम सिंह ने 2016 में इस मामले को जोर शोर से उठाया औ 346 हिंदू परिवारों की लिस्ट दी और आरोप लगाया कि सपा सरकार आने के बाद और ज्यादा हिंदुओ का पलायन हुआ।  तब जाकर पूरे देश में कैराना पलायन और मुकीम का आतंक पता चला लेकिन 2017 में योगिराज आने के बाद आतंक का अंत भी हुआ और पलायन करके गए कई परिवार भी वापिस लौट आए, और उन्हें परिवारों से अमित शाह ने मिलकर यर भरोसा जताया कि सरकार हमेशा उनके साथ है, इसलिए बीजेपी को 300 पार सीट दिलाइये।

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मेरठ: 2022 यूपी विधानाभा चुनाव (UP Vidhansabha chunav) में कैराना पलायन का मुद्दा फिर गर्मा गया है। गृहमंत्री अमित शाह (Homeminister Amit shah) के कैराना से चुनावी आगाज करने से साफ हो गया है कि कैराना भी पश्चिम से लेकर पूरब तक बीजेपी के लिए बड़ा मुद्दा है। मेरठ, बागपत, मुजफरनगर और सहारनपुर जैसे महत्वपूर्ण जिलों को छोड़कर गृहमंत्री अमित शाह का कैराना में चुनावी शंखनाद करना, घर-घर संपर्क करना और पलायन से वापिस लौटे लोगों से मुलाकात करना भी बीजेपी की एक बड़ी रणनीति का हिस्सा है. यानि मुज़फ्फरनगर दंगो के साथ कैराना पलायन का मुद्दा भी बीजेपी जोर-शोर से उठाएगी।

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क्यों है कैराना अहम
यूपी में योगीराज आने से पहले कैराना के बड़े कुख्यात अपराधी मुकीम काला की यहां सल्तनत चलती थी या व्यापारी अपनी सुरक्षा के लिए उसे रंगदारी देते थे और जो नहीं देते थे उनकी हत्या कर दी जाती थी। मुकीम काला और उसके गैंग के आतंक से परेशान होकर कैराना से कितने ही व्यापारी पलायन कर गए। कैराना की उन गलियों में भी सन्नाटा हो गया जहाँ कभी लोगों की भीड़ हुआ करती थी। मुकीम के ख़ौफ़ से पलायन को मजबूर लोगों ने आपनर घरों के बाहर " ये घर बिकाऊ है" का बोर्ड लगा दिया...इससे मुकीम का ख़ौफ़ और बढ़ गया,चूंकि मुकीम काला को राजनीतिक संरक्षण मिलने के आरोप भी लगे और शायद इसीलिए लोग कानून से ज्यादा मुकीम की दहशत मानने लगे थे। आखिरकार बीजेपी के कद्दावर नेता रहे स्वर्गीय बाबू हुकुम सिंह ने 2016 में इस मामले को जोर शोर से उठाया औ 346 हिंदू परिवारों की लिस्ट दी और आरोप लगाया कि सपा सरकार आने के बाद और ज्यादा हिंदुओ का पलायन हुआ। तब जाकर पूरे देश में कैराना पलायन और मुकीम का आतंक पता चला लेकिन 2017 में योगिराज आने के बाद आतंक का अंत भी हुआ और पलायन करके गए कई परिवार भी वापिस लौट आए, और उन्हें परिवारों से अमित शाह ने मिलकर यर भरोसा जताया कि सरकार हमेशा उनके साथ है, इसलिए बीजेपी को 300 पार सीट दिलाइये।

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