Sugar Price Today: खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के अनुसार चीनी के एक्स-मिल भाव लगभग 20% गिरे हैं और रिटेल में औसतन 5% कमी दिखी है। चीनीमंडी डाटा में 3 सितंबर को दिल्ली, हैदराबाद, कोलकाता, रांची में 61 रुपये/किलो, गुवाहाटी, कानपुर, रायपुर में 62 और चेन्नई में 63 रुपये रहे। त्योहारी सीजन तक और नरमी संभव।

Sugar Rate Today: अगस्त में तेज बढ़ोतरी के बाद अब चीनी की कीमतों में नरमी के संकेत मिलने लगे हैं। उद्योग से जुड़े आंकड़ों के मुताबिक, एक्स-मिल स्तर पर चीनी के दाम करीब 20 फीसदी तक नीचे आ चुके हैं। इसका असर धीरे-धीरे खुदरा बाजार में भी दिखाई देने लगा है। ऐसे में गणेश चतुर्थी, नवरात्रि, दशहरा, दिवाली और छठ जैसे बड़े त्योहारों से पहले उपभोक्ताओं को और राहत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।

खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि हाल के दिनों में देश के खुदरा बाजार में चीनी की औसत कीमतों में करीब 5 फीसदी की गिरावट आई है। हालांकि, विभाग के अनुसार मिल स्तर पर कीमतों में आई नरमी का पूरा असर खुदरा बाजार तक पहुंचने में थोड़ा समय लगता है। ऐसे में आने वाले हफ्तों में चीनी के दाम में और कमी दिखाई दे सकती है।

रिटेल बाजार में 5% तक गिरावट

सरकार के आकलन के अनुसार, अगर एक्स-मिल स्तर पर चीनी की कीमतें मौजूदा नरम स्तर पर बनी रहती हैं, तो इसका असर धीरे-धीरे थोक और फिर खुदरा बाजार में भी देखने को मिल सकता है। त्योहारों के दौरान चीनी की मांग बढ़ने के बावजूद यदि बाजार में पर्याप्त स्टॉक और आपूर्ति बनी रहती है, तो कीमतों पर दबाव कम रह सकता है।

उपभोक्ताओं के लिए यह राहत इसलिए भी अहम है क्योंकि त्योहारों के मौसम में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में चीनी के भाव में लगातार नरमी घरेलू बजट पर भी सकारात्मक असर डाल सकती है।

3 सितंबर को प्रमुख शहरों में क्या रहा चीनी का भाव?

चीनीमंडी के 3 सितंबर को अपडेट किए गए आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली, हैदराबाद, कोलकाता और रांची में चीनी का खुदरा भाव करीब 61 रुपये प्रति किलो दर्ज किया गया। वहीं, गुवाहाटी, कानपुर और रायपुर में चीनी की कीमत करीब 62 रुपये प्रति किलो रही। चेन्नई में इसका भाव 63 रुपये प्रति किलो दर्ज किया गया।

शहरों के बीच कीमतों में मामूली अंतर के बावजूद व्यापक रुझान में नरमी दिखाई दे रही है। आने वाले दिनों में मिल स्तर पर कीमतों का रुख यह तय करेगा कि खुदरा बाजार में यह राहत कितनी आगे बढ़ती है।

सरकार की बाजार पर पैनी नजर

अगस्त में चीनी की कीमतों में अचानक आई तेजी के बाद केंद्र सरकार ने बाजार की निगरानी बढ़ा दी है। सरकार की नजर चीनी के स्टॉक, बिक्री और बाजार भाव पर है, ताकि जमाखोरी या सट्टेबाजी जैसी गतिविधियों के कारण कृत्रिम रूप से कीमतें न बढ़ाई जा सकें।

सरकार का फोकस घरेलू बाजार में पर्याप्त चीनी की उपलब्धता बनाए रखने और सप्लाई चेन को सुचारू रखने पर है। इससे त्योहारों के दौरान बढ़ने वाली मांग को पूरा करने में मदद मिल सकती है।

त्योहारों से पहले क्या और सस्ती होगी चीनी?

फिलहाल बाजार में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या एक्स-मिल स्तर पर आई करीब 20 फीसदी की गिरावट का पूरा फायदा ग्राहकों को मिलेगा। सरकार का संकेत है कि मिल स्तर पर कीमतों में नरमी बनी रही तो इसका असर खुदरा बाजार में भी धीरे-धीरे दिखाई देगा।

यानी आने वाले कुछ सप्ताह चीनी की कीमतों के लिहाज से महत्वपूर्ण रह सकते हैं। अगर आपूर्ति पर्याप्त रहती है और बाजार में कृत्रिम कमी जैसी स्थिति नहीं बनती, तो नवरात्रि, दशहरा, दिवाली और छठ जैसे त्योहारों के दौरान उपभोक्ताओं को चीनी के भाव में और राहत मिल सकती है।