‘मिर्जापुर द मूवी’ देखने के बाद ऑथर शोभा डे ने फिल्म को लेकर बेहद बेबाक राय दी है। उन्होंने अपने रिव्यू में कहानी, हिंसा और कुछ सीन्स पर सवाल उठाते हुए जमकर आलोचना की।
‘मिर्जापुर द मूवी’ को लेकर दर्शकों और फैंस के बीच अलग-अलग राय सामने आ रही है। इसी बीच ऑथर और कॉलमनिस्ट शोभा डे ने फिल्म देखने के बाद अपना बेहद बेबाक रिव्यू साझा किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक रील के जरिए बताया कि ‘मिर्जापुर’ ब्रांड की जबरदस्त चर्चा के चलते वह काफी उम्मीदों के साथ फिल्म देखने पहुंची थीं। लेकिन थिएटर से निकलने के बाद उनका अनुभव उम्मीदों के बिल्कुल उलट रहा। शोभा ने फिल्म की कहानी और हिंसा को लेकर सवाल उठाए, वहीं कुछ कलाकारों की परफॉर्मेंस की तारीफ भी की। उन्होंने यह भी बताया कि फिल्म देखते हुए उनके साथ थिएटर में क्या हुआ।
शोभा डे ने ‘मिर्जापुर द मूवी’ पर क्या कहा?
शोभा डे ने कहा, “मैंने अभी-अभी ‘मिर्जापुर द मूवी’ देखी है। मैं बस इतना कह सकती हूं कि शायद यह फिल्म बननी ही नहीं चाहिए थी। मैंने सीरीज नहीं देखी है, लेकिन इसकी चर्चा को देखते हुए मैं यहां बहुत सारी उम्मीदों के साथ आई थी। और वापस आकर सोच रही हूं, आखिर चल क्या रहा था?” आलोचना के बीच शोभा ने रवि किशन और अली फजल की एक्टिंग की जमकर तारीफ की। रवि किशन को उन्होंने “बस शानदार” बताया, जबकि गुड्डू का किरदार निभाने वाले अली फजल को “अविश्वसनीय रूप से अच्छे” कहा। हालांकि, पंकज त्रिपाठी की परफॉर्मेंस उन्हें उतनी पसंद नहीं आई। उनका मानना है कि पंकज का किरदार अब कुछ दोहराया हुआ महसूस होता है।
पंकज त्रिपाठी के सीन और हिंसा पर सवाल
शोभा ने फिल्म के कुछ अप्रत्याशित हिस्सों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पंकज त्रिपाठी के किरदार से जुड़े सेक्स सीन और रसिका दुग्गल के किरदार का जिक्र किया। इसके अलावा उन्होंने फिल्म में दिखाई गई अलग-अलग तरह की हिंसा और कहानी की दिशा को लेकर भी नाराजगी जताई। शोभा ने कहा, “इसके अलावा हर तरह की हिंसा है और वह भी बिना किसी वजह के, कहानी कहीं नहीं जाती और सच कहूं तो मैं करीब 15 मिनट के लिए सो गई थी।” उन्होंने आगे बताया कि उनके पीछे बैठी दो महिलाओं के खर्राटे लेने की आवाज भी उन्होंने सुनी। शोभा ने आखिर में कहा, “शायद यह पुरुषों के लिए बनी है। यह मेरे लिए नहीं थी।”
टिकट और खाने पर भी किया तंज
इंस्टाग्राम कैप्शन में शोभा ने फिल्म देखने के अपने अनुभव पर आगे बात की। उन्होंने बताया कि टिकट पर 900 रुपए और भेल पर 260 रुपए खर्च हुए, जबकि करीब चार घंटे वह यही सोचती रहीं कि आखिर वह यह फिल्म क्यों देख रही हैं।
