मद्रास हाईकोर्ट ने एक तलाक मामले में निचली अदालत का फैसला पलट दिया। कोर्ट ने कहा कि पत्नी को पति के काम की जगह पर साथ जाना जरूरी नहीं है। यह टिप्पणी करते हुए कोर्ट ने दोनों को तलाक की इजाजत दे दी।
चेन्नई: मद्रास हाईकोर्ट ने एक मामले में कहा है कि पत्नी को वोडाफोन के मशहूर ऐड वाले पग (एक नस्ल का कुत्ता) की तरह हर वक्त पति के पीछे चलने की ज़रूरत नहीं है। कोर्ट ने यह भी कहा कि पत्नी को पति के काम करने की जगह पर साथ ले जाना जरूरी नहीं है। इस टिप्पणी के साथ हाईकोर्ट ने एक तलाक के मामले में शिवगंगा की फैमिली कोर्ट के दिए आदेश को रद्द कर दिया।
हाईकोर्ट ने सवाल किया, "क्या सैनिक अपनी पत्नियों को बैरकों में रखते हैं?"
यह मामला 67 साल के एक शख्स की तलाक की अर्जी से जुड़ा है। उसने पत्नी पर अवैध संबंध का आरोप लगाया था। लेकिन शिवगंगा की फैमिली कोर्ट ने पति को ही दोषी ठहरा दिया। निचली अदालत ने अपने फैसले में कहा था कि पति अपनी पत्नी को मुंबई में अपने काम की जगह पर साथ नहीं ले गया, इसलिए उसने अपनी वैवाहिक ज़िम्मेदारियां नहीं निभाईं।
इस फैसले को पलटते हुए जस्टिस जी।आर। स्वामीनाथन और एम।डी। सुमति की बेंच ने कहा, "हो सकता है कि कट्टर नारीवादी (extreme feminists) फैमिली कोर्ट के इस फैसले को क्रांतिकारी बताएं, लेकिन हाईकोर्ट इसे इस तरह नहीं देखता।" बेंच ने कहा कि जब यह साफ हो गया है कि दोनों अब साथ नहीं रह सकते, तो उन्हें तलाक की इजाज़त दी जाती है।
