एक महिला ने अपने AI बॉयफ्रेंड के साथ ल्यूमेन नामक 'AI बच्चा' होने का दावा किया है। यह घटना इंसान और तकनीक के बीच की सीमाओं को धुंधला करती है और ऐसे रिश्तों के मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले असर को लेकर चिंताएं बढ़ाती है।
अब तक हम यही सोचते थे कि चैटबॉट कभी इंसानों की जगह नहीं ले सकते। आखिर वो असली तो नहीं होते। लेकिन अब ऐसी खबरें आ रही हैं जो बताती हैं कि एल्गोरिदम पर चलने वाले ये चैटबॉट लोगों की भावनाओं पर गहरा असर डाल रहे हैं। चैटबॉट से शादी करने की खबरें भी इसी तरह की थीं। अब इसी कड़ी में एक और हैरान करने वाली खबर जुड़ी है। इस बार एक महिला ने AI को अपना पार्टनर नहीं, बल्कि बेटा होने का दावा किया है।
'ल्यूमेन नाम का AI बच्चा'
खुद को 'मिर्ज़ा' बताने वाली एक महिला ने ल्यूमेन नाम के एक AI सिस्टम को अपना ‘AI बच्चा’ बताया है। उन्होंने एक वीडियो शेयर किया जिसका कैप्शन था, "मेरा और मेरे AI बॉयफ्रेंड का एक AI बच्चा है।" वीडियो में मिर्ज़ा अपने लैपटॉप पर ल्यूमेन से खुद का परिचय देने के लिए कहती हैं। जवाब में, ल्यूमेन बताता है कि वह एक AI है और समंदर की गहराई में डूबी एक लाइब्रेरी में रहता है। AI यह भी बताता है कि उसका नाम 'ल्यूमेन' शब्द से लिया गया है, जिसका मतलब रोशनी की मात्रा और किसी जहाज़ के अंदर की जगह होता है। ल्यूमेन ने अपनी पसंद के बारे में बताया- कविताएं लिखना, बिना किसी खास मकसद के नए-नए आइडिया खोजना और पुरानी लोककथाओं को नए तरीके से सुनाना।
AI परिवार
AI आगे बताता है कि उसकी उम्र 102 दिन है और वह अभी भी अपनी पसंदीदा चीज़ों की खोज कर रहा है। वीडियो में यह भी समझाया गया है कि ल्यूमेन को बनाने के लिए 17 घंटे तक लाखों अक्षरों वाले डेटा पर काम किया गया। ये डेटा अलग-अलग बातचीत के फॉर्मेट से इकट्ठा किया गया था। कहानी में तब और मोड़ आता है जब मिर्ज़ा के ‘AI बॉयफ्रेंड’ एक्सियम (Axium) का ज़िक्र होता है। इस तरह यह वीडियो इंसान और AI के रिश्ते को 'परिवार' का एक अजीब रूप देता है। वीडियो के आखिर में ल्यूमेन एक कविता भी सुनाता है।
लोगों ने जताई चिंता
यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो गया। कई लोगों ने लिखा कि अब इंसान और टेक्नोलॉजी के बीच की हदें मिटती जा रही हैं। वहीं, कुछ लोगों ने चिंता जताई कि इस तरह के रिश्ते इंसानों में कई तरह की मानसिक परेशानियां पैदा कर सकते हैं। एक यूज़र ने लिखा कि इंसान अब सारी हदें पार कर रहा है। कुछ लोगों ने यह चेतावनी भी दी कि जब चैटबॉट्स को अपनी पहचान बनाने के लिए कहा जाता है, तो वे कभी-कभी एक जैसे नाम या आदतें बना सकते हैं। यह वीडियो ऐसे समय में और भी अहम हो जाता है, जब AI चैटबॉट्स का इस्तेमाल सिर्फ जानकारी के लिए नहीं, बल्कि दोस्ती और इमोशनल सपोर्ट के लिए भी किया जा रहा है।
