कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने छात्रों के विरोध प्रदर्शन पर पुलिस कार्रवाई की निंदा की। उन्होंने बिहार में छात्रों पर AK-47 के इस्तेमाल का आरोप लगाया और गृह मंत्री अमित शाह से संसद में जवाब मांगा। वहीं, बिहार सरकार ने प्रदर्शनकारियों पर दर्ज FIR वापस लेने की घोषणा की।
नई दिल्ली [भारत], 28 जुलाई (एएनआई): कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने छात्रों की "हिरासत" पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने केंद्र के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले और धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगने वाले युवाओं के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की तत्काल जवाबदेही तय करने की मांग की।
उन्होंने कहा, "राहुल गांधी छात्रों के खिलाफ हो रही हिंसा के खिलाफ आवाज उठाते रहे हैं, जो अब भी जारी है और छात्रों को हिरासत में लिया जा रहा है। यह सब रुकना चाहिए। जवाबदेही तय होनी चाहिए। यह चौंकाने वाली बात है कि पैलेट गन के बाद अब हम अपने युवाओं के खिलाफ AK-47 का इस्तेमाल होते देख रहे हैं।"
छात्रों पर बल प्रयोग को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरा
इससे पहले सोमवार को, खेड़ा ने बिहार के सीवान में हुई गोलीबारी की ओर इशारा किया, जहां कथित तौर पर छात्रों के खिलाफ AK-47 का इस्तेमाल किया गया था। खेड़ा ने कहा कि विपक्ष मांग कर रहा है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह राज्यसभा में व्यक्तिगत रूप से जवाब दें।
खेड़ा ने कहा, "हमने एक बार फिर राज्यसभा में देश भर के युवाओं पर हो रहे क्रूर हमलों के खिलाफ अपनी आवाज उठाने की कोशिश की, जो आज भी जारी है। आज भी बिहार में AK-47 का इस्तेमाल किया गया।"
विपक्ष की मांग को रेखांकित करते हुए खेड़ा ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री को संसद में आना चाहिए और छात्रों द्वारा उठाए गए मुद्दों पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार उनकी आवाज नहीं सुन रही है।
उन्होंने कहा, "हमारी मांग बहुत स्पष्ट है: गृह मंत्री को सदन में आकर बयान देना चाहिए। छात्रों की आवाज, जिसे विपक्ष के माध्यम से उठाया जा रहा है, उसे सुना जाना चाहिए। लेकिन सरकार सुन नहीं रही है। इसीलिए संसद फिर से नहीं चल सकी।"
प्रदर्शनकारियों को बिहार सरकार की राहत
बिहार सरकार ने सोमवार को घोषणा की कि वह रविवार शाम 6:00 बजे से पहले कथित NEET-UG परीक्षा अनियमितताओं को लेकर विरोध प्रदर्शन में भाग लेने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कोई दंडात्मक या प्रतिशोधात्मक कार्रवाई नहीं करेगी।
राज्य के गृह विभाग ने आश्वासन दिया कि वह निर्धारित कटऑफ समय से पहले दर्ज की गई सभी प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR), आपराधिक शिकायतों और कारण बताओ नोटिस को वापस लेने के लिए तत्काल कानूनी प्रक्रिया शुरू करेगा।
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 26 जुलाई की शाम 6:00 बजे से पहले आंदोलनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी FIR, आपराधिक शिकायतें और कारण बताओ नोटिस कानूनी रूप से वापस ले लिए जाएंगे।
समय सीमा से पहले दर्ज मामलों के संबंध में गिरफ्तार या हिरासत में लिए गए व्यक्तियों को तत्काल रिहा कर दिया जाएगा।
सरकार ने गारंटी दी कि कटऑफ समय से पहले की घटनाओं के संबंध में भविष्य में कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष कार्रवाई नहीं की जाएगी।
सरकार की यह घोषणा कथित NEET-UG पेपर लीक और उच्च शिक्षा में व्यवस्थागत सुधार की मांगों को लेकर कई दिनों तक चले तीव्र राज्यव्यापी आंदोलन के बाद आई है। (एएनआई)
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