साल 2027 में उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम के बीच मनमुटाव की खबरें हैं। अब देखना यह होगा कि दोनों दिग्गजों की इस लड़ाई में पार्टी हाईकमान क्या फैसला लेते हैं।

उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के अध्यक्ष अजय राय पिछले कुछ दिनों से चर्चा में बने हुए हैं। कल सोमवार को लखनऊ में वह सहारनपुर कलेक्ट्रेट में एक मस्जिद को गिराए जाने के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे तो पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया था। अब मीडिया में खबरें हैं कि यूपी प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम और प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के बीच मनमुटाव हो गया है। ऐसे में सवाल उठता है कि कुछ महीने बाद यूपी में विधानसभा का चुनाव है, और ऐसे वक्त कांग्रेस के दो बड़े नेताओं का इस तरह आपस में मतभेद होना ठीक नहीं है। अब इसको लेकर दिल्ली में बैठे आलाकमान क्या करेंगे?

अजय राय VS राजेंद्र पाल गौतम

दरअसल, लखनऊ के सियासी गलियारों में चर्चा है कि यूपी में सपा और कांग्रेस के बीच सीट शेयरिंग को लेकर अजय राय और राजेंद्र पाल गौतम बात बिगड़ रही है। जबकि यह भी सच है कि यह मामला तो राहुल गांधी का है, जो सीधे अखिलेश यादव के साध मिलकर सीट बंटवारा पर फैसला लेंगे। लेकिन यह दोनों नेता वैसे ही आपस में झगड़ रहे हैं। वहीं यूपी के पंडितों का कहना है कि बीते दिनों के दोनों नेताओं के बयानों को देखें तो एकदम एक-दूसरे के खिलाफ हैं। साथ ही यह भी चर्चा है कि अजय राय और राजेंद्र गौतम एक दूसरे को फूटी आंख भी नहीं सुहाते हैं।

कौन हैं अजय राय?

बता दें कि अजय राय मूल रूप से वाराणसी के रहने वाले हैं। जिनकी गिनती उत्तर प्रदेश के दिग्गज नेताओं में होती है। वह वर्तमान में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हैं। वह उत्तर प्रदेश विधानसभा में पांच बार विधायक रह चुके हैं। हालांकि इसके पहले वह बीजेपी और समाजवादी पार्टी में भी रह चुके हैं। पहली बार वह बीजेपी के टिकट पर 1996 में विधायक बने थे। लेकिन 2012 से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सदस्य हैं। सबसे ज्यादा चर्चा अजय राय की उस वक्त हुई जब उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ वाराणसी लोकसभा सीट से कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में चुनाव भी लड़ा था।