General Anil Chauhan: पूर्व CDS जनरल अनिल चौहान ने खुलासा किया है कि 'ऑपरेशन सिंदूर' के लिए PM मोदी ने सेना को 'कार्रवाई की पूरी छूट' दी थी। उन्होंने बताया कि PM ने कहा था कि समय आप तय करें, लेकिन नाकामी की कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। PM ने साफ किया था कि भारत आतंकवाद को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगा।

Operation Sindoor Reveal: देश के पूर्व चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने 'ऑपरेशन सिंदूर' को लेकर एक बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस ऑपरेशन के लिए सेना को "कार्रवाई की पूरी छूट" दी थी। साथ ही यह भी कहा था कि ऑपरेशन का समय सेना खुद तय करे, लेकिन इस बात का ध्यान रखे कि इसमें नाकामी की कोई गुंजाइश न हो।

राजधानी दिल्ली के विवेकानंद सेंटर में एक कार्यक्रम में बोलते हुए चौहान ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने 24 अप्रैल को पटना में अपने भाषण में यह साफ कर दिया था कि आतंकी हमले के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और भारत सीमा पार आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करेगा। चौहान ने कहा, "आपको उस राजनीतिक फैसले के बारे में पता है कि इस खास हमले के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और हम सीमा पार आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करेंगे। यह बात किसी और ने नहीं, बल्कि माननीय प्रधानमंत्री ने 24 अप्रैल को पटना में अपने भाषण में कही थी।"

उन्होंने बताया कि 23 अप्रैल को कूटनीति, आर्थिक शक्ति और व्यापार पर फैसले लिए गए थे, जबकि सैन्य बल का इस्तेमाल कैसे किया जाएगा, इस पर फैसला 29 अप्रैल को लिया गया। इस दिन चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी, रक्षा मंत्री और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) ने प्रधानमंत्री से मुलाकात की थी। चौहान ने कहा कि 23 से 29 अप्रैल के बीच कई बैठकें हुईं, जिनमें सेना ने सरकार के साथ अलग-अलग विकल्पों पर चर्चा की। उन्होंने कहा, "तो यह एक तरह का तालमेल था जब हम अपने विकल्पों के साथ सरकार के पास गए। हमारे पास कई विकल्प थे जिन पर हमने NSA के साथ चर्चा की थी। इसलिए 29 तारीख को जब हम वहां गए, तो मुझे लगता है कि वहां बड़ा फैसला यह था कि हमें पाकिस्तान को एक बड़ा सबक सिखाना चाहिए क्योंकि भारत सीमा पार आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करेगा और इसे खत्म होना ही चाहिए।"

'कार्रवाई की पूरी छूट'

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने साफ कर दिया था कि ऑपरेशन को तुरंत शुरू करने का कोई राजनीतिक दबाव नहीं है। चौहान ने बताया, “प्रधानमंत्री ने हमें सिर्फ एक बात कही: कि उन पर इसे तुरंत करने का कोई राजनीतिक दबाव नहीं है। उन्होंने कहा, 'इसे अपने समय पर करें, लेकिन यह सुनिश्चित करें कि विफलता का कोई कारण न हो, चाहे वह मानवीय हो या तकनीकी कारणों से, और हम जो कुछ भी करें उसका सबूत हमारे पास होना चाहिए।' और चौथी बात जो उन्होंने हमें बताई, वह थी कार्रवाई की पूरी छूट।” उन्होंने आगे कहा, "तो सेना के लिए, असल में, इससे बेहतर कुछ नहीं हो सकता। वे हमेशा एक स्पष्ट राजनीतिक दिशा चाहते हैं, और वह हमें उपलब्ध थी।"

क्या है ऑपरेशन सिंदूर?

भारत ने पिछले साल 7 मई को 'ऑपरेशन सिंदूर' लॉन्च किया था। यह पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) में आतंकी ढांचे को नष्ट करने के लिए एक निर्णायक और लक्षित जवाबी कार्रवाई थी। यह एंटी-टेरर ऑपरेशन उन आतंकी ठिकानों को खत्म करने के लिए किया गया था, जिनका इस्तेमाल पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए भयानक आतंकी हमले की योजना बनाने के लिए किया गया था। भारत के प्रभावी हमलों से जब प्रमुख आतंकी लॉन्चपैड तबाह हो गए, तो पाकिस्तानी पक्ष के औपचारिक अनुरोध के बाद 10 मई को ऑपरेशन रोक दिया गया था।