नेपाल में विनाशकारी बाढ़ के बाद मंगलवार रात 5.6 तीव्रता का भूकंप आया। काठमांडू और आसपास के इलाकों में झटके महसूस हुए। NCS के मुताबिक भूकंप 167.6 किमी गहराई में आया। फिलहाल बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है।

काठमांडू। नेपाल अभी हाल की विनाशकारी बाढ़ और मलबे से पूरी तरह उबर भी नहीं पाया है कि मंगलवार रात धरती के झटके ने लोगों की चिंता बढ़ा दी। National Center for Seismology (NCS) के अनुसार नेपाल में 5.6 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। भूकंप की गहराई 167.6 किलोमीटर थी और इसका स्थान काठमांडू से करीब 200 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में दर्ज किया गया। भूकंप के झटके काठमांडू और आसपास के इलाकों में महसूस किए जाने की जानकारी सामने आई है। फिलहाल इस भूकंप से किसी बड़े नुकसान या जनहानि की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

बाढ़ के बाद भूकंप ने बढ़ाई चिंता

नेपाल इस समय एक बेहद मुश्किल दौर से गुजर रहा है। 26 अगस्त को ग्लेशियर ढहने के बाद आई विनाशकारी बाढ़ और मलबे ने नेपाल-चीन सीमा क्षेत्र में भारी तबाही मचाई थी। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक नेपाल और तिब्बत में 1,399 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 5,400 से ज्यादा लोग अब भी लापता हैं। राहत और बचाव अभियान जारी है। कई हाइड्रोपावर परियोजनाओं के सुरंगों में भी लोगों के फंसे होने की आशंका बनी हुई है। बचाव दल ऑक्सीजन और विशेष उपकरणों की मदद से इन सुरंगों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। हाल के दिनों में कुछ लोगों को जिंदा बाहर निकालने में भी सफलता मिली है।

क्या भूकंप का बाढ़ से कोई संबंध है?

भूकंप और हाल की बाढ़ को सीधे तौर पर एक-दूसरे से जोड़ने का अभी कोई वैज्ञानिक आधार सामने नहीं आया है। हाल की बाढ़ को ग्लेशियर के ढहने से पैदा हुए मलबे और तेज बहाव से जोड़ा गया है। वहीं नेपाल हिमालयी क्षेत्र में स्थित होने के कारण भूकंपीय गतिविधियों के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र है। फिलहाल प्रशासन और राहत एजेंसियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि पहले से तबाह इलाकों में किसी दूसरी आपदा के संभावित असर से कैसे निपटा जाए। आने वाले घंटों में भूकंप के बाद के झटकों और संभावित नुकसान पर नजर रहेगी।