NIT Durgapur Induction Program: NIT दुर्गापुर के एक इंडक्शन प्रोग्राम का वीडियो वायरल हो गया है, जिसमें एक प्रोफेसर ने 'चिकनी चमेली' गाने पर डांस कर रहे स्टूडेंट्स को बीच में ही रोक दिया। उन्होंने पूछा कि क्या इसकी इजाज़त ली गई थी और यह कोई इंट्रोडक्शन प्रोग्राम है या मनोरंजन। इस घटना पर इंटरनेट बंट गया है।
NIT Durgapur Viral Video: नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT) दुर्गापुर के एक इंडक्शन प्रोग्राम का वायरल वीडियो इंटरनेट पर बहस का मुद्दा बन गया है। वीडियो में कुछ स्टूडेंट्स बॉलीवुड गाने 'चिकनी चमेली' पर डांस कर रहे थे, तभी एक प्रोफेसर ने उन्हें बीच में ही रोक दिया। सोशल मीडिया पर शेयर हो रहे इस वीडियो में दिखता है कि स्टूडेंट्स स्टेज पर परफॉर्म कर रहे हैं, तभी अचानक एक प्रोफेसर खड़ी होती हैं और परफॉर्मेंस पर आपत्ति जताती हैं।
प्रोफेसर ने स्टूडेंट्स से किए सवाल
क्लिप में प्रोफेसर को यह पूछते हुए सुना जा सकता है कि क्या स्टूडेंट्स ने ऐसे गाने पर परफॉर्म करने की इजाज़त ली थी।
वह पूछती हैं, "क्या तुमने ऐसे गानों पर परफॉर्म करने की इजाज़त ली थी?"
इसके बाद वह कार्यक्रम के मकसद पर सवाल उठाती हैं, "ये कोई मज़ाक चल रहा है? ये इंट्रोडक्शन प्रोग्राम है या मनोरंजन? तुम लोगों को क्लास का तो पता होना चाहिए।"
इसके बाद स्टूडेंट्स चुपचाप खड़े होकर सिर हिलाते दिखते हैं। वीडियो यहीं खत्म हो जाता है, जिससे यह पता नहीं चलता कि परफॉर्मेंस दोबारा शुरू हुई या कोई और कार्रवाई की गई।
वायरल क्लिप से यह साफ नहीं हो पाया है कि प्रोग्राम के क्या नियम थे और क्या इस परफॉर्मेंस को पहले से मंजूरी मिली थी या नहीं।
प्रोफेसर के रिएक्शन पर इंटरनेट बंटा
इस घटना ने सोशल मीडिया यूजर्स को दो गुटों में बांट दिया है।
एक तरफ लोग प्रोफेसर का समर्थन कर रहे हैं। उनका कहना है कि स्टूडेंट्स को एक ऑफिशियल इंडक्शन प्रोग्राम में मर्यादा बनाए रखनी चाहिए। कई यूजर्स ने कहा कि 'चिकनी चमेली' जैसे गाने, जिन्हें अक्सर "आइटम सॉन्ग" कहा जाता है, किसी शिक्षण संस्थान के फॉर्मल इवेंट के लिए सही नहीं हैं।
एक यूजर ने लिखा कि कॉलेज फंक्शन के लिए स्टूडेंट्स बॉलीवुड के कई दूसरे गाने भी चुन सकते थे। वहीं एक अन्य ने कहा कि प्रोफेसर ने स्टूडेंट्स को प्रोग्राम की गंभीरता याद दिलाकर सही किया।
कुछ ने कहा- स्टूडेंट्स तो बस मजे कर रहे थे
हालांकि, बहुत से लोग प्रोफेसर के इस तरह से टोकने के तरीके से सहमत नहीं हैं।
कई लोगों ने कहा कि स्टूडेंट्स ने पूरे कपड़े पहने थे और वीडियो में दिख रहे डांस मूव्स में कुछ भी गलत नहीं लग रहा था। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर परफॉर्मेंस प्रोग्राम का हिस्सा थी, तो स्टूडेंट्स को सबके सामने क्यों रोका गया।
कुछ ने प्रोफेसर पर बेवजह स्टूडेंट्स के मनोरंजन पर पहरा देने का आरोप लगाया, जबकि दूसरों का कहना था कि कॉलेज लाइफ में युवाओं को थोड़ा रिलैक्स करने और कल्चरल एक्टिविटीज़ का आनंद लेने की जगह मिलनी चाहिए।
एक यूजर ने कमेंट किया, "उन्हें एन्जॉय करने दो," जबकि दूसरे ने पूछा कि इंडक्शन इवेंट में स्टूडेंट्स के मजे करने में क्या गलत है।
वायरल क्लिप ने फिर छेड़ी बहस
इस वीडियो ने एक बार फिर उस पुरानी बहस को हवा दे दी है कि शिक्षण संस्थानों को अनुशासन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के बीच रेखा कहां खींचनी चाहिए।
कुछ लोगों के लिए, प्रोफेसर का दखल देना मर्यादा बनाए रखने के लिए ज़रूरी था। वहीं दूसरों के लिए, यह एक सामान्य स्टूडेंट परफॉर्मेंस में बेवजह की दखलअंदाजी थी।
जैसे-जैसे यह क्लिप वायरल हो रही है, एक बात तो साफ है: एक छोटी सी डांस परफॉर्मेंस अब कॉलेज कल्चर, आजादी और कैंपस में क्या 'उचित' है, इस पर एक बड़ी ऑनलाइन बहस में बदल गई है।
