Vijay Stalin Controversy: तमिलनाडु में एक्टर-पॉलिटिशियन विजय के एक इशारे पर बवाल हो गया है. DMK का आरोप है कि उन्होंने पूर्व CM एम.के. स्टालिन की 50 साल पुरानी चोट का मजाक उड़ाया.
Vijay Jaw Gesture Controversy: तमिलनाडु की सियासत में एक इशारे को लेकर तूफान खड़ा हो गया है. एक्टर से नेता बने और 'तमिझगा वेट्री कड़गम' (TVK) के अध्यक्ष सी. जोसेफ विजय ने विधानसभा में भाषण देते हुए अपने जबड़े (Jaw) पर हाथ रखा. बस इसी बात पर बड़ा राजनीतिक विवाद छिड़ गया है. विधानसभा में विपक्षी पार्टी DMK पर हमला बोलते हुए विजय ने यह इशारा किया था. अब विपक्षी नेताओं का आरोप है कि विजय ने ये इशारा पूर्व सीएम एम.के. स्टालिन का मज़ाक उड़ाने के लिए किया. DMK इसे 'बॉडी शेमिंग' बता रही है और कह रही है कि ये 50 साल पहले जेल में स्टालिन को लगी चोट का अपमान है.
आखिर स्टालिन के साथ उस वक्त क्या हुआ था?
बात 25 जून, 1975 की है, जब देश में इमरजेंसी लगाई गई थी. जनवरी 1976 में, करुणानिधि की DMK सरकार को बर्खास्त कर दिया गया. इसके बाद 'मीसा' (MISA - Maintenance of Internal Security Act) कानून के तहत कई नेताओं को गिरफ्तार किया गया. उस वक्त युवा नेता रहे एम.के. स्टालिन को भी गिरफ्तार कर मद्रास सेंट्रल जेल भेज दिया गया. जेल में पुलिस की बर्बर पिटाई की वजह से उनके जबड़े की हड्डी टूट गई थी (Jaw Fracture). DMK नेता इसे लोकतंत्र की रक्षा के लिए स्टालिन के 'त्याग की निशानी' मानते हैं.
TVK नेताओं का पलटवार और मीसा गिरफ्तारी पर सवाल!
विपक्ष के हमलों पर TVK नेताओं ने भी जवाब दिया. मंत्री एनटीआर निर्मल कुमार ने सदन में कहा, "मीसा के दौरान हुई हर गिरफ्तारी राजनीतिक सिद्धांतों की वजह से नहीं हुई थी." उन्होंने कहा कि हो सकता है स्टालिन को तत्कालीन इंदिरा गांधी सरकार के खिलाफ दिए गए बयानों के लिए गिरफ्तार किया गया हो. उन्होंने इस्माइल आयोग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए इस बात पर भी सवाल उठाया कि क्या मीसा के तहत उनकी गिरफ्तारी के कोई पक्के रिकॉर्ड हैं.
DMK और कम्युनिस्ट पार्टियों का तीखा गुस्सा!
इस घटना की DMK ने कड़ी निंदा की है. CPI(M) के राज्य सचिव पी. षणमुगम समेत लेफ्ट के नेताओं ने कहा, "राजनीतिक विरोध का जवाब वैचारिक रूप से देना चाहिए. लोकतंत्र के लिए लड़ते हुए जेल की हिंसा झेलने वाले नेता की शारीरिक कमजोरी या चोट का मज़ाक उड़ाना किसी बड़े पद पर बैठे व्यक्ति को शोभा नहीं देता."
विजय ने क्या सफाई दी?
विवाद बढ़ने के बाद सीएम विजय ने 'X' (पहले ट्विटर) पर सफाई दी. उन्होंने लिखा, "मेरे भाषण के बीच वो इशारा बहुत स्वाभाविक तरीके से हो गया. मेरा कोई गलत इरादा नहीं था और न ही मैं किसी को व्यक्तिगत रूप से चोट पहुंचाना चाहता था. कृपया इसे किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली हरकत न समझें." इस तरह उन्होंने विवाद को खत्म करने की कोशिश की है.
