Ram Mandir First CEO : बुधवार को श्री राम जन्मभूमि मंदिर ट्रस्ट की अहम बैठक चल रही है। जिसमें मंदिर के पहले चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) के नाम पर फैसला लिया जाएगा। वहीं एनकाउंटर स्पेशलिस्ट रहे पांडेय इस लिस्ट में पहली रेस में चल रहे हैं।
अयोध्या (उत्तर प्रदेश): श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले सीएओ पद के नाम लगभग फाइनल हो चुका है। किसी भी वक्त पहले चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) के नाम का ऐलान हो सकता है। इसी को लेकर आज बुधवार को बैठक चल रही है। यूपी के एनकाउंटर स्पेशलिस्ट रहे पूर्व IPS राजेश पांडेय अयोध्या राम मंदिर के पहले CEO बनाए जा सकते हैं। क्योंकि उनका नाम रेस में सबसे पहले चल रहा है। कहा तो यह भी जा रहा है कि बस कुछ देर बाद उनके ही नाम पर मुहर लगने वाली है।
80 से ज्यादा एनकाउंटर कर चुके
दरअसल, राजेश पांडेय पूर्व आईपीएस अधिकारी हैं। वह यूपी के एनकाउंटर स्पेशलिस्ट रहे चुके हैं। उन्होंने सर्विस के दौरान 80 से ज्यादा एनकाउंटर किए हैं। इस दौरान गैंगस्टर श्रीप्रकाश शुक्ला समेत कई नामी अपराधियों का खात्मा किया है। जब वह अधिकारी थे तो यूपी ही नहीं, दूसरे राज्यों के क्रिमिनल भी उनके नाम से कांपते थे। वह यूपी पुलिस की दो खास यूनिटों स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और एंटी-टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) के संस्थापक सदस्य भी रहे हैं।
कौन हैं राजेश पांडेय
65 साल के राजेश पांडेय 2005 बैच के आईपीएस अधिकारी थे। उनका जन्म प्रयागराज में हुआ है। एजुकेशन में उन्होंने एमएससी किया हुआ है। उनकी गिनती तेज-तर्रार और ईमानदार अफसरों में होती थी। साथ ही वह लीडरशिप में लंबे समय तक अनुभवी माने जाते हैं। साथ ही उनका नेचर धार्मिक है। इसके अलावा वह अलीगढ़, मेरठ, लखनऊ और सहारनपुर जैसे जिलों के एसएसपी रह चुके हैं।
5,000 आवेदन में से 3 नाम किए फाइनल
- बता दें कि राम जन्मभूमि मंदिर के पहले CEO को चुनने के लिए एक सर्च कमेटी बनाई गई थी। इस कमेटी ने एक दिन पहले ही अपनी फाइनल रिपोर्ट सौंप दी है। इस पद के लिए 5,000 से भी ज़्यादा लोगों ने अप्लाई किया था, जिनकी कड़ी स्क्रीनिंग के बाद यह रिपोर्ट तैयार हुई है।
- यह रिपोर्ट एक हाई-लेवल मीटिंग में सौंपी गई। इसमें ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि जी महाराज, महंत दिनेन्द्र दास, कार्यकारी महासचिव कृष्ण मोहन और अयोध्या के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट शशांक त्रिपाठी भी शामिल थे।
- CEO चुनने वाली तीन सदस्यों की इस सर्च कमेटी में रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल विष्णु कांत चतुर्वेदी, पूर्व वैज्ञानिक सुरेश हवारे और पूर्व जस्टिस प्रमोद कोहली शामिल हैं।


