Krishna Puja Items: 4 सितंबर को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का उत्सव पूरे देश में बहुत ही धूम-धाम से मनाया जाएगा। इस दिन कान्हा को कुछ खास चीजें चढ़ाई जाती हैं। इनके बिना ये पूजा अधूरी मानी जाती है।

Shri Krishna Puja Samagri: भगवान श्रीकृष्ण की पूजा में भक्ति और श्रद्धा का सबसे ज्यादा महत्व माना जाता है। हालांकि, धार्मिक मान्यताओं के अनुसार श्रीकृष्ण को कुछ खास चीजें बेहद प्रिय मानी गई हैं। यही वजह है कि जन्माष्टमी पर भक्त इन चीजों को भगवान कृष्ण को अर्पित करते हैं। मान्यता है कि इन चीजों को पूजा में शामिल करने से कान्हा की कृपा प्राप्त होती है और घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है। आगे जानिए ऐसी ही 10 चीजों के बारे में…

1. मोर पंख

भगवान श्रीकृष्ण के मुकुट में मोर पंख का विशेष महत्व है। मान्यता है कि मोर पंख भगवान कृष्ण को बहुत प्रिय है। पूजा के दौरान कृष्ण जी को मोर पंख अर्पित करने या उनके मुकुट में लगाने से सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।

2. माखन-मिश्री

श्रीकृष्ण को बचपन से ही माखन और मिश्री प्रिय मानी जाती है। इसी वजह से उन्हें प्रेम से माखन-मिश्री का भोग लगाया जाता है। धार्मिक मान्यता है कि सच्ची श्रद्धा से लगाया गया माखन-मिश्री का भोग भगवान कृष्ण को प्रसन्न करता है।

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3. बांसुरी

भगवान कृष्ण की पहचान उनकी बांसुरी से भी होती है। कृष्ण की बांसुरी को प्रेम, मधुरता और शांति का प्रतीक माना जाता है। पूजा स्थल पर बांसुरी रखना शुभ माना जाता है।

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4. तुलसी दल

श्रीकृष्ण की पूजा में तुलसी का विशेष महत्व है। मान्यता है कि तुलसी भगवान विष्णु और उनके अवतार श्रीकृष्ण को प्रिय है। इसलिए कृष्ण जी को भोग लगाते समय उसमें तुलसी दल जरूर रखा जाता है।

5. पीले फूल

भगवान कृष्ण को पीला रंग प्रिय माना जाता है। पूजा में पीले फूल अर्पित करना शुभ माना जाता है। गेंदे के फूल समेत पीले रंग के अन्य फूलों से कान्हा का श्रृंगार भी किया जाता है।

6. पीले वस्त्र

श्रीकृष्ण को पीतांबर धारी कहा जाता है। इसलिए उनकी पूजा में पीले वस्त्रों का इस्तेमाल विशेष माना जाता है। लड्डू गोपाल को पीले रंग के कपड़े पहनाकर उनका श्रृंगार किया जा सकता है।

7. चंदन

श्रीकृष्ण की पूजा और श्रृंगार में चंदन का इस्तेमाल किया जाता है। चंदन को शीतलता और पवित्रता का प्रतीक माना जाता है। पूजा के दौरान भगवान को चंदन का तिलक लगाया जाता है।

8. पालना

जन्माष्टमी के मौके पर भगवान श्रीकृष्ण को पालने में बैठाया जाता है और झूला झूलाया जाता है। श्रीकृष्ण के पालने को सजाया भी जाता है। पालने के बिना जन्माष्टमी पर्व अधूरा है।

9. धनिया पंजीरी

जन्माष्टमी के मौके पर श्रीकृष्ण को धनिया पंजीरी का भोग लगाने की परंपरा कई घरों में है। इसे व्रत के बाद प्रसाद के रूप में भी ग्रहण किया जाता है। इसमें धनिया, मखाने, मेवे और मिश्री आदि का इस्तेमाल किया जाता है।

10. पंचामृत

दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से पंचामृत तैयार किया जाता है। श्रीकृष्ण के अभिषेक और पूजा में इसका इस्तेमाल किया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार पंचामृत से भगवान का अभिषेक करने और फिर इसे प्रसाद के रूप में ग्रहण करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है।


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