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UPSC Exam में क्यों पीछे छूटते जा रहे हिंदी मीडियम वाले कैंडीडेट, एक्सपर्ट ने बताए ये कारण

Aug 8, 2020, 4:00 PM IST

वीडियो डेस्क। संघ लोक सेवा आयोग ने सिविल सर्विस परीक्षा-2019 का रिजल्ट मंगलवार को जारी कर दिया है। प्रदीप सिंह ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2019 में टॉप किया है। दूसरे स्थान पर जतिन किशोर और तीसरे स्थान पर प्रतिभा वर्मा रहीं। हिमांशु जैन ने चौथा स्थान और जेदेव सी. एस को पांचवां स्थान प्राप्त हुआ है। चुने गए उम्मीदवारों में 304 उम्मीदवार जनरल कैटेगरी, 78 उम्मीदवार ईडब्ल्यूएस, 251 उम्मीदवार ओबीसी, 129 एससी और 67 उम्मीदवार एसटी कैटेगरी के शामिल हैं। हर साल लाखों की संख्या में आईएएस और आईपीएस बनने के लिए उम्मीदवार परीक्षाएं देते हैं। यूपीएससी ने 182 उम्मीदवारों को रिजर्व लिस्ट में रखा है। इनमें 91 जनरल, 9 ईडब्ल्यूएस, 71 ओबीसी, 8 एससी, 3 एसटी कैटेगरी के हैं।  इस बार यूपीएससी एग्जाम 2019 में 829 उम्मीदवार सलेक्ट हुए। इसमें हिंदी माध्यम से परीक्षा देने वाला सबसे अव्वल अभ्यर्थी 317 नंबर पर है। ऐसे में हमने पिछले 22 वर्षों से छात्रों को सिविल परीक्षा की तैयारी करा रहे शिक्षाविद अभिषेक खरे से जाना कि आखिर क्या वजह है कि लगातार सिविल सेवा परीक्षा में हिंदी माध्यम के बच्चे पीछे छूटते जा रहे हैं? वीडियो में सुने एक्सपर्ट ने इसकी क्या बड़ी और अहम वजहें बताई। 

 

 

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