पहली बार घरवालों से झूठ बोलकर किया था रक्तदान, आज चलते-फिरते ब्लड बैंक के तौर पर है इस शख्स की पहचान

वाराणसी के रहने वाले सौरभ मौर्या की पहचान आज के समय में चलते फिरते ब्लड बैंक के तौर पर हो रही है। उन्होंने रक्त दान का यह प्रण दादी के बीमार होने के बाद लिया था।

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आज पूरे विश्व में ब्लड डोनर डे मनाया जा रहा है आज के दिन तमाम सामाजिक संस्थाओं द्वारा ब्लड डोनेशन कैंप लगाकर रक्तदान किया जा रहा है लेकिन आज एशियानेट की टीम एक ऐसे शख्स के बारे में बताएं कि जिस ने महज 32 साल की उम्र में 137 बार ब्लड डोनेट किया है। इस व्यक्ति के बारे में लोगों का कहना है कि यह चलता फिरता ब्लड बैंक है जहां भी जब भी किसी को जरूरत पड़ती है या व्यक्ति उसकी सेवा में हाजिर रहता है। 

यह कारनामा और कहा जाए तो यहां लोगों के प्रति समर्पण रखने वाले बनारस के महमूरगंज के निवासी सौरभ मौर्या जो पहली बार 2007 में ब्लड डोनेट किए थे उस वक्त सौरभ इंटर की पढ़ाई करते थे घरवालों से झूठ बोल कर अपने मित्र के परिजन को उन्होंने ब्लड डोनेट किया था। सौरभ शर्मा बताते हैं कि उन्होंने या मन में तब थाना था जब उनके परिवार में ही उनकी दादी बीमार थी और ब्लड की कमी से उनके दादी का निधन हो गया था तब से उन्होंने अपने मन में यह ठान लिया था कि चाहे कुछ भी हो जाए लेकिन ब्लड के अभाव में किसी की मृत्यु नहीं होने देंगे। 

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