Crude Oil Price: बुधवार को ब्रेंट क्रूड की कीमतें 86 डॉलर प्रति बैरल के आसपास स्थिर रहीं. दुनिया भर में चल रहे राजनीतिक तनाव की वजह से ग्लोबल एनर्जी मार्केट में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है.

Crude Oil Price Today: बुधवार को कच्चे तेल की कीमतों में ज्यादा हलचल नहीं दिखी. ब्रेंट क्रूड का भाव 86 डॉलर प्रति बैरल के आसपास ही बना रहा. इसकी वजह दुनिया भर में चल रहा राजनीतिक तनाव है, जिससे एनर्जी मार्केट में अनिश्चितता का माहौल है. ब्रेंट क्रूड वायदा 0.23% गिरकर 85.55 डॉलर प्रति बैरल पर था. इससे एक दिन पहले यानी मंगलवार को तेल की कीमतों में 3% से ज्यादा की बड़ी गिरावट आई थी. यह गिरावट तब आई जब अमेरिका ने ईरान पर सैन्य कार्रवाई के बजाय आर्थिक प्रतिबंध लगाने का फैसला किया. मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 3.9% लुढ़ककर 88.58 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ था. वहीं, अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 3.1% गिरकर 82.36 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया था.

इस हफ्ते ग्लोबल ऑयल मार्केट में कीमतों में 5% से ज्यादा की गिरावट आ चुकी है. ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि अमेरिकी सरकार ने ईरान और उसके साथ व्यापार करने वाली कंपनियों पर नए सिरे से कई प्रतिबंध लगा दिए हैं.

कच्चे तेल की कीमतों में इस तेज उतार-चढ़ाव का भारत पर बड़ा असर पड़ सकता है. भारत अपनी जरूरत का 85% से ज्यादा कच्चा तेल बाहर से खरीदता है. अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल लंबे समय तक महंगा रहता है, तो इससे देश का इंपोर्ट बिल बढ़ सकता है और महंगाई का दबाव भी तेज हो सकता है. ऐसे में देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिर से बदलाव की संभावना बन सकती है.

आज पेट्रोल और डीजल के दाम: जानिए शहरों के हिसाब से रेट्स

शहरपेट्रोल (रुपये/लीटर)डीजल (रुपये/लीटर)
नई दिल्ली₹ 102.12/लीटर₹ 95.20/लीटर
मुंबई₹ 111.12/लीटर₹ 97.78 लीटर
चेन्नई₹ 107.75/लीटर₹ 99.57/लीटर
कोलकाता₹ 113.43/लीटर₹ 99.78/लीटर
हैदराबाद₹ 115.69/लीटर₹ 103.82/लीटर
बेंगलुरु₹ 110.93/लीटर₹ 98.79/लीटर

ईंधन की कीमतें कैसे तय होती हैं?

भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम तय करने में अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतें सबसे अहम तो हैं, लेकिन सिर्फ यही एक वजह नहीं है. जब आप पंप पर तेल भरवाते हैं, तो उसकी कीमत कई और चीजों से भी तय होती है.

देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर केंद्र और राज्य सरकारों के टैक्स, रिफाइनिंग का खर्च, ढुलाई और डिस्ट्रिब्यूशन का खर्च, और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत का भी असर पड़ता है. इन सभी फैक्टर्स को मिलाकर ही यह तय होता है कि ग्लोबल मार्केट में तेल की कीमतों में बदलाव का असर आम आदमी की जेब पर कितना पड़ेगा.