Jio Credit Bank of America Deal: मुकेश अंबानी की जियो फाइनेंशियल सर्विसेज ने एक और बड़ी इंटरनेशनल पार्टनरशिप की है. कंपनी ने अब बैंक ऑफ अमेरिका के साथ हाथ मिलाया है. यह ब्लैकरॉक और एलियांज के बाद कंपनी की तीसरी बड़ी ग्लोबल पार्टनरशिप है.

Jio BlackRock Mutual Fund: मुकेश अंबानी की Jio Financial Services और Bank of America ने भारत के फाइनेंशियल सेक्टर में एक बड़ी साझेदारी का ऐलान किया है। दोनों कंपनियों के बीच जियो क्रेडिट लिमिटेड में ज्वाइंट वेंचर को लेकर समझौता हुआ है। इसके तहत बैंक ऑफ अमेरिका करीब 1.9 अरब डॉलर यानी लगभग 18,268 करोड़ रुपये का निवेश कर जियो क्रेडिट में अधिकतम 49.9 फीसदी हिस्सेदारी हासिल करेगा।

कैसे होगी जियो क्रेडिट में हिस्सेदारी की खरीद?

शेयर बाजार को दी गई जानकारी के मुताबिक, बैंक ऑफ अमेरिका की सहायक कंपनी NB Holdings तरजीही शेयर और वारंट के जरिए जियो क्रेडिट में निवेश करेगी। पहले चरण में कंपनी करीब 6,613 करोड़ रुपये का निवेश कर 4.29 करोड़ इक्विटी शेयर खरीदेगी। इससे NB Holdings को जियो क्रेडिट में करीब 26.50 फीसदी हिस्सेदारी मिल जाएगी।

इसके बाद बैंक ऑफ अमेरिका की यह इकाई करीब 11,655 करोड़ रुपये में 7.56 करोड़ वारंट की सदस्यता लेगी। प्रत्येक वारंट को 18 महीने के भीतर एक इक्विटी शेयर में बदला जा सकेगा। वारंट खरीदते समय 25 फीसदी रकम का भुगतान किया जाएगा, जबकि बाकी राशि शेयरों में कन्वर्जन के समय देनी होगी। सभी वारंट शेयरों में बदलने के बाद बैंक ऑफ अमेरिका की हिस्सेदारी बढ़कर 49.90 फीसदी तक पहुंच जाएगी।

सिर्फ दो साल में जियो क्रेडिट का बड़ा विस्तार

जियो क्रेडिट को शुरू हुए अभी करीब दो साल ही हुए हैं, लेकिन इस दौरान कंपनी ने तेजी से अपना कारोबार बढ़ाया है। कंपनी मुख्य रूप से रिटेल ग्राहकों और छोटे कारोबारियों को कर्ज देने पर फोकस कर रही है। इसके अलावा हाउसिंग लोन जैसे प्रोडक्ट भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

30 जून 2026 तक कंपनी की प्रबंधन अधीन परिसंपत्तियां यानी AUM करीब 30,667 करोड़ रुपये पहुंच चुकी थीं। हालांकि, जियो क्रेडिट ने अभी अनसिक्योर्ड पर्सनल लोन और कंज्यूमर फाइनेंस जैसे क्षेत्रों में बड़े स्तर पर कदम नहीं रखा है।

जियो की ग्लोबल पार्टनरशिप रणनीति को बढ़ावा

बैंक ऑफ अमेरिका के साथ यह समझौता जियो की अलग-अलग फाइनेंशियल कारोबार में ग्लोबल कंपनियों के साथ साझेदारी की रणनीति को मजबूत करता है। इससे पहले जियो ने भारत में इंश्योरेंस कारोबार के लिए जर्मनी की Allianz और म्यूचुअल फंड कारोबार के लिए अमेरिकी एसेट मैनेजमेंट कंपनी BlackRock के साथ साझेदारी की है।

भारत को लेकर बैंक ऑफ अमेरिका का बड़ा भरोसा

मुकेश अंबानी ने कहा कि विकसित भारत के लिए ऐसा वित्तीय सिस्टम जरूरी है जो बड़े पैमाने पर लोगों तक पहुंचे और भरोसे व समावेश पर आधारित हो। उनके मुताबिक, जियो फाइनेंशियल सर्विसेज और बैंक ऑफ अमेरिका की विशेषज्ञता मिलकर भारतीय ग्राहकों के लिए कर्ज को आसान, पारदर्शी और ज्यादा सुलभ बनाने में मदद कर सकती है।

वहीं, बैंक ऑफ अमेरिका के चेयरमैन और CEO ब्रायन मोयनिहान ने भारत को दुनिया के अहम ग्रोथ मार्केट्स में शामिल बताया। उन्होंने कहा कि जियो क्रेडिट में निवेश भारत के भविष्य और यहां के आर्थिक विकास में बैंक के भरोसे को दर्शाता है। दोनों कंपनियों की विशेषज्ञता मिलकर भारत में डिजिटल और वित्तीय सेवाओं की पहुंच को और बढ़ा सकती है।