Shobhinaw Satyaa Warns Fans for This Reason: फिल्म 'हनुमान अंश' में नीम करोली बाबा का किरदार निभाने के बाद शोभिनव सत्य को फैंस असल बाबा समझ रहे हैं। इसकी वजह से फैन्स उनको जहां भी देखते हैं तो पीछे पड़ जाते हैं।

फिल्म ‘हनुमान अंश’ की सफलता ने शोभिनव सत्य को रातोंरात बड़ी पहचान दिला दी है। फिल्म में उन्होंने संत नीम करोली बाबा का किरदार निभाया है। लेकिन अब इस किरदार का असर इतना गहरा दिखाई दे रहा है कि कुछ फैंस शोभिनव सत्य को असल जिंदगी में भी नीम करोली बाबा की तरह मानने लगे हैं। यही वजह है कि जब लोग उनसे मिलने पहुंचते हैं तो कई बार उनके पैर छूने लगते हैं। इस स्थिति ने खुद शोभिनव को भी असहज कर दिया है। उन्होंने लोगों से साफ कहा है कि ‘मेरे पैर मत छुओ।’

फैंस ने एक्टर और किरदार के बीच की लाइन मिटा दी

शोभिनव सत्य ने एक इंटरव्यू में बताया कि ‘हनुमान अंश’ में नीम करोली बाबा का किरदार निभाने के बाद लोगों का उनके प्रति व्यवहार बदल गया है। कुछ फैंस उन्हें सिर्फ एक एक्टर के तौर पर नहीं देखते, बल्कि उन्हें उसी आध्यात्मिक शख्सियत से जोड़कर देखने लगे हैं, जिसे उन्होंने पर्दे पर निभाया है। स्थिति कई बार ऐसी हो जाती है कि फैंस उनके पैर छूने की कोशिश करते हैं। शोभिनव का कहना है कि वह खुद लोगों को ऐसा करने से रोकते हैं। उनका मानना है कि वह एक कलाकार हैं और उन्होंने सिर्फ नीम करोली बाबा का किरदार निभाया है।

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‘मेरे पैर मत छुओ’ क्यों कहते हैं शोभिनव?

नीम करोली बाबा करोड़ों लोगों के लिए श्रद्धा का विषय हैं। ऐसे में उनकी भूमिका निभाने वाले कलाकार को देखकर फैंस का भावुक होना समझ में आता है। लेकिन शोभिनव इस सम्मान को अपने लिए लेने के बजाय उसे उस आध्यात्मिक व्यक्तित्व से जोड़ना चाहते हैं, जिसे उन्होंने फिल्म में निभाया है। उनका यह रुख इस बात को भी दिखाता है कि वह खुद को नीम करोली बाबा के बराबर नहीं मानते। वह लगातार इस अंतर को बनाए रखना चाहते हैं कि पर्दे पर निभाया गया किरदार और वास्तविक जिंदगी का इंसान दो अलग चीजें हैं।

फिल्म के बाद खुद शोभिनव भी बदल गए थे

दिलचस्प बात यह है कि नीम करोली बाबा का किरदार निभाने के दौरान शोभिनव खुद भी इस आध्यात्मिक माहौल में काफी गहराई तक उतर गए थे। उन्होंने बताया कि तैयारी के दौरान वह मंदिर में रहे और स्थानीय ग्रामीणों का बनाया खाना खाया। इस दौरान वह किरदार में इतने डूब गए कि उनके व्यवहार में भी उस माहौल का असर आने लगा था। उन्होंने यह भी बताया था कि शुरुआत में उनके मन में डर था कि क्या दर्शक उन्हें इतने श्रद्धेय व्यक्ति के रूप में स्वीकार करेंगे। लेकिन शूटिंग के दौरान उनका अनुभव धीरे-धीरे बदलता गया।

कभी असिस्टेंट डायरेक्टर थे शोभिनव सत्य

शोभिनव सत्य के लिए ‘हनुमान अंश’ किसी आम फिल्म की तरह नहीं थी। वह इस प्रोजेक्ट से शुरुआत में असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर जुड़े थे। फिल्म के मूल लीड एक्टर के पहले ही दिन बीमार पड़ जाने के बाद निर्देशक विशाल चतुर्वेदी ने शोभिनव को नीम करोली बाबा का रोल ऑफर किया। यानी जिस शख्स की जिम्मेदारी कैमरे के पीछे काम करने की थी, वही अचानक फिल्म का लीड एक्टर बन गया। शोभिनव ने इस चुनौती को स्वीकार किया और बाद में उनका यही किरदार फिल्म की सबसे बड़ी पहचान बन गया।

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शूटिंग के दौरान ज्यादातर टीम ने छोड़ दिया था प्रोजेक्ट

‘हनुमान अंश’ की शूटिंग का सफर भी आसान नहीं था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म के शुरुआती दौर में कई मुश्किलें आईं और बड़ी संख्या में कास्ट और क्रू ने प्रोजेक्ट छोड़ दिया था। ऐसे वक्त में शोभिनव फिल्म के साथ बने रहे और उन्हें टीम का ‘लास्ट मैन स्टैंडिंग’ तक कहा गया। कम बजट और प्रोडक्शन से जुड़ी परेशानियों के बावजूद फिल्म पूरी हुई और रिलीज के बाद इसे उम्मीद से कहीं ज्यादा दर्शक मिले।

बॉक्स ऑफिस पर ‘हनुमान अंश’ ने रचा इतिहास

शोभिनव सत्य और चंदन आनंद स्टारर ‘हनुमान अंश’ ने बॉक्स ऑफिस पर बेहद शानदार प्रदर्शन किया है। फिल्म ने शुरुआती धीमी रफ्तार के बाद वर्ड ऑफ माउथ के दम पर तेजी पकड़ी और पांचवें हफ्ते में भी मजबूत कमाई जारी रखी। ट्रेड रिपोर्ट के मुताबिक, फिल्म ने 33वें दिन भारत में करीब 11 करोड़ रुपये की कमाई की और इसका इंडिया नेट कलेक्शन 143.13 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। कम बजट में बनी फिल्म के लिए यह प्रदर्शन बेहद बड़ा माना जा रहा है। नीम करोली बाबा का किरदार निभाने के बाद शोभिनव को जिस तरह का प्यार और सम्मान मिल रहा है, वह किसी भी कलाकार के लिए बड़ी उपलब्धि हो सकती है।