'हनुमान अंश' की चर्चा के बीच जानिए बजरंगबली के 10 सबसे लोकप्रिय नाम और उनका मतलब। संकटमोचन से केसरीनंदन तक, जानिए हर नाम कैसे पड़ा और इनके पीछे का पौराणिक रहस्य।
Lord Hanuman Names and Meanings: नीम करोली बाबा पर बनी फिल्म 'हनुमान अंश' इन दिनों सुर्खियों में है। इस फिल्म ने लोगों के दिलों में बजरंगबली के प्रति आस्था को और गहरा कर दिया है। हम सब अपनी मुश्किलों में सबसे पहले हनुमान जी को ही याद करते हैं। कोई उन्हें 'संकटमोचन' कहता है तो कोई 'बजरंगबली'। लेकिन क्या आप जानते हैं कि मारुति नंदन के हर एक नाम के पीछे एक बेहद सुंदर अर्थ और पौराणिक वजह छिपी है? आइए जानते हैं संकटमोचन के 10 सबसे लोकप्रिय नाम और उनका मतलब...
हनुमान (Hanuman)
संस्कृत में 'हनु' का मतलब जबड़ा (chin) और 'मान' का मतलब चौड़ा या टूटा हुआ होता है। बचपन में जब उन्होंने सूर्य देव को फल समझकर निगलने की कोशिश की थी, तब इंद्र देव ने वज्र से प्रहार किया था। इससे उनकी ठोड़ी (हनु) पर चोट लगी, तभी से उनका नाम 'हनुमान' पड़ा।
बजरंगबली (Bajrangbali)
यह शब्द असल में 'वज्रांग बली' से बना है। 'वज्र' का अर्थ हीरा या सबसे कठोर अस्त्र और 'अंग' का मतलब शरीर होता है। यानी जिनका शरीर वज्र के समान मजबूत और अटूट है, वही बजरंगबली कहलाते हैं।
संकटमोचन (Sankat Mochan)
'संकट' यानी परेशानी और 'मोचन' यानी दूर करने वाला। जो अपने भक्तों की हर विपत्ति, भय और नकारात्मक ऊर्जा को एक पल में मिटा दें, उन्हें संकटमोचन कहा जाता है। धार्मिक मान्यता में हनुमान जी को बेहद शक्तिशाली बताया गया है। समुद्र पार करना हो, पहाड़ उठाना हो या राक्षसों से मुकाबला करना..उनकी ताकत की कई कथाएं मिलती हैं।
पवनपुत्र (Pawanputra)
हनुमान जी को जन्म देने में वायु देव (पवन) की मुख्य भूमिका थी। पवनदेव के वेग और तेज के आशीर्वाद से प्रकट होने के कारण उन्हें पवनपुत्र या 'मारुति' भी कहते हैं।
अंजनीपुत्र (Anjaniputra)
हनुमान जी की माता का नाम अंजना था। माता अंजना की कठोर तपस्या से उनका जन्म हुआ था, इसलिए वे अत्यंत प्रेम से अंजनीपुत्र या आंजनेय कहलाते हैं।
केसरीनंदन (Kesari Nandan)
वानर राज केसरी हनुमान जी के सांसारिक पिता थे। 'नंदन' का अर्थ बेटा होता है, इसलिए उन्हें केसरीनंदन के नाम से भी दुनिया पूजती है।
रामदूत (Ramdoot)
हनुमान जी पूरे ब्रह्मांड के सबसे शक्तिशाली वीर हैं, लेकिन उन्हें सबसे ज्यादा गर्व प्रभु श्री राम का दूत (संदेशवाहक) बनने में था। माता सीता की खोज में लंका जाने के कारण उन्हें रामदूत नाम मिला।
महाबली (Mahabali)
जिनके बल और पराक्रम की कोई थाह न हो। जिन्होंने अपनी एक छलांग से समुद्र पार कर दिया और एक हाथ पर पूरा द्रोणागिरि पर्वत उठा लिया, ऐसे असीमित बलशाली को महाबली कहा जाता है।
कपीश (Kapeesh)
यह नाम दो शब्दों से बना है। पहला'कपि' यानी वानर और दूसरा 'ईश' यानी स्वामी या राजा। इसका सरल अर्थ है वानरों के श्रेष्ठ देवता या वानर शिरोमणि।
चिरंजीवी (Chiranjeevi)
'चिर' यानी हमेशा और 'जीवी' यानी जीवित रहने वाला। माता सीता ने लंका में हनुमान जी की भक्ति से प्रसन्न होकर उन्हें अमरता का वरदान दिया था। माना जाता है कि कलयुग में भी हनुमान जी धरती पर सशरीर मौजूद हैं।


