Guru Purnima Rangoli: गुरु पूर्णिमा गुरु के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का पावन पर्व है। इस खास अवसर पर घर और पूजा स्थल को सजाने के लिए फूलों और रंगों से बनी 6 खूबसूरत रंगोली डिजाइनों से प्रेरणा लें और अपने आंगन को दें पारंपरिक व आध्यात्मिक लुक।
Guru Purnima 2026: भारतीय संस्कृति में गुरु को ज्ञान का प्रकाश और जीवन का मार्गदर्शक माना गया है। इसी सम्मान और कृतज्ञता को व्यक्त करने के लिए हर साल आषाढ़ मास की पूर्णिमा तिथि पर गुरु पूर्णिमा मनाई जाती है। मान्यता है कि इसी दिन महर्षि वेदव्यास का जन्म हुआ था, जिन्होंने वेदों का विभाजन और महाभारत जैसे महान ग्रंथ की रचना की। इसलिए इस दिन को व्यास पूर्णिमा भी कहा जाता है। गुरु पूर्णिमा पर लोग अपने गुरु का आशीर्वाद लेते हैं, पूजा-अर्चना करते हैं और घर के आंगन व पूजा स्थल को सुंदर रंगोली से सजाकर इस पर्व की रौनक बढ़ाते हैं। अगर आप भी इस अवसर पर कुछ अलग करना चाहते हैं, तो इन रंगोली डिजाइनों से अपने घर को आध्यात्मिक और आकर्षक लुक दे सकते हैं।
कमल और दीपक वाली रंगोली
गुरु पूर्णिमा पर कमल का फूल पवित्रता और ज्ञान का प्रतीक माना जाता है। गुलाबी और सफेद रंगों से कमल बनाएं और उसके बीच में छोटा दीपक सजाएं। पूजा घर या मुख्य द्वार पर बनाई गई यह रंगोली सकारात्मक ऊर्जा का एहसास कराती है और देखने में बेहद आकर्षक लगती है।
फूलों की पंखुड़ियों से नेचुरल रंगोली
अगर आप रंगों की जगह प्राकृतिक सजावट पसंद करते हैं, तो गेंदा, गुलाब, चमेली और मोगरे की पंखुड़ियों से रंगोली बनाएं। बीच में "ॐ", "श्री" या गुरु चरणों का प्रतीक बनाकर इसे और भी खास बनाया जा सकता है। यह इको-फ्रेंडली होने के साथ बेहद खूबसूरत भी दिखती है।
गुरु चरण थीम रंगोली
गुरु के प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए छोटे-छोटे चरण चिह्न वाली रंगोली बना सकते हैं। लाल, पीले और सफेद रंगों का उपयोग करके बीच में दीपक रखें। यह डिजाइन श्रद्धा और भक्ति का सुंदर संदेश देता है और गुरु पूर्णिमा के महत्व को दर्शाता है।
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मोरपंख और मंडला डिजाइन
अगर आपको थोड़ी आर्टिस्टिक रंगोली पसंद है, तो मंडला पैटर्न में मोरपंख की डिजाइन बनाएं। हरे, नीले और पीले रंगों का संतुलित प्रयोग इस रंगोली को बेहद आकर्षक बना देता है। यह रंगोली मुख्य प्रवेश द्वार या आंगन के लिए एक शानदार विकल्प है।
कलश और स्वस्तिक रंगोली
गुरु पूर्णिमा की पूजा में कलश और स्वस्तिक को शुभता का प्रतीक माना जाता है। इन दोनों प्रतीकों को आधार बनाकर रंगोली तैयार करें और चारों ओर फूलों की पंखुड़ियां या रंगीन बॉर्डर बनाएं। यह डिजाइन पारंपरिक होने के साथ-साथ बेहद मनमोहक भी लगता है।
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गोलाकार रंगोली में दीप और पुष्प सजावट
अगर आप कम समय में आकर्षक रंगोली बनाना चाहते हैं, तो गोल आकार की सिंपल रंगोली तैयार करें। इसके चारों ओर छोटे-छोटे दीपक रखें और बीच में ताजे फूलों की सजावट करें। शाम की आरती के समय यह रंगोली पूरे आंगन को भक्ति और सकारात्मक ऊर्जा से भर देती है। सिंपल होने के बावजूद इसका प्रभाव बेहद सुंदर और यादगार होता है।
