एक आखिरी माफ़ी, आंखों में आंसू और 90 सेकंड का वो खौफनाक वीडियो! देहरादून में सरकारी टीचर सृष्टि की मौत के पीछे ससुराल वालों का कौन सा काला सच छिपा है? जानिए इस दर्दनाक अंत की पूरी दास्तान।
देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के शांत डोईवाला इलाके में एक ऐसी रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने समाज के दोहरे चेहरे को एक बार फिर बेनकाब कर दिया है। एक पढ़ी-लिखी सरकारी शिक्षिका, जो बच्चों का भविष्य संवारती थी, खुद अपने ही घर में एक ऐसे खौफनाक मानसिक चक्रव्यूह में फंस गई जहां से निकलने का उसे सिर्फ एक ही रास्ता सूझा—मौत का रास्ता। देहरादून शहर से महज 20 किलोमीटर दूर डोईवाला में सरकारी टीचर सृष्टि कंधारी ने फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। लेकिन मरने से पहले उन्होंने अपने मोबाइल में एक ऐसा वीडियो रिकॉर्ड किया, जो अब सोशल मीडिया पर हर देखने वाले की रूह कंपा रहा है।
द 90-सेकंड टेप: कैमरे के सामने आंसू और 35 सेकंड का वो गहरा सन्नाटा
- सृष्टि कंधारी ने जब बुधवार को मौत को गले लगाया, तो उससे ठीक पहले उन्होंने अपने जीवन के आखिरी 90 सेकंड को कैमरे में कैद किया। इस दिल दहला देने वाले वीडियो की शुरुआत बेहद भारी और रहस्यमयी सन्नाटे से होती है।
- सृष्टि कैमरे के सामने फूट-फूटकर रो रही हैं, आंसू उनके गालों से लगातार बह रहे हैं, लेकिन उनके मुंह से एक शब्द नहीं निकल रहा। पूरे 35 सेकंड तक सिर्फ सिसकियों की आवाज गूंजती है, मानो वह अंदर ही अंदर हिम्मत जुटा रही हों।
- फिर 36वें सेकंड पर वह अचानक सिसकते हुए कैमरे की तरफ देखती हैं और उनके मुंह से आखिरी शब्द निकलते हैं: "सॉरी मम्मी, मैं ऐसे जा रही हूं... सब कुछ बहुत अजीब हो गया है। मैं छह महीने से यह सब सह रही हूं... अब मैं और नहीं सह सकती। उनकी सोच कभी नहीं बदल सकती।"
- वीडियो के अंत में सृष्टि ने उस कड़वे सच का खुलासा किया जिसने उन्हें इस कदम को उठाने पर मजबूर किया। उन्होंने रोते हुए कहा कि शादी के बाद ससुराल में जो कुछ भी बुरा हुआ, उसके लिए लगातार उन्हें ही दोषी ठहराया गया। उन्हें हर रोज 'मनहूस और अशुभ' (शापित) कहकर मानसिक रूप से तोड़ा गया।
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आठ महीने पहले सजा था मंडप, फिर कैसे शुरू हुआ 'दहेज का खूनी खेल'?
यह कहानी सिर्फ छह से आठ महीने पुरानी है। पिछले साल नवंबर में सृष्टि कंधारी की शादी बड़े ही अरमानों के साथ सौरभ रतूड़ी से हुई थी। सौरभ खुद एक सरकारी महकमे में कर्मचारी है और सृष्टि भी एक सरकारी टीचर थीं। दोनों का करियर सेट था और ऊपरी तौर पर सब कुछ सामान्य लग रहा था। लेकिन बंद दरवाजों के पीछे एक भयानक साजिश चल रही थी। सृष्टि की मां द्वारा पुलिस में दर्ज कराई गई शिकायत के मुताबिक, शादी के कुछ ही हफ्तों बाद से सृष्टि का जीवन नर्क बना दिया गया था। ससुराल वाले आलीशान जिंदगी और मोटी रकम (दहेज) की मांग को लेकर उसे शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने लगे थे। ताने मारने का सिलसिला इस हद तक बढ़ गया था कि उसे हर वक्त अपशकुनी होने का अहसास कराया जाता था, जिसने अंततः एक हंसती-खेलती युवा महिला को मौत के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया।
कानून का शिकंजा: FIR में तीन नाम और फास्ट-ट्रैक जांच का सस्पेंस
बुधवार को जैसे ही पुलिस को डोईवाला के एक घर में महिला द्वारा फांसी लगाने की खबर मिली, प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। डोईवाला की सर्कल ऑफिसर वंदना वर्मा तुरंत पुलिस बल और फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम के साथ मौके पर पहुंचीं। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए गए और शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया है। पुलिस ने सृष्टि की मां की तहरीर पर तत्काल कार्रवाई करते हुए दहेज हत्या (Dowry Death) की गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। इस मामले में मुख्य आरोपी पति सौरभ रतूड़ी, सास परवीना और ननद चारू का नाम सीधे FIR में दर्ज किया गया है।
आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही पुलिस
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वीडियो फुटेज को मुख्य डिजिटल साक्ष्य के रूप में लिया गया है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। अब देखना यह है कि कानून इन दोषियों को कितनी जल्दी और कितनी सख्त सजा दिला पाता है।
जांच के बाद ही तय होगी जिम्मेदारी
फिलहाल पुलिस सभी आरोपों की जांच कर रही है। आरोपों की पुष्टि जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही होगी। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह घटना केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि यह भी याद दिलाती है कि वैवाहिक प्रताड़ना और दहेज से जुड़े आरोप आज भी गंभीर सामाजिक चुनौती बने हुए हैं। ऐसे मामलों में समय रहते शिकायत करना, परिवार और समाज का सहयोग मिलना तथा कानून का प्रभावी हस्तक्षेप कई जिंदगियां बचा सकता है।
महत्वपूर्ण सूचना: अगर आप या आपका कोई जानने वाला किसी भी प्रकार के मानसिक तनाव, अवसाद या घरेलू प्रताड़ना से गुजर रहा है, तो कृपया तुरंत मदद लें। समाज में आपकी जान बेहद कीमती है।
- वंद्रेवाला फाउंडेशन फॉर मेंटल हेल्थ: 9999666555 या help@vandrevalafoundation.com
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