Cyber Terror Case India: नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने तेलंगाना में 5 जगहों पर छापेमारी की है। यह कार्रवाई अहमदाबाद से जुड़े 2025 के एक साइबर टेररिज्म केस के सिलसिले में की गई है। एजेंसी का मकसद सबूत इकट्ठा करना है, जिसके लिए डिजिटल डिवाइस और दस्तावेजों की जांच की जा रही है।

NIA Raid Telangana: नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने सोमवार को तेलंगाना में 5 जगहों पर छापेमारी की। अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई अहमदाबाद में दर्ज 2025 के एक साइबर टेररिज्म केस के सिलसिले में की गई है। यह तलाशी एक चल रही जांच का हिस्सा है, जिसका मकसद साइबर टेररिज्म से जुड़ी गतिविधियों के सबूत इकट्ठा करना है।

तेलंगाना में NIA की तलाशी

NIA की टीमें संदिग्धों से जुड़े ठिकानों पर तलाशी ले रही हैं, जिनमें तेलंगाना का पेद्दापल्ली इलाका भी शामिल है। यह ऑपरेशन स्थानीय टीमों के साथ मिलकर चलाया जा रहा है। अधिकारियों ने कहा कि एजेंसी डिजिटल डिवाइस, दस्तावेज़ और दूसरी सामग्री की जांच कर रही है, जिससे जांच के दायरे में आए लोगों की गतिविधियों और उनके संभावित कनेक्शन का पता चल सके।

यह मामला 2025 में अहमदाबाद में सामने आई एक कथित साइबर टेररिज्म की साजिश से जुड़ा है। NIA ने इस जांच को अपने हाथ में लिया था ताकि इसमें शामिल लोगों और नेटवर्क की पहचान की जा सके और संदिग्ध गतिविधियों के बड़े असर का पता लगाया जा सके। तलाशी अभियान और बरामद सामग्री के बारे में और जानकारी का इंतजार है। एजेंसी तलाशी के दौरान मिले सबूतों के आधार पर अपनी जांच जारी रखेगी।

साइबर टेररिज्म केस का बैकग्राउंड

इससे पहले, NIA ने गुजरात के अहमदाबाद की एक स्पेशल NIA कोर्ट में आरोपी जासिम शाहनवाज़ अंसारी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। यह मामला (RC-01/2025/NIA/AMD) महत्वपूर्ण सरकारी बुनियादी ढांचे की वेबसाइटों पर 'डिनायल ऑफ सर्विस' (DoS) अटैक के जरिए साइबर आतंकवाद फैलाने से जुड़ा है।

इस केस को शुरुआत में गुजरात के एंटी टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) ने दर्ज किया था। तब एक नाबालिग (Juvenile in Conflict with Law - JCL) और आरोपी के बीच साजिश का खुलासा हुआ था। इन दोनों ने मिलकर मार्च और मई 2025 के बीच केंद्र और राज्य सरकार की कई वेबसाइटों पर कई 'डिस्ट्रिब्यूटेड डिनायल ऑफ सर्विस' (DDoS) अटैक किए थे।

आरोपों का विवरण

NIA के मुताबिक, आरोपी ने एक टेलीग्राम चैनल पर देश-विरोधी कंटेंट भी पोस्ट किया था। गृह मंत्रालय के आदेश के बाद, NIA की अहमदाबाद यूनिट ने इस मामले को फिर से दर्ज किया था।

NIA की जांच में पता चला कि आरोपी ने नाबालिग के साथ मिलकर इन हमलों को अंजाम देने के लिए एडवांस्ड हैकिंग टूल्स, अपनी पहचान छिपाने वाली टेक्नोलॉजी (जैसे वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क-VPN) और एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया था।

एंटी-टेरर एजेंसी ने कहा कि आरोपी ने इन हमलों का ऑनलाइन प्रचार भी किया। उसने पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ भारत के "ऑपरेशन सिंदूर" के जवाब में स्क्रीनशॉट और भड़काऊ मैसेज शेयर किए। उसका इरादा देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता को धमकी देना था।

NIA ने बताया कि डिजिटल फॉरेंसिक एनालिसिस से भी आरोपी की भूमिका की पुष्टि हुई है। उसने एक सोची-समझी, विचारधारा से प्रेरित साइबर हमला किया। साथ ही, वह कानून प्रवर्तन से बचने के लिए अपनी पहचान छिपाते हुए दूसरों को गैर-कानूनी साइबर तकनीकों की ट्रेनिंग भी दे रहा था।

आरोपी के खिलाफ दायर आरोप

गुजरात के नाडियाड में जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के सामने नाबालिग के खिलाफ चल रही कार्रवाई के साथ-साथ, NIA ने अब जासिम शाहनवाज़ अंसारी के खिलाफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट, 2000 की धारा 66F और भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 61(2)(a) के तहत चार्जशीट दाखिल की है।