Ram Mandir CEO Challenges : श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बुधवार को पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा के नाम पर राम मंदिर के CEO की मुहर लगा दी है। लेकिन यह जिम्मेदारी इतनी भी आसान नहीं है। आने वाले समय में उनको कई अहम कराने होगें। जो एक तरह से उनके लिए टेंशन देंगे।
अयोध्या (उत्तर प्रदेश): पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा अब राम मंदिर के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) होंगे। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बुधवार को लंबी प्रक्रिया के बाद उनके नाम का ऐलान कर दिया। जितेंद्र मिश्रा ने इस रेस में कई दिग्गजों को पीछे छोड़ते हुए यह कुर्सी हासिल कर ली। लेकिन यह जिम्मेदारी निभाना आसान नहीं है। क्योंकि राम मंदिर करोड़ो हिंदुओं की आस्था का केंद्र है। जरा सी गलती भी उन पर भारी पड़ सकती है। तो आइए जानते हैं नए सीईओ क्या काम होंगे...जो उनके सामने किसी बड़ी चिनौती से कम नहीं हैं।
1. चढ़ावा मैनेजमेंट
अयोध्या के राम मंदिर के प्रबंधन की पूरी जिम्मेदारी संभालना। रोजमर्रा के प्रशासनिक कामकाज को ठीक से चलाना। इसके अलावा दान और चढ़ावे में गड़बड़ी को रोकने के लिए आकाउंटिग सिस्टम लागू करना। फाइनेंशियल एक्सपर्ट की इस काम में मदद लेना।
2. मंदिर के कर्मचारियों का सुपरविजन
बता दें कि राम मंदिर में करीब 2000 कर्मचारी काम करते हैं। जो सफाई से लेकर सुरक्षा और मैनेजमेंट के साथ कई कामों में तैनात होते हैं। ऐसे में नए सीईओ की जिम्मेदारी उन सबके काम को देखना और बेहतर तरीके से करना पहली प्राथमिकता होगी। साथ ही सभी में आपसी तालमेल बनाकर रखना होगा। क्योंकि एक जरा सी गलती यहां बवाल काट सकती है।
3. मंदिर में क्राउड मैनेजमेंट
राम मंदिर में रोजना लाखों लोग देश दुनिया से रामलला के दर्शन करने और पूजा पाठ करने पहुंचते हैं। खासकर त्यौहारों के सामय और छुुट्टियों में यह भीड़ दोगुनी हो जाती है। ऐसे में नए सीईओ काम है कि वह पुलिस प्रशासन के साथ मिलकर लोगों को आसानी से दर्शन कराना और भीड़ पर कंट्रोल रखना होगा।
4. राम मंदिर निमार्ण पूरा करना
बता दें कि अभी भी राम मंदिर का पूरा निमार्ण नहीं हुआ है। ऐसे में नए सीईओ की पहली प्राथमिकता है कि समय रहते हुए उसे पूरा करना होगा। साथ ही ट्रस्ट के फैसले को ठीक से लागू करना होगा।
5. सरकार और ट्रस्ट के बीच आपसी संबंध
राम मंदिर के नए सीईओ की यह भी जिम्मेदारी बनती है कि वह राज्य सरकार के साथ केंद्र और राम मंदिर ट्रस्ट के बीच आपसी तालमेल बनाए रखना है। दोनों के बीच किसी तरह का कोई मतभेद नहीं होना चाहिए।
सरकार से लेकर विपक्ष तक की नजर राम मंदिर पर
बता दें कि राम मंदिर में नए सीईओ का यह बदलाव मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामला सामने आने के 3 महीने के बाद हुआ। चंदा गबन का मामला इस समय पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है। साथ ही सत्ता से लेकर विपक्ष की इस पर नजर बनी हुई हैं। इस मामले में 8 आरोपी जेल में हैं। इसके बाद 2 जुलाई को ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दे दिया था। तो ऐसे में राम मंदिर समीति और ट्रस्ट की छबि फिर से खराब नहीं हो, इस पर जितेंद्र मिक्षा को कड़ी मेहनत करनी होगी।
कारगिल से ऑपरेशन सिंदूर तक चर्चा
उत्तर प्रदेश के देवरिया के रहने वाले पूर्व एयर मॉर्शल जितेंद्र मिश्रा को अनुभवी सैन्य अधिकारी कहा जाता है। जो मैनेजमेंट और लीडरशिप में मास्टर रखते हैं। जिन्होंने देश के लिए 1999 के कारगिल युद्ध से लेकर ऑपरेशन सिंदूर तक अपनी बहादुरी दिखाते हुए कामयाबी पाई है। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर में पश्चिमी वायु कमान को लीड किया था। करीब 40 साल वायुसेना में रहे और कई महत्वपूर्ण कमांड संभाले। वह मिराज 2000 विमानों पर लेजर-गाइडेड बमों को तैनात और संचालित टीम के हिस्सा रह चुके हैं। जिन्होंने 18 घंटे विमान को लगातार उड़ाया है और कई लड़ाकू विमान उड़ा चुके हैं।


